Friday, 22 October 2021

भारत - बांग्लादेश सद्भावना रैली में शामिल हुए सभापति, दिया शांति, भाईचारा और सद्भावना का संदेश

भारत - बांग्लादेश सद्भावना रैली में शामिल हुए सभापति, दिया शांति, भाईचारा और सद्भावना का संदेश

रायपुर
भारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव 75 वां एकदिवसीय 3000 किमी साइकल यात्रा एवम बांग्लादेश  मुक्ति की स्वर्ण जयंती का कार्यक्रम भारत - बांग्लादेश सद्भावना रैली का आयोजन किया गया है। यह साइकिल रैली महाराष्ट्र की अहमद नगर से निकलकर  गुरुवार को रायपुर पहुंची। सुंदरनगर में नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे  द्वारा इसका स्वागत किया गया।  

महाराष्ट्र के अहमद नगर  से आए हुए 25 महिला एवम 70 पुरुष  उत्साहवर्धन करते हुए प्रमोद दुबे साइकिल रैली में शहर जिला कांग्रेस कमेटी एवम  नो वेहीकल डे के सभी साथियों के साथ साइकिल में कंधे से कंधा मिलाकर  भारत जोड़ो -भारत जोड़ो छत्तीसगढ़ की कामना -बनी रहे सद्भावना जात पात की बात छोड़ो - भारत जोड़ो भारत जोड़ो के नारे लगाते हुए रायपुर शहर को सद्भावना,प्रेम भाईचारे एवम शांति  का संदेश देते हुए सुंदरनगर ,लाखे नगर ,पुरानी बस्ती होते हुए बूढ़ा तालाब पहुंची। यहां परआयोजित कार्यक्रम में  रायपुर  पद्मशाली समाज के अध्यक्ष गोपाल पद्मवार ,तथा समाज के सदस्य द्वारा बूढ़ा तालाब में भव्य स्वागत कर लोगो को सम्मानित किया गया। यह रैली महाराष्ट्र से छतीशगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश, झारखंड ,बिहार ,ओड़ीसा होते हुए बांग्लादेश के नवाखली में रैली का समापन होगा।

इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बाकर अब्बास,महामंत्री अविनय दुबे, निर्मल पांडे, शहर सचिव मुन्ना मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत ठेंगड़ी , नवीन चंद्राकार,शहर प्रवक्ता  बंशी कन्नौजे , वार्ड अध्यक्ष - सुयश शर्मा,राजेश यदु, सुनील ध्रुव, सागर वानखेड़े, मलिका प्रजापति, डोमन चौहान, डा. विष्णु राजपूत, लीलाधर वैष्णव, नीलमणि ,  एवम बड़ी संख्या में नो व्हीकल डे के सभी सदस्य साइकिल में भारत बांग्लादेश सद्भावना साइकिल रैली में आए हुए लोगो का रैली में शामिल होकर उत्साह बढ़ाया। 

Friday, 8 October 2021

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में पहली बार सिजेरियन से प्रसव कराया गया

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में पहली बार सिजेरियन से प्रसव कराया गया

 

रायपुर
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में गत दिवस प्रथम बार सिजेरियन से प्रसव कराया गया। जिसमें सी.एच.सी प्रभारी डॉ अंजना लाल (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ हेमंत चंद्रवंशी (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ,डॉ अनुज गौतम (शिशु रोग विशेषज्ञ) ,ओ.टी स्टाफमसीह, विष्णु साहू स्टाफ नर्स, मितानिन ए.एन.एम का विशेष सहयोग रहा।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा रही है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल के कुशल नेतृत्व में सामान्य प्रसव में वृद्धि के साथ-साथ जो शहरी क्षेत्र में सीएचसी हैउनमें भी प्रसव गुणवत्ता सुविधा शुरू किए जाने की पहल की गई। उनके द्वारा सभी सी.एच.सी (ब्लॉक एवं शहर) को पूर्व में निर्देशित किया गया था कि अगर गर्भवती में कुछ कॉम्पलीकेशन है और सामान्य प्रसव नही हो पा रही है तो कहीं भी जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ है और ओ.टी है उन स्वास्थ्य केन्द्रों में सिजेरियन प्रसव कराना है। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव सामान्य प्रसव के लिए भी जाना जाता है। वहां प्रतिदिन औसत दो से तीन तथा माह में करीब पच्चहतर प्रसव उस क्षेत्र की ए.एन.एम, मितानिन और सुपरवाइजर के सहयोग से होता है। जिले का यह प्रथम अवसर है जब शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सिजेरियन से प्रसव कराया गया है।

गर्भवती श्रीमती नंदनी ध्रुव पतिकरण ध्रुव बिरगांव निवासी अपने गर्भावस्था के प्रथम तिमाही से ही शहरी स्वास्थ्य केन्द्र की ए.एन.एम सरस्वती बारले से अपना टीकाकरण करवा चुकी थी। जिसे क्षेत्र के मितानिन रेवती वर्मा ने प्रेरित करके लाया था। अपने नियमित प्ररिक्षण एवं सोनोग्राफी के रिपोर्ट के आधार पर उसका सामान्य प्रसव होना संभव नहीं था और वह आर्थिक आधार पर भी इतनी सक्षम नहीं थी कि किसी निजी अस्पताल में अपना सिजेरियन करवा सके। तब उन्हें सी.एच.सी बिरगांव से उम्मीद जगी और स्टाफ पर पूरा भरोसा करके उन्होंने निर्णय लिया। धु्रव दंपत्ति को प्रथम पुत्र संतान की प्राप्ति से बेहद खुशी मिली। ध्रुव दंपत्ति ने इस सफल आपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग को धन्यावाद ज्ञापित किया।

मेघा-सिंगपुर-दुगली सड़क का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

मेघा-सिंगपुर-दुगली सड़क का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

 

धमतरी
नगरी वनांचल की गोद में बसे ग्राम दुगली से सिंगपुर-मेघा तक 35.2 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जाने वाली इस सड़क से क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में वर्तमान में यह सड़क तीन मीटर चौड़ी है। समय की मांग को देखते हुए आवश्यकता महसूस की गई कि इस सड़क का उन्नयन और मजबूतीकरण किया जाए। इसके परिणामस्वरूप सिहावा विधानसभा के मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग का दो भाग में काम किया जाएगा। कार्यपालन अभियंता लोक निर्माणध्रुव बताते हैं कि मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग 1/2 से 14/10 तक कुल 12 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन और नवीनीकरण 25 करोड़ 73 लाख 70 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। इसके साथ ही मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग 15/2 से 38/2 तक की 23 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण भी किया जाएगा। इसके लिए कुल 44 करोड़ 88 लाख 80 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है।

गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्रीभूपेश बघेल ने गत माह आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान जिन 11 विकास कार्यों का जिले में भूमिपूजन और लोकार्पण किया, इनमें यह सबसे बड़ा काम है।  इस सड़क को अब एक लेन से दो लेन बनाने की योजना है। 70 करोड़ 52 लाख 50 हजार की लागत से इस 35 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन बनाया जाएगा। फिलहाल यह तीन मीटर चौड़ी सड़क है, इसे अब सात मीटर चौड़ा करने की योजना है। इससे 10 गांव की लगभग 13 हजार 743 की आबादी को सीधा-सीधा लाभ पहुंचेगा और आवागमन की सुगम सुविधा मुहैय्या होगी। यह मार्ग कुरूद-मेघा-मगरलोड (मुख्य जिला मार्ग) मार्ग से शुरू होकर राजनांदगांव, गुण्डरदेही, धमतरी, नगरी, सिहावा, बोरई मार्ग (राज्य मार्ग क्रमांक 23) के ग्राम दुगली में मिलती है। दुगली निवासीसंतोष सोरी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती झुलेश्वरी सोरी खुश हैं कि सड़क बनने से अब रिश्तेदारों से मिलने मुड़केरा बड़े भाई के पास जाने और रायपुर जाने में सुविधा होगी। इसी तरह दुगली में हीशोभाराम मंडावी की छोटी सी दुकान है, वे तथा उनकी दुकान पर पहुंचेआकाश कुमार सलाम बताते हैं कि सड़क चौड़ी होने की खबर पेपर में पढ़ खुशी हुई, क्योंकि अब मेघा तथा रायपुर जाने में आसानी होगी और समय भी बचेगा।

ग्रामीण बताते हैं कि नगरी और मगरलोड के सुदूर वनांचल क्षेत्रवासियों के लिए राजधानी रायपुर के लिए यह न्यूनतम दूरी का मार्ग है। इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र में आने वाले समय में  कृषि, व्यापार, शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं प्रबल होंगी और तरक्की की नई दास्तान लिखी जाएगी। दस गांव जिनकी 13, 743 बसाहट को लाभ पहुंचेगा उनमें मेघा, सिंगपुर, दुगली के अलावा करेली छोटी, छिपली, मोहंदी, कुसुमखुंटा, बिरझुली, आलेखुंटा, बासीखाई शामिल हैं।

कवर्धा की घटना सच जल्द सब के सामने आएगा-मुख्‍यमंत्री बघेल

कवर्धा की घटना सच जल्द सब के सामने आएगा-मुख्‍यमंत्री बघेल

 रायपुर
 छत्‍तीसगढ़ में बीते दिनों कवर्धा में हुई घटना को लेकर सियासत का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के सदस्‍यों ने बुधवार को कवर्धा में बीते दिनों हुई घटना में पीडि़त परिवार से मिलने के लिए गए थे। इसी घटना के बाद प्रदेश के मुखिया सीएम बघेल ने कहा कि छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा में छोटी सी घटना को बड़ा रूप देने की साजिश की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि जल्द ही इस घटना का सच सबके सामने आ जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में वे खुद इसकी जानकारी सभी लोगों के साथ साझा करेंगे। यह बातें मुख्यमंत्री निवास पर गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एक सवाल के जवाब मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने कहीं। बघेल ने प्रेसवार्ता में कहा कि हमारा प्रदेश शांति प्रिय है। प्रदेश की शांति भंग करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। यह अपराध है। यहां इस तरह की घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भाजपा के प्रतिनिधि मंडल को वहां जाने से रोके जाने के सवाल पर मुख्‍यमंत्री बघेल ने कहा कि हम शांति व्यवस्था को बिगड़ने देना नहीं चाहते।


इसके अलावा लखीमपुर खीरी के किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा के बाद इस घोषणा को लेकर विपक्ष की तरफ से उठ रहे सवालों पर भूपेश बघेल ने अपनी बात रखी। भूपेश बघेल ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना की तुलना दूसरी किसी घटना से नहीं की जा सकती। वहां किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई।

Thursday, 7 October 2021

पदयात्री श्रद्धालुओं का डोंगरगढ़ दर्शन करने जाने पर लगा प्रतिबंध

पदयात्री श्रद्धालुओं का डोंगरगढ़ दर्शन करने जाने पर लगा प्रतिबंध

 

दुर्ग
गुरूवार से प्रारंभ हो रही शारदीय नवरात्री में डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी देवी दर्शन के लिये पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं पर पुलिस ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। रतनपुर महामाया मंदिर के बाद अब डोंगरगढ़ देवी दर्शन के लिये जाने वालों को अपनी दोनों वक्सीनेशन की रिपोर्ट के साथ ही कोविड रिपोर्ट भी साथ में रखना होगा इतना ही नहीं श्रद्धालुओं को दर्शन के लिये पहले मंदिर के पोर्टल पर अपनी पंजीयन कराना अनिवार्य होगा तभी वे दर्शन का लाभ ले सकते हैं।

उल्लेखनीय हे कि कोरोना संक्रमण काल से नवरात्र में मंदिरों में श्रद्धालुजनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ था। प्रतिबंध समाप्त करने के बाद शासन ने इसकी जवाबदेही मंदिर ट्रस्ट और पंडाल समितियों पर तय की है जिसकी पूरी व्यवस्था उन्हें करनी है ताकि कोई संक्रमित ना आ सके और इसकी रोकथाम हो सके। इसी के चलते दुर्ग पुलिस ने पदयात्री श्रद्धालुओं के जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 वेक्सीन के दोनो डोज लगे होने का सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा वेक्सिनेशन सर्टिफिकेट नही होने की स्थिति में भक्तगण 72 घंटे पूर्व कराये गये आई.टी.पी.सी.आर./एण्टीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर अपने वाहन से डोंगरगढ़ की ओर प्रस्थान कर सकते है। दर्शनार्थियों को कोविड प्रोटोकाल/गाईडलाईन के तहत मास्क, सेनेटाईजर, सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णत: पालन करना होगा। श्रद्धालुओं को कोविड निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखाने पर ही मंदिर में प्रवेश दिया जावेगा। नवरात्रि के दौरान प्रतिवषार्नुसार मेला व मीनाबाजार व प्रदर्शनी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।

दर्शनार्थियों को ऊपर मंदिर/नीचे मंदिर दर्शन हेतु पूर्व से ही मॉ बम्लेश्वरी ट्रस्ट के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा जिसमें दोनो मंदिर दर्शन के लिए पृथक-पृथक समय आबंटित कर दर्शन की अनुमति दी जायेगी। बिना रजिस्ट्रेशन प्रवेश नही दिया जायेगा। पोर्टल का लिंक निम्नानुसार है-ई पास डॉट बमलेश्वरी डॉट ओराजी पर जाकर अपनी पंजीयन करा सकते हैं।

गांव में दूध की कमी ने अमीरचंद को बनाया सफल डेयरी उद्यमी, हर महीने 15 से 20 हजार रूपये कमाते हैं अमीरचंद

गांव में दूध की कमी ने अमीरचंद को बनाया सफल डेयरी उद्यमी, हर महीने 15 से 20 हजार रूपये कमाते हैं अमीरचंद

 

बलरामपुर
गांव में शुद्ध दूध की कमी और डेयरी उद्योग में असीम संभावनाओं कोे अवसर के रूप में लेते हुए विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के भंवरमाल निवासी श्री अमीरचंद गुप्ता सफल उद्यमी बन अच्छी आमदनी कर रहे हैं। अमीरचंद बासमती डेयरी फार्म के संचालक व एक सफल उद्यम है जो निरंतर अपने डेयरी के विस्तार के लिए प्रयासरत् है। 70 वर्षीय ऊर्जावान अमीरचंद ने यह फार्म पशुधन विकास विभाग के राज्य उद्यमिता विकास योजना के सहयोग से स्थापित किया है। अमीरचंद बताते हैं कि वर्ष 2016 में उन्हें योजना के बारे में पता चला और उन्होंने डेयरी फार्म प्रारंभ करने का फैसला लिया। उम्र दराज होने के कारण पहले मुझे घर वालों ने डेयरी फार्म शुरू करने से मना किया, परन्तु मेरे गांव व घर में शुद्ध दूध की उपलब्धता हो सके और मैं आत्मनिर्भर बन सकूं, यही सोचकर मैंने नजदीकी पशु चिकित्सालय रामानुजगंज में डेयरी उद्यमिता विकास योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

योजना के अंतर्गत मैंने 12 लाख रूपए बैंक से लोन लिया, लोन मिलने के बाद मैंने योजना अनुरूप 1.5 लाख रूपए की लागत से 15 पशुओं के लिए आवास बनवाया, पानी की व्यवस्था हेतु बोर खनन तथा सबमरसिबल में कुल 1 लाख रूपए खर्च हुए। तत्पश्चात् 9 लाख रूपए में 15 भारतीय उन्नत नस्ल के गाय खरीदे और सभी गायों का बीमा कराया तथा योजना के अनुसार गोबर से वर्मी खाद बनाने के लिए 50 हजार रूपए की लागत से वर्मी टांका भी बनवाया। इस प्रकार कुल 12 लाख की लागत से बासमती डेयरी फार्म की शुरूआत हुई। डेयरी फार्म कार्यशील होने पर डेयरी के भौतिक सत्यापन उपरांत योजनानुरूप मुझे अंशदान की राशि 6 लाख रूपये अर्थात् 50 प्रतिशत राशि पशुधन विकास विभाग बलरामपुर से प्राप्त हुआ। पहले ही साल फार्म से प्रतिदिन औसत 70 से 80 लीटर दूध उत्पादन होने लगा जिससे डेयरी संचालन खर्च, बैंक लोन का ईएमआई आदि चुकाने के बाद मुझे लगभग 10 से 12 हजार रूपए प्रति माह लाभ मिल रहा था।

पशुधन विकास विभाग द्वारा डेयरी के गायों में किए गये कृत्रिम गर्भधान से उन्नत नस्ल के बछड़े एवं बछिया के होने से दूसरे एवं तीसरे साल से मुझे दूध के साथ-साथ बछड़े, बछिया एवं वर्मी खाद बेचकर आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में 15 से 20 हजार रूपए प्रति माह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है तथा मेरे पास गाय एवं बछिया मिलाकर कुल 24 पशु है। अमीरचंद पशुधन विकास विकास विभाग की योजना से लाभान्वित होकर एक सफल उद्यमी बन कार्य कर रहे हैं, साथ ही उन्हें घर वालों का पूरा सहयोग मिल रहा है। 70 वर्षीय ऊर्जावान अमीरचंद डेयरी फार्म के संचालक जिले के अन्य पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा के स्त्रोत बनकर आगे आये हैं तथा अन्यों को भी प्रोत्साहित कर रहे है।

Wednesday, 6 October 2021

नरवा विकास योजना: राज्य के तीनों टाईगर रिजर्व में लगभग 19 करोड़ रूपए की राशि से डेढ़ लाख संरचनाओं का हो रहा निर्माण

नरवा विकास योजना: राज्य के तीनों टाईगर रिजर्व में लगभग 19 करोड़ रूपए की राशि से डेढ़ लाख संरचनाओं का हो रहा निर्माण

 

रायपुर
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नरवा विकास योजना‘ के तहत तीनों टाईगर रिजर्व के अंतर्गत 112 किलोमीटर लम्बाई के 15 अलग-अलग नरवा में 01 लाख 41 हजार 539 भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनके निर्माण के लिए कैम्पा की वार्षिक कार्य योजना 2020-21 के तहत 18 करोड़ 52 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है। राज्य के अचानकमार, उदन्ती सीतानदी तथा इन्द्रावती टाईगर रिजर्व में इन संरचनाओं के निर्माण से टाईगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत 19 हजार 843 हेक्टेयर भूमि उपचारित होगी।

इनमें वन मंडल बिलासपुर अंतर्गत अचानकमार टाईगर रिजर्व लोरमी में 36 किलोमीटर लम्बाई के 07 अलग-अलग नरवा में 8 करोड़ 68 लाख रूपए की राशि से 7 हजार से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। जिनमें से चिरका पहाड़ नाला, बाघदुग्ध नाला, कन्हैया नाला, गोई नाला, सूखानाला, छोटे ठोडा पानी नाला तथा चकदा नाला में निर्माण प्रगति पर है। इनमें लूज बोल्डर चेकडेम, ब्रशवुड चेक डेम, कन्टूर ट्रेच, स्टाप डेम, डबरी, तालाब, अरदन डेम, अरदन गली प्लग, गेबियन संरचना तथा 30-40 मॉडल आदि संचरचनाओं का निर्माण शामिल हैं।

इसी तरह गरियाबंद वनमंडल अंतर्गत उदन्ती सीतानदी टाईगर रिजर्व में 22 किलोमीटर लम्बाई के दो अलग-अलग नरवा में डेढ़ करोड़ रूपए की राशि से 459 भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है। इनमें मेन्डा नाला तथा धोबन नाला में विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा बीजापुर वनमंडल के अंतर्गत इन्द्रावती टाईगर रिजर्व में 54 किलोमीटर लम्बाई के छह अलग-अलग नरवा में 8 करोड़ 35 लाख रूपए की राशि से 01 लाख 34 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें इडकापल्ली नाला, बालीफूल नाला, भादू नाला, एटल नाला, मासेगुण्डा नाला तथा गुदमा नाला में विभिन्न संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है।

Wednesday, 29 September 2021

मोबाइल मेडिकल यूनिट की बन गई है अस्पताल के रूप में पहचान

मोबाइल मेडिकल यूनिट की बन गई है अस्पताल के रूप में पहचान

 

रायपुर
गरीबों को उनके घरों के आसपास नि:शुल्क इलाज देने औैर जीवन को स्वस्थ बनाने शुरू की गई मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से बीते लगभग 11 माह में 9 लाख से अधिक लोगों का इलाज हो चुका है। योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीब बस्तियों में एक अस्पताल के रूप में पहचान बनाती जा रही है। स्लम बस्तियों में एमएमयू की बढ़ती आमद और समय पर लगने वाले कैम्प ने यहां रहने वाले गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को अपने शरीर को स्वच्छ रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी प्रेरित करने का काम किया है। पैसा नहीं होने या फिर अस्पताल दूर होने की बात सोचकर जो बीमार व्यक्ति  अस्पताल नहीं जा पाते थे। आज उन्हें अपनी गली मुहल्ले में ही डॉक्टरों की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशन में और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के निर्देशन में 1 नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगमों में प्रारंभ हुई इस योजना से अभी तक 9 लाख 32 हजार से अधिक मरीजों को उपचार हो चुका है। यहां उपचार कराने वाली मीना हरपाल, सुशीला देवांगन और संगीता यादव का कहना है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट किसी अस्पताल से कम नहीं है। इसमें डॉक्टर सहित दवाइयां, लैब जांच की व्यवस्था है। हमने कई बार बीमार होने पर एमएमयू-दाई-दीदी क्लीनिक में अपना उपचार कराया है। जब यहां आते हैं तो ऐसा लगता है कि हम अपने घर के पास ही किसी अस्पताल या क्लीनिक में आ गए हैं।   

सबसे अधिक रायपुर के लोगों का हुआ उपचार और मिली दवाइयां
1 नवम्बर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगम में शुरू हुई 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग 15 हजार 166 शिविर स्लम क्षेत्रों में लगाई गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट से  9 लाख 32 हजार  253 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जिसमें रायपुर में सबसे अधिक 3975 शिविर में 2 लाख 36 हजार 143 मरीज लाभान्वित हुए हैं और 213712 मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 1831 कैंप में 111803, बिलासपुर में 1063 कैंप में 82367, दुर्ग में 1061 कैंप में 66581 और राजनांदगांव में 1059 शिविर में 68133 मरीज लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह भिलाई में 794 कैंप में 54945, रिसाली में 534 कैंप में 32860 भिलाई चरोदा में 527 कैंप में 30802, अंबिकापुर में 941 कैंप में 60654, जगदलपुर में 992 कैंप में 48969 रायगढ़ में 975 कैंप में 55021, कोरिया चिरमिरी में 433 कैंप में 19455, बीरगांव में 496 कैंप में 29049 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

7 लाख 86 हजार 334 को दवा वितरित
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 11 माह में 7 लाख 86 हजार 334 मरीजों को दवाओं को वितरण किया गया है। रायपुर में सर्वाधिक 2 लाख 13 हजार 712, बिलासपुर में 78575, कोरबा में 72536, भिलाई में 51510, दुर्ग में 57447, राजनांदगांव में 65064, रायगढ़ में 53433, अंबिकापुर में 42838, बीरगांव में 23442, रिसाली में 24274, भिलाई चरोदा में 25672, चिरमिरी में 12079, जगदलपुर में 38917 मरीजों को दवाइंयों का वितरण किया गया है।

1 लाख 91 हजार 293 मरीजों का हुआ लैब टेस्ट
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 15166 कैंपों में लगभग 1 लाख 91 हजार 293 मरीजों का लैब टेस्ट भी किया गया है। सबसे अधिक रायपुर नगरीय क्षेत्र के 48390 मरीजों का लैब टेस्ट हुआ। बिलासपुर में 10804, कोरबा में 19696, अंबिकापुर में 16104, दुर्ग में 11167, भिलाई में 10692 और राजनांदगांव में 14992 मरीजों का लैब टेस्ट हुआ है।

प्रति एमएमयू 61 मरीजों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्लम इलाकों में शिविर लगाकर मरीजों का इलाज एवं स्वास्थ्य जांच की जाती है। शिविर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों का औसत देखे तो प्रति एमएमयू 61 मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है। दाई-दीदी क्लीनीक के माध्यम से प्रति एमएमयू 67 महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।

दाई-दीदी क्लीनिक में 749 कैंपों में 50358 महिलाएं हुई लाभान्वित
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत संचालित दाई-दीदी क्लीनिक देश की ऐसी पहली योजना है जिसमें महिला चिकित्सक से लेकर अन्य सभी स्टाफ महिलाएं है। महिलाओं द्वारा महिलाओं के इलाज होने से स्लम सहित आसपास की महिलाएं बेझिझक अपना उपचार करा पाती है। दाई-दीदी क्लीनिक में 749 कैंपों में 50358 महिलाएं इससे लाभन्वित हुई है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट की संख्या बढ़ाने के साथ बढ़ाई जाएगी उपचार सुविधा
स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक अस्पताल के रूप में अपनी पहचान बना चुके मोबाइल मेडिकल यूनिट की लोकप्रियता और स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए इसके विस्तार की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस पहल से सभी निकायों में रहने वाले जरूरमंद और गरीब परिवारों का उपचार और भी आसान हो जाएगा। वर्तमान में 14 नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही है। पहले चरण में रायपुर में 15, कोरबा में 8, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर, अम्बिकापुर में 4-4, भिलाई में 3 और रिसाली, भिलाई चरोदा, धमतरी, बिरगांव, चिरमिरी में 2-2 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित है। दूसरे चरण में जिलावार 155 निकायों को भी इस योजना से लाभान्वित करने और 60 नए मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित करने की तैयारी की गई है। योजना के तहत बलौदाबाजार भाटापारा,रायगढ़ में 4, रायपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव, बालोद,बिलासपुर और कोरिया में 3-3 जांजगीर-चाम्पा में 6, बेमेतरा, दुर्ग, मुंगेली, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में 2-2 ,गरियाबंद, कोरबा, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, सरगुजा, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा सहित बीजापुर में 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन कर योजना का विस्तार किया जाएगा।

Friday, 24 September 2021

39 हाथियों का दल खडगावां वन परिक्षेत्र के मंगोरा मे कर रहा विचरण

39 हाथियों का दल खडगावां वन परिक्षेत्र के मंगोरा मे कर रहा विचरण

 

कोरिया
35 वयस्क हाथी के साथ चार शावको का एक विशाल झुंड ग्राम  मांगोरा , तेंदूडांड, जोगी पोखरी के मध्य विचरण कर रहा है। बताया जा रहा है कि हाथी कोरबा जिले के पासान होते हुए बैकुंठपुर वन मंडल के वन परिक्षेत्र खंडगवा के जरौधा अंधियारिबहरा , भुजबूल डांड कर्री छप्पर कटकोना के आसपास विचरण कर रहा है 39 हाथियों का दल काफी बड़ा दल है और बीती रात हाथियों के दल ने एक ग्रामीण को घायल किया और दो घरों को नुकसान पहुंचाया घायल को जिला अस्पताल  में  भर्ती कराया गया और उसका  डॉक्टरी उपचार  चल रहा हैं  घायल के देखरेख में वन परिक्षेत्र अधिकारी व स्टाफ लगे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार कोरिया वन मंडल के पड़ोसी जिला कोरबा से हाथियों का दल खडगांवा वन परिक्षेत्र के मंगोरा करीर्छापर कटकोना के  आसपास विचरण कर रहा था मध्य रात्रि को हाथियों का दल रहवासी क्षेत्रों में प्रवेश किया जिसकी जानकारी प्राप्त होते  ग्रामीणों ने हल्ला मचा करके हाथियों के दल को खदेड़ा इस बीच एक ग्रामीण दतैल हाथी के चपेट में आ गया। जिसे दतैल हाथी ने ग्रामीण को हवा मे फेक दिया। जिससे वह घायल हो गया वन अमला और  ग्रामीण जनों के  हो हल्ला से  हाथी घायल ग्रामीण को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। घायल को वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुन सिंह के द्वारा समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया घायल का इलाज जारी है वही  घायल ग्रामीण को देखने एसडीओ मैडम अस्पताल पहुचें। और घायल का हाल जाना वही वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुन सिंह के द्वारा अस्पताल पहुंचकर के घायल के स्वास्थ्य का जायजा लिया और उसके परिजनों को 10000 की सहायता राशि दी  गयी। घायल का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है और हाथी के एक-एक मुमेंट की खबर वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा उच्च अधिकारी के साथ साथ मिडिया को भी दिया जा रहा है वनपरिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा जंगल में स्टाफ तैनात कर दिया गया हैं।

वन परिक्षेत्र अधिकारी के अनुसार हाथी अभी मांगोरा  तेंदूडांड, जोगी पोखरी के मध्य विचरण कर रहा है वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा आशंका जताई जा रही है कि हाथियों का दल सलका बेलबहरा, पेनारी होते हुए मरवाही वन मंडल के तरफ कुच कर सकता है  अब तक हाथियों की पल-पल की खबर रेंजर के द्वारा दी जा रही है गांव वाले से भी वन परिक्षेत्राधिकारी अर्जुन सिंह ने अपील किया है की हाथियों के आने से  किसी भी प्रकार का शोर गुल  ना करें और न ही उन्हे पत्थर से य गुलेल से ना मारे ऐसा करने से हाथी अक्रामक हो जाऐगें और हाथी आपके दिशा मै ही लौटेगें जिससे जनहानी हो सकती है। जिनके घर जंगल के समीप हैं वह आंगनबाड़ी या समुदायिक भवन या ग्राम पंचायत में उनके रहने की व्यवस्था की  गई है शाम होने से पहले  ही ग्रामीण जन अपने कच्चे मकान को छोड दें  और सरकारी भवन मे आ कर रूके।

Thursday, 23 September 2021

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपित को 10 साल कैद

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपित को 10 साल कैद

 

बिलासपुर
जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी के साथ शादी करने का झांसा देकर जबरिया दुष्कर्म करने के आरोपित को दस साल कैद व पांच सौ स्र्पये जुर्माने की सजा सुनाई है।

सरकंडा क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि मूलत: तखतपुर क्षेत्र के ग्राम मोढ़े निवासी दीपक उर्फ पुस्र्षोत्तम धुरी पिता दुर्गाप्रसाद धुरी (28) पड़ोस में अपने रिश्तेदार के यहां आता था। घटना 11 मार्च 2019 की है। जब उसके रिश्तेदार घर में नहीं थे। तभी मौका पाकर दीपक उसे अपने घर बुलाकर ले गया। इस दौरान उसके साथ शादी करने का झांसा देकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया।

इसके बाद से वह लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा। बाद में उसने विवाद करते हुए शादी करने से इन्कार कर दिया। इससे परेशान होकर किशोरी ने 13 दिसंबर 2019 को किशोरी ने सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने आरोपित दीपक के खिलाफ धारा 376, 417, व 4-6 पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया। इस बीच पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

फिर मामले की जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (पाक्सो) में हुई। इस दौरान आरोपित को दोष सिद्ध पाया गया। लिहाजा, कोर्ट ने उसे दस साल कैद व पांच सौ स्र्पये जुर्माने की सजा सुनाई है।

पीड़िता किशोरी को नहीं पता था कि आरोपित शादीशुदा है। लेकिन, जब आरोपित की पत्नी रिश्तेदार के यहां आई। तब किशोरी को पता चला कि दीपक की शादी हो चुकी है। इस पर दीपक ने उससे शादी कर अलग रखने की बात कही। लेकिन बाद में किशोरी ने शादी करने के लिए दबाव बनाया। तब उसने धमकी देते हुए शादी करने से इन्कार कर दिया।

धान खरीदी में बाधा डालने की भाजपा की और क्या-क्या तैयारी है, धरमलाल कौशिक बतायें

धान खरीदी में बाधा डालने की भाजपा की और क्या-क्या तैयारी है, धरमलाल कौशिक बतायें

रायपुर
धरमलाल कौशिक बतायें कि धान खरीदी में बाधा डालने की भाजपा की और क्या-क्या तैयारी है? मोदी सरकार और क्या-क्या किसान विरोधी कदम उठाने जा रही है ताकि उसकी भी तैयारी छत्तीसगढ़ के किसान की जा सकें। ऐसे बयान देकर और किसानों के हित में काम कर रही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर तथ्यहीन आरोप लगाकर धरमलाल कौशिक किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की केंद्र सरकार ने हर छत्तीसगढ़ विरोधी, किसान विरोधी, धान विरोधी कदम उठाकर देख तो लिया। 2018-19 में किसानों को 2500 रुपए धान का दाम छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने दिया, इस पर भाजपा की केंद्र सरकार ने रोक लगाई। 2019-20 वर्ष में पहले 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का आदेश देकर बाद में राजनैतिक कारणों से छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल खरीदी से इंकार किया। जब राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ मिला तो जो चावल खरीदी का 60 लाख टन कोटा का भाजपा की केन्द्र सरकार ने घटा दिया। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को परेशान करने के लिए आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए चावल लेने पर यह रोक भाजपा की केंद्र सरकार ने लगायी। भाजपा की केंद्र सरकार ने जब छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल नहीं खरीदा और जब छत्तीसगढ़ सरकार ने चावल से एथेनाल बनाकर किसानों के उत्पाद के उपयोग का एक बेहतर रास्ता निकाला जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और आम लोगों को सस्ता ईंधन मिलेगा तो केंद्र सरकार ने इथेनाल प्लांट की अनुमति देने से इंकार कर रही है।

त्रिवेदी ने कहा है कि 2020-21 में बारदाना सप्लाई में बाधा केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा डाली गई। धरमलाल कौशिक के बयान से स्पष्ट है कि इस साल फिर से बारदाना देने पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। 2020-21 में धान उगाने वाले किसानों को खाद मिलने में अड़चन केवल भाजपा की केंद्र सरकार के कारण हुई है। 11.50 लाख खाद की मांग छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किया था जुलाई-अगस्त में खाद की ज्यादा जरूरत होती है। उसमें से सिर्फ 6.5 लाख ही खाद केंद्र की भाजपा सरकार ने दिया। धरमलाल कौशिक को बताना चाहिये कि मोदी सरकार क्या-क्या किसान विरोधी कदम उठाने जा रही है ताकि उसकी भी तैयारी छत्तीसगढ़ के किसान कर सकें। किसान विरोधी तीन काले कानूनों और स्वामिनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू नहीं करने की अगली कड़ी में क्या है? 

राज्य में अब तक लगाए गए 1.74 करोड़ टीके

राज्य में अब तक लगाए गए 1.74 करोड़ टीके

 

रायपुर
कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश में अब तक (21 सितम्बर तक) एक करोड़ 74 लाख 40 हजार 152 टीके लगाए गए हैं। प्रदेश के एक करोड़ 29 लाख 18 हजार 724 लोगों को इसका पहला टीका और 45 लाख 21 हजार 428 को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं। प्रदेश में तीन लाख दस हजार 208 स्वास्थ्य कर्मियों, तीन लाख 18 हजार 104 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 56 लाख 46 हजार 848 और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के 66 लाख 43 हजार 564 नागरिकों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगाया जा चुका है। वहीं दो लाख 57 हजार 299 स्वास्थ्य कर्मियों, दो लाख 46 हजार 993 फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 वर्ष से अधिक के 26 लाख पांच हजार 741 तथा 18 से 44 आयु वर्ग के 14 लाख 11 हजार 395 लोगों को दोनों टीके लगाए जा चुके हैं।

Wednesday, 22 September 2021

देश के निर्यात में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी के लिए एयर कार्गाे की सुविधा जरूरी - मुख्यमंत्री

देश के निर्यात में छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी के लिए एयर कार्गाे की सुविधा जरूरी - मुख्यमंत्री

 

रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां राजधानी रायपुर में दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव का  शुभारंभ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधन एवं सभी खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यहां उद्योग एवं व्यापार की असीम संभावनाएं विद्यमान है। छत्तीसगढ़ राज्य देश के निर्यात में अहम रोल अदा कर सकता है। लैण्डलॉक प्रदेश होने के नाते यहां के उत्पाद को बाहर भेजने के लिए एयर कार्गाे की सुविधा जरूरी है। हम भारत सरकार से एयर कार्गो की सुविधा के लिए लगातार आग्रह कर रहे हैं, ताकि यहां के उत्पाद को निर्यात करने में आसानी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल, जंगल, जमीन की कोई कमी नहीं है। धान का कटोरा होने के साथ-साथ देश का 74 फीसद से अधिक वनोपज छत्तीसगढ़ में संग्रहित होता है। यहां प्रचुर मात्रा में वनौषधियां विद्यमान है। इनकी प्रोसेसिंग एवं वैल्यूएडिशन से उद्योग, व्यापार एवं निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वाणिज्य उत्सव का यह दो दिवसीय कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय तथा छत्तीसगढ़ वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में वाणिज्य मंत्रालय से संबंधित शेफिक्सल कोलकाता, डीजीएफटी, सीएसआईडीसी कस्टम्स आदि सहभागी है। शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने की।

बघेल ने इस मौके पर देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ कुर्बान करने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश के नव-निर्माण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू जी का बड़ा योगदान रहा है। वर्ष 1955-56 में छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना हुई। यह प्लांट छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहते है, यहां धान की हजारों प्रजातियां है। वनोपज का भरपूर उत्पादन एवं संग्रहण छत्तीसगढ़ में होता है। आयरन ओर से लेकर टिन, अलेक्जेंड्राईट उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि व्यापार में मांग और पूर्ति का संतुलन जरूरी है। इसमें असंतुलन की स्थिति में नुकसान होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 के दशक में खाद्यान्न की मांग को पूरा करने के लिए हरित क्रांति की शुरूआत हुई। आज स्थिति यह है कि देश में दलहन, तिलहन को छोड़ दिया जाए, तो आवश्यकता से अधिक खाद्यान्न होने लगा है, यहीं वजह है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में धान के प्रचुर उत्पादन को देखते हुए इससे एथेनॉल बनाए जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से सिर्फ अनुमति न मिलने की वजह से यह मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्र सरकार अनुमति दे दे तो इससे राज्य के सरप्लस धान का उपयोग हो सकेगा। पेट्रोलियम के आयात पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा बचेगी। किसानों को धान का बेहतर मूल्य मिलेगा। राज्य में उद्योग और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ की सुराजी गांव योजना के तहत गौठानों के निर्माण और गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी और इससे तैयार होने वाले उत्पाद के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके जरिए राज्य में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा मिला है। अब हम गोबर से बिजली बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य के दो उद्यमियों ने गोबर से विद्युत उत्पादन के लिए सहमति दी है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक नीति 2019-24 का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को कई तरह की सहूलियत देने का प्रावधान किया है। जिसके चलते राज्य में बेहतर औद्योगिक वातावरण का निर्माण हुआ है। औद्योगिक संस्थानों एवं उद्यमियों से 140 एमओयू हुए हैं, जिसमें 65 हजार करोड़ रूपए का निवेश होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योग को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार हर संभव मदद दे रही है। उन्होंने कहा कि देश के 700 बिलियन यूएस डॉलर के निर्यात में छत्तीसगढ़ भी अपनी बेहतर भागीदारी निभा सके, इसके लिए जरूरी है कि लघु वनोपज के निर्यात को बढ़ावा देने के साथ ही एयर कार्गाे की सुविधा उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बाम्बू द ग्रीन गोल्ड पुस्तक का विमोचन किया।

कार्यक्रम को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कृषि एवं वनोपज आधारित उद्योगों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने विशेष पैकेज का प्रावधान किया है। फूड पार्क की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में एक्सपोर्ट आॅफिस की स्थापना किए जाने का आग्रह भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय से किया है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दो बाते जरूरी है। पहला उत्पाद की लागत कम हो और दूसरा क्वालिटी बेस्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि हम उद्यमियों को हर संभव मदद और सुविधाएं उपलब्ध कराए। यदि हम ऐसा करते है, तो राज्य में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमी ही हमारे ब्रांड एम्बेसडर हो जाएंगे।

कार्यक्रम को वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार के ओएसडी विकास चौबे, प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुआ ने सम्बोधित किया और कहा कि देश के निर्यात क्षमता को बढ़ाने में उद्यमियों का सहयोग जरूरी है। पिंगुआ ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्यात वर्ष 2019-20 में 9,068 करोड़ रूपए था, जो वर्ष 2020-21  में बढ़कर 17,200 करोड़ रूपए हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्यात के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने राज्य में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा दिए जाने हेतु किए जा रहे प्रयासों से विस्तार से जानकारी दी।

वाणिज्य उत्सव में छत्तीसगढ़ से स्टील, कृषि और वनोपज की प्रोसेसिंग से तैयार उत्पाद सहित विभिन्न क्षेत्रों की नियार्तोन्मुखी उद्यौगिक इकाईयों के उद्यमी और उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। इस उत्सव में छत्तीसगढ़ और देश में पिछले 75 वर्ष में विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में हुई प्रगति और इसे सतत रूप से आगे बढ?े के संबंध में जानकारी दी गई। गौरतलब है कि राजधानी रायपुर में आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 21 एवं 22 सितंबर को दो दिवसीय वाणिज्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्योग विभाग के सचिव आशीष भट्ट, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक पी. अरूण प्रसाद, शेफिक्सल वाईस चेयरमैन डॉ. लाल हिंगोरानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

नर्सिंग पाठ्यक्रम, 10 और 24 अक्टूबर तक होंगी परीक्षाएं

नर्सिंग पाठ्यक्रम, 10 और 24 अक्टूबर तक होंगी परीक्षाएं

 

रायपुर
प्रदेश के नर्सिंग महाविद्यालयों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित हो गया है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा बीएससी (नर्सिंग), एमएससी (नर्सिंग) और पोस्ट बेसिक बीएससी (नर्सिंग) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आॅनलाइन आवेदन की तिथि के साथ परीक्षा तिथि की प्रस्तावित (संभावित) तिथि की भी घोषणा कर दी गई है।

बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए परीक्षा 10 अक्टूबर 2021 को और एमएससी नर्सिंग तथा पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा 24 अक्टूबर 2021 को होगी। प्रवेश परीक्षाओं के लिए आॅनलाइन आवेदन करने का तरीका, प्रवेश परीक्षा नियम, पाठ्यक्रम आदि की विस्तृत जानकारी व्यावसायिक परीक्षा मण्डल की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। इच्छुक परीक्षार्थी इस वेबसाइट से पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

व्यावसायिक परीक्षा मण्डल से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीएससी (नर्सिंग) के लिए आॅनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 सितंबर 2021 निर्धारित की गई है। एमएससी और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के लिए आॅनलाइन आवेदन 30 सितंबर 2021 तक लिए जाएंगे। आवेदन पत्रों में त्रुटि-सुधार के लिए भी समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्रों में त्रुटि-सुधार 24 से 26 सितंबर 2021 तक किया जा सकेगा। एमएससी और पोस्ट बेसिक नर्सिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवेदन पत्रों में त्रुटि-सुधार एक से तीन अक्टूबर 2021 तक ही हो सकेगा। बीएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए दो अक्टूबर 2021 को प्रवेश पत्र जारी होंगे। एमएससी और पोस्ट बेसिक नर्सिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए 16 अक्टूबर 2021 को प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। 

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से हुआ रज्जू के आय मे इजाफा

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से हुआ रज्जू के आय मे इजाफा

 

बेमेतरा
प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना वर्ष 2020-21 मे लागू किया गया। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बेमेतरा के महाप्रबंधक ने बताया कि बेमेतरा जिले के विकासखण्ड साजा के ग्राम बिरमपुर निवासी रज्जू नायक 12 वीं की पढ़ाई करने के बाद सब्जी बेचने का व्यवसाय करता था। सब्जी व्यवसाय में आय कम होने के कारण उसने फैंसी व जनरल स्टोर शुरू करने का निर्णय लिया। स्वरोजगार शुरू करने के लिए शासन से सहयोग की अपेक्षा में उसने उद्योग विभाग बेमेतरा में संपर्क किया। जहां उनको मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी दी गई तथा सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद कार्यालय द्वारा रज्जू नायक का प्रोजेक्ट रिपोर्ट बना कर आवेदन पूर्ण कराया गया। भारतीय स्टेट बैंक साजा से 80 हजार का ऋण प्राप्त हुआ तथा शासन से 20 हजार रुपए अनुदान प्राप्त हुआ। रज्जू नायक ने कहा कि विभाग द्वारा उद्यमिता विकास का प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे लॉकडाऊन की विपरीत परिस्थिति में भी मुझे अपना व्यवसाय स्थापित करने में बहुत सहयोग मिला। इस प्रकार मेरा गुजर बसर अच्छे से हो रहा है

Monday, 20 September 2021

एम्युनिटी बूस्टिंग बढ़ाने बच्चों को खिलाएं मुलमिना अमला आॅरेंज

एम्युनिटी बूस्टिंग बढ़ाने बच्चों को खिलाएं मुलमिना अमला आॅरेंज

 

दुर्ग
कोरोना की तीसरी लहर में छोटे बच्चों पर ज्यादा असर करने की संभावना केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने जताई हैं और इसके असर से बचने के लिए बच्चों में एम्युनिटी बुस्टिंग बढ़ाने के लिए प्राकृतिक फुड खाने देने की सलाह दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए जगदाले इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड बच्चों की एम्युनिटी बूस्टिंग बढ़ाने और सभी आयु वर्गों के लिए मुलमिना अमला आॅरेंज सुपरफूड लॉच किया है जिसे पीने से कई गुणा एम्युनिटी बूस्टिंग बढ़ जाएगा।

देश में चल रही महामारी के मद्देनजर अधिक से अधिक लोग निवारक स्वास्थ्य के लिए बेहतर उपायों की तलाश कर रहे हैं। कोविड मामलों की वैश्विक वृद्धि के साथ दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा कंपनियां बीमारी के लिए एक व्यवहार्य निवारक और उपचारात्मक विकल्प तलाश रही हैं। दुर्भाग्य से कई माता-पिता अपने बच्चों को कोरोनोवायरस के संपर्क में न आए इसे चिंतित हैं और वे बच्चों के लिए बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल प्रोटोकॉल में देरी की है या उन्हें संक्रमण के प्रति संवेदनशील बना दिया है। जगदाले इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड ने आम के संयोजन में हल्दी, गोटू कुला जैसी आयुर्वेदिक दवाओं का अच्छी तरह से अध्ययन किया और अब चिकित्सकीय रूप से सिद्ध हो चुका है कि 7 से 14 वर्ष के बीच के बच्चों में प्रतिरक्षा बढ़ाने में एक निश्चित भूमिका होगी।

डॉ. सौम्या नागार्जन ने ने बताया कि आम, गोटू कोला और हल्दी के संयोजन में आवश्यक विटामिन और खनिजों के साथ जब श्वसन पथ के संक्रमण वाले चुनिंदा रोगियों में एंटीबायोटिक दवाओं के साथ प्रयोग किया गया है, तो नियमित अंतराल पर रक्त विश्लेषण से साबित होता है, इससे प्रतिरक्षा और एंटीआॅक्सीडेंट स्तर में वृद्धि हुई है। यह आगे के अध्ययनों को दिशा प्रदान करेगा कि कैसे न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद चिकित्सा में सहायक के रूप में कार्य कर सकते हैं। अध्ययनों ने 14 और 28 दिनों की अवधि में मार्कर और इम्यून मार्कर एंटी-आॅक्सीडेंट में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई है। इसके अलावा, इन अध्ययनों ने सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) जैसे इंफ्लेमेटरी मार्करों को कम करने और कुल एंटी-आॅक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाने के लिए भी सिद्ध किया है।

Tuesday, 14 September 2021

जहां सूखा संभावित है वहां सर्वे का निर्देश - चौबे

 जहां सूखा संभावित है वहां सर्वे का निर्देश - चौबे

 

रायपुर
जिन जिलों में सूखे की संभावित स्थिति दिख रही है वहां के जिला कलेक्टरों को निर्देशित कर दिया गया है कि  सर्वे करवाकर सूखे का आकलन कर रिपोर्ट भेजें ताकि मुआवजा राशि के वितरण में किसी प्रकार का विलंब न हो। अभी जो बारिश हो रही है उससे स्थिति में सुधार भी आ सकते हैं। फिर भी राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर व सजग है।

जिला के प्रभारी व कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने मीडिया से चर्चा में सोमवार को कहा कि कुछ जिलों  में जरूर सूखे की खबर आ रही है लेकिन पूरी तरह नहीं वहीं सभी जिलों में सूखा है ऐसा भी नहीं । अब जो बरसात हो रही है वह वरदान साबित हो रहा है इससे यहां पर पर भी स्थिति सुधर सकती है फिर भी जहां संभावित लग रहा है कि सूखा है जिला कलेक्टरों को सूक्ष्मता व तत्परता से सर्वे कराने कह दिया गया है। दर्जन भर जिलों में स्थिति सूखे की नजर आ रही है। इस बात पर भूपेश सरकार ने कैबिनेट में चर्चा की है और सभी जिले के कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिया गया है कि अभी से जिलों में सर्वे का काम शुरू कर दिया जाए, ताकि समय पर किसानों को अकाल और सूखत के बदले मुआवजा राशि का भुगतान करने में अड़चन की स्थिति का सामना ना करना पड़े।

चौबे ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को हटाए जाने के संदर्भ में कहा कि उन्हें कोरोना काल में असफल होने की वजह से हटाया गया है। जबकि सही मायने में देश में जो अकाल मौत हुई है, उसकी जवाबदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की है और उन्हें हटाया जाना चाहिए। भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि छग में भाजपाईयों के पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने भाजपा के सड़क पर उतरने के सवाल पर कहा कि भाजपा को बार—बार सड़क पर नहीं उतरना चाहिए, बल्कि उन्हें सड़क पर रहना चाहिए, क्योंकि भूपेश सरकार के खिलाफ उनके पास कोई विकल्प ही नहीं बचा है।

कोलेंग क्षेत्रवासियों को भी मिलने लगी बैंकिंग लेनदेन की सुविधा

 कोलेंग क्षेत्रवासियों को भी मिलने लगी बैंकिंग लेनदेन की सुविधा

 

जगदलपुर
कांगेर घाटी के पहाड़ों के बीच बसे गांव कोलेंग में अब कियोस्क के माध्यम से बैंकिंग की सुविधा भी मिल रही है। यहां किराना का व्यवसाय करने वाले युवा संतोष वर्मा अब कियोस्क के माध्यम से क्षेत्र के ग्रामीणों को बैंकिंग संबंधी सुविधाएं भी प्रदान कर रहे हैं। कांदानार, मुंडागढ़, काचीरास, चांदामेटा, छिंदगुर सहित आसपास रहने वाले ग्रामीण इस बैंकिंग सुविधा का लाभ ले रहे हैं।

संतोष ने बातचीत के दौरान बताया कि इस क्षेत्र में सक्रिय महिला स्वसहायता समूहों को बैंकिंग लेनदेन की जरुरत पड़ती है। विकासखण्ड मुख्यालय दरभा यहां से लगभग 28 किलोमीटर दूर है और यह पक्की सड़क से भी नहीं जुड़ पाया था, जिससे स्वसहायता समूहों की महिलाओं को काफी परेशानी होती थी। स्वसहायता समूह की महिलाओं को मार्गदर्शन देने वाली संस्था ने जब इस परेशानी के हल के संबंध में विचार किया और मुझे यहां कियोस्क के संचालन के लिए प्रेरित किया गया। यहां पिछली दिसम्बर माह में जब बिजली पहुंची, तब उन्होंने यह सेवा प्रदान करना प्रारंभ किया। अब कियोस्क के माध्यम से वे क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग लेनदेन की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। संतोष ने बताया कि उनके यहां पेंशन योजना और मनरेगा के मजदूर बड़ी संख्या में लेनदेन करते हैं। पहले पेंशन हितग्राही और मनरेगा मजदूर अपने खाते की राशि निकालने के लिए आमतौर पर दरभा जाते थे। आवागमन के बहुत अधिक साधन नहीं होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को बहुत अधिक समस्या होती थी। क्षेत्र के ग्रामीणों को बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने पर संतोष ने खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों के जवानों को भी उनके कियोस्क में लेनदेन सुविधा मिल रही है। इस कियोस्क में पेंशन और मनरेगा जैसी योजनाओं से प्राप्त राशि के आहरण के साथ ही ग्रामीणों द्वारा बचत खातों में राशि भी जमा की जा रही है। संतोष ने बताया कि क्षेत्र में अभी नेटवर्क की अच्छी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण सिर्फ कियोस्क का संचालन कर रहे हैं। इसके लिए वे निजी कंपनी के राउटर को काफी उपर हवा में रखते हैं तथा ओड़ीसा में स्थित मोबाईल नेटवर्क से यह सेवा दे रहे हैं। उन्हें क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण आशा है कि यहां अच्छी नेटवर्क की सुविधा जल्द ही मिलेगी, जिससे वे क्षेत्रवासियों को कॉमन सर्विस सेंटर में मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी प्रदान कर सकेंगे।

Saturday, 11 September 2021

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस से पूर्व 180 लोगों ने कराई मानिसक जांच

 विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस से पूर्व 180 लोगों ने कराई मानिसक जांच

 

दुर्ग
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला दुर्ग में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी  में 6 व 8 सितम्बर  को  जिला चिकित्सालय दुर्ग के मनोरोग ओ.पी.डी. में मानसिक स्वास्थ्य जाँच तथा उपचार शिविर में  180 मनोरोगियों की पहचान की गई तथा उनका उपचार शुरू किया गया।  

मनोरोग निदान को लेकर समुदाय में आत्महत्या की रोकथाम जागरूकता के लिए आईईसी मटेरियल के रुप में पर्चे  वितरित किए गए।  साइकियाट्रिक सोशल वर्कर हर्ष प्रकाश जामौर्या व साइकियाट्रिक नर्स हिमरानी साहू द्वारा लोगों को आत्महत्या रोकथाम आत्महत्या निवारण बुकलेट तथा पम्पलेट्स का वितरण कर जनजागरूकता का प्रयास किया गया।

जिला अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य ओपीडी स्पर्श क्लिनिक में वर्ष 2020-21(अप्रैल 2020-मार्च 2021) में 10,499 रोगियों ने इलाज कराया। वहीं इसी अवधि  में आत्महत्या के प्रयास करने वाले 240 मामले में मरीजों की काउंसलिंग की गई।  इस वर्ष 2021-22 ( अप्रैल 2020 - अगस्त 2021) में मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए 5482 रोगी ने स्पर्श क्लीनिक से लाभ लिया जबकि आत्महत्या के प्रयास करने वाले 166  रोगियों की काउंसलिंग की गई।

स्पर्श क्लीनिक, जिला अस्पताल का मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा गुप्ता दानी  व साइकियाट्रिक नर्स हिमरानी साहू द्वारा रोगियों की मानसिक समस्याओं का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श तथा दवाएं प्रदान की गई। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस को लेकर सोशल मीडिया में कैंपेन के लिए हैश टैग:  जिंगदी चुने - विजेता बने  के माध्यम से आॅनलाइन कम्युनिटी में आत्महत्या रोकथाम के लिए जागरूकता सम्बंधित सन्देश प्रसारित किया जा रहा है। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम तथा लिंकेडीन वेबसाइट के माध्यम से यह जागरूकता वाली पोस्ट कर सोशल मिडिया के प्लेटफार्म का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया गया।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा गुप्ता दानी  ने बताया, इस वर्ष 2021 का थीम क्रिएटिंग होप थ्रू एक्शन अंतर्गत जिला मनोरोग नियंत्रण इकाई द्वारा आत्महत्या रोकथाम पर कार्यशाला 13 सितम्बर को शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वसाशी महाविद्यालय, दुर्ग में आयोजित किए जाएंगे। कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्रों तथा शिक्षकों साइकोलोजिस्ट डॉ. आभा शशि कुमार द्वारा व्याख्यान आयोजित किया गया है।  वहीं 14 सितंबर को समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए मितानिन के लिए कार्यशाला का आयोजित किया जायेगा। कार्यशाला में भिलाई शहरी क्षेत्र के मितानिन  को मानसिक स्वास्थ्य विषय पर समाज में चेतना लाने को लेकर जानकारियां दी जाएगी।

दुर्ग-जम्मूतवी-दुर्ग साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 14 से पटरी पर

 दुर्ग-जम्मूतवी-दुर्ग साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 14 से पटरी पर

 

रायपुर
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधाआॅ एवं मांग को ध्यान में रखते हुये 08549/ 08550 दुर्ग-जम्मूतवी-दुर्ग साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन प्रारम्भ किया जा रहा है प्रारंभिक तिथि से आगामी सूचना तक परिचालन चालू रहेगा।

गाड़ी संख्या 08549 दुर्ग-जम्मूतवी साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन प्रत्येक मंगलवार 14 सितम्बर।से दुर्ग से 12.15 बजे रवाना होकर 12.50 बजे रायपुर 13.43 बजे भाटापारा 14.45 बजे बिलासपुर होते हुए अगले दिन बुधवार को 18.10 बजे जम्मूतवी पहुँचेगी। तथा इसी प्रकार विपरीत दिशा में भी 08550 जम्मूतवी-दुर्ग साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन प्रत्येक गुरुवार 16 सितम्बर से जम्मूतवी से 04.35 बजे रवाना होकर अगले दिन 06.00 बजे पेंड्रा रोड, 08.00 बजे बिलासपुर, 08.53 भाटापारा, 09.55 रायपुर, 11.05 बजे दुर्ग पहुँचेगी।

इसी यह गाड़ी में 06 एसी थ्री, 02 एसी टू , 01 एसी टू कम एसी थ्री, 07 स्लीपर, 01 पेंट्रीकार, 01 लगेज वाहन तथा 03 सामान्य सहित कुल 22 कोचों के साथ चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, पेंड्रा रोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी मुड़वारा, सागर, झांसी, ग्वालियर, आगरा कैंट, दिल्ली सफदरगंज, अंबाला कैंट, लुधियाना कैंट, जालंधर कैंट, पठानकोट कैंट, जम्मूतवी स्टेशनों पर दिया गया हैं।