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मुंबई
लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की मदद करके सुर्खियों में आए एक्टर सोनू सूद के घर पर हाल में आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। यह छापा करीब 4 दिन चला था। इस मामले पर सोनू सूद की ओर से जवाब आया है। अभिनेता सोनू सूद ने कहा है कि हाल ही में उनके घर छापेमारी करने पहुंचे कर अधिकारियों का उन्होंने काफी ख्याल रखा। आयकर विभाग के अनुसार, सोनू और उसके सहयोगी विदेश से धन जुटाने के दौरान 20 करोड़ रुपये की कर चोरी और विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन में शामिल थे।
हेराफेरी के आरोपों से किया इनकार 'बॉम्बे टाइम्स' से बात करते हुए सोनू ने कहा, 'मैंने टैक्स अधिकारियों को सारे डॉक्यूमेंट्स दिए हैं। यहां तक कि उनको जो चाहिए थे उससे ज्यादा दिए हैं। मेरे पास लखनऊ या जयपुर में एक इंच भी जमीन नहीं है जिसके आरोप लगाए गए हैं। जहां तक विदेशी चंदे में हेराफेरी की बात है तो कोई भी कंपनी जो 3 साल या ज्यादा सालों से रजिस्टर्ड है, उसे फंड पाने के लिए FCRA में रजिस्टर कराना होता है।
ये विदेशी चंदा नहीं बल्कि क्राउडफंडिंग से इकट्ठा हुआ पैसा है। सारी मदद सीधे क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म से अस्पताल पहुंच रही जहां जरूरतमंदों का इलाज किया जा रहा है या एजुकेशन के लिए मदद दी जा रही। यह आरोप ही गलत है क्योंकि पैसा ना तो इंडिया में आया है और ना ही मेरे फाउंडेशन में। मेरे अकाउंट में एक डॉलर तक नहीं आया है। 'हमने सारे दस्तावेज इनकम टैक्स अधिकारियों को सौंप दिए' सोनू ने बताया कि मेरे ऊपर एफसीआरए का उल्लंघन करने का आरोप सरासर गलत है, क्योंकि धन भारत या मेरे फाउंडेशन में आया ही नहीं। मेरे अकाउंट में एक डॉलर या सेंट या एक पैसा भी नहीं आया। हमने जिन जिन लोगों का इलाज करवाया उससे संबंधित सारे डिटेल्स हमारे पास है। जैसे हॉस्पिटल, डॉक्टर, यहां तक कि उनके पैन नंबर, फोन नंबर भी हमने अधिकारियों को मुहैया करवाया। हमारे पास हर एक चीज रिकॉर्ड में है, जैसे हमने किसकी मदद की, कैसे की? हमने सारे दस्तावेज इनकम टैक्स अधिकारियों को सौंप दिया।
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