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आज नवरात्रि का छठा दिन है. नवरात्रि (Navratri) के छठे दिन मां दुर्गा (Maa Durga) के स्वरूप माता कात्यायनी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि मां कात्यायनी (Maa Katyayani) की पूजा करने से शादी में आ रहीं सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और भगवान बृहस्पति प्रसन्न होकर विवाह का योग बना देते हैं. यह भी माना जाता है कि अगर सच्चे मन से मां की पूजा की जाए तो वैवाहिक जीवन में सुख-शांति भी बनी रहती है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक माता कात्यायनी की पूजा अर्चना से भक्त को अपने आप आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां मिल जाती हैं. साथ ही वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है भक्त. मां कात्यायनी की उपासना से रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं, ऐसी मान्यता है.
पूजा विधि: भक्तों को सूर्योदय से पहले उठकर स्नानिद से निवृत होकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां कात्यायनी की मूर्ति स्थापित करें। मां को रोली और सिंदूर का तिलक लगाएं। फिर मंत्रों का जाप करते हुए कात्यायनी देवी को फूल अर्पित करें और शहद का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। बाद में दुर्गा चालीसा का पाठ कर, आरती करें। आखिर में प्रसाद सभी लोगों में बांट दें।
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