Friday, 22 October 2021

भारत - बांग्लादेश सद्भावना रैली में शामिल हुए सभापति, दिया शांति, भाईचारा और सद्भावना का संदेश

भारत - बांग्लादेश सद्भावना रैली में शामिल हुए सभापति, दिया शांति, भाईचारा और सद्भावना का संदेश

रायपुर
भारतीय स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव 75 वां एकदिवसीय 3000 किमी साइकल यात्रा एवम बांग्लादेश  मुक्ति की स्वर्ण जयंती का कार्यक्रम भारत - बांग्लादेश सद्भावना रैली का आयोजन किया गया है। यह साइकिल रैली महाराष्ट्र की अहमद नगर से निकलकर  गुरुवार को रायपुर पहुंची। सुंदरनगर में नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे  द्वारा इसका स्वागत किया गया।  

महाराष्ट्र के अहमद नगर  से आए हुए 25 महिला एवम 70 पुरुष  उत्साहवर्धन करते हुए प्रमोद दुबे साइकिल रैली में शहर जिला कांग्रेस कमेटी एवम  नो वेहीकल डे के सभी साथियों के साथ साइकिल में कंधे से कंधा मिलाकर  भारत जोड़ो -भारत जोड़ो छत्तीसगढ़ की कामना -बनी रहे सद्भावना जात पात की बात छोड़ो - भारत जोड़ो भारत जोड़ो के नारे लगाते हुए रायपुर शहर को सद्भावना,प्रेम भाईचारे एवम शांति  का संदेश देते हुए सुंदरनगर ,लाखे नगर ,पुरानी बस्ती होते हुए बूढ़ा तालाब पहुंची। यहां परआयोजित कार्यक्रम में  रायपुर  पद्मशाली समाज के अध्यक्ष गोपाल पद्मवार ,तथा समाज के सदस्य द्वारा बूढ़ा तालाब में भव्य स्वागत कर लोगो को सम्मानित किया गया। यह रैली महाराष्ट्र से छतीशगढ़ होते हुए मध्यप्रदेश, झारखंड ,बिहार ,ओड़ीसा होते हुए बांग्लादेश के नवाखली में रैली का समापन होगा।

इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बाकर अब्बास,महामंत्री अविनय दुबे, निर्मल पांडे, शहर सचिव मुन्ना मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत ठेंगड़ी , नवीन चंद्राकार,शहर प्रवक्ता  बंशी कन्नौजे , वार्ड अध्यक्ष - सुयश शर्मा,राजेश यदु, सुनील ध्रुव, सागर वानखेड़े, मलिका प्रजापति, डोमन चौहान, डा. विष्णु राजपूत, लीलाधर वैष्णव, नीलमणि ,  एवम बड़ी संख्या में नो व्हीकल डे के सभी सदस्य साइकिल में भारत बांग्लादेश सद्भावना साइकिल रैली में आए हुए लोगो का रैली में शामिल होकर उत्साह बढ़ाया। 

Friday, 8 October 2021

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में पहली बार सिजेरियन से प्रसव कराया गया

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में पहली बार सिजेरियन से प्रसव कराया गया

 

रायपुर
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव में गत दिवस प्रथम बार सिजेरियन से प्रसव कराया गया। जिसमें सी.एच.सी प्रभारी डॉ अंजना लाल (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ हेमंत चंद्रवंशी (स्त्री रोग विशेषज्ञ) ,डॉ अनुज गौतम (शिशु रोग विशेषज्ञ) ,ओ.टी स्टाफमसीह, विष्णु साहू स्टाफ नर्स, मितानिन ए.एन.एम का विशेष सहयोग रहा।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा रही है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल के कुशल नेतृत्व में सामान्य प्रसव में वृद्धि के साथ-साथ जो शहरी क्षेत्र में सीएचसी हैउनमें भी प्रसव गुणवत्ता सुविधा शुरू किए जाने की पहल की गई। उनके द्वारा सभी सी.एच.सी (ब्लॉक एवं शहर) को पूर्व में निर्देशित किया गया था कि अगर गर्भवती में कुछ कॉम्पलीकेशन है और सामान्य प्रसव नही हो पा रही है तो कहीं भी जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ है और ओ.टी है उन स्वास्थ्य केन्द्रों में सिजेरियन प्रसव कराना है। शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव सामान्य प्रसव के लिए भी जाना जाता है। वहां प्रतिदिन औसत दो से तीन तथा माह में करीब पच्चहतर प्रसव उस क्षेत्र की ए.एन.एम, मितानिन और सुपरवाइजर के सहयोग से होता है। जिले का यह प्रथम अवसर है जब शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सिजेरियन से प्रसव कराया गया है।

गर्भवती श्रीमती नंदनी ध्रुव पतिकरण ध्रुव बिरगांव निवासी अपने गर्भावस्था के प्रथम तिमाही से ही शहरी स्वास्थ्य केन्द्र की ए.एन.एम सरस्वती बारले से अपना टीकाकरण करवा चुकी थी। जिसे क्षेत्र के मितानिन रेवती वर्मा ने प्रेरित करके लाया था। अपने नियमित प्ररिक्षण एवं सोनोग्राफी के रिपोर्ट के आधार पर उसका सामान्य प्रसव होना संभव नहीं था और वह आर्थिक आधार पर भी इतनी सक्षम नहीं थी कि किसी निजी अस्पताल में अपना सिजेरियन करवा सके। तब उन्हें सी.एच.सी बिरगांव से उम्मीद जगी और स्टाफ पर पूरा भरोसा करके उन्होंने निर्णय लिया। धु्रव दंपत्ति को प्रथम पुत्र संतान की प्राप्ति से बेहद खुशी मिली। ध्रुव दंपत्ति ने इस सफल आपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग को धन्यावाद ज्ञापित किया।

मेघा-सिंगपुर-दुगली सड़क का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

मेघा-सिंगपुर-दुगली सड़क का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण

 

धमतरी
नगरी वनांचल की गोद में बसे ग्राम दुगली से सिंगपुर-मेघा तक 35.2 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जाने वाली इस सड़क से क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में वर्तमान में यह सड़क तीन मीटर चौड़ी है। समय की मांग को देखते हुए आवश्यकता महसूस की गई कि इस सड़क का उन्नयन और मजबूतीकरण किया जाए। इसके परिणामस्वरूप सिहावा विधानसभा के मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग का दो भाग में काम किया जाएगा। कार्यपालन अभियंता लोक निर्माणध्रुव बताते हैं कि मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग 1/2 से 14/10 तक कुल 12 किलोमीटर लंबी सड़क का उन्नयन और नवीनीकरण 25 करोड़ 73 लाख 70 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। इसके साथ ही मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग 15/2 से 38/2 तक की 23 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण भी किया जाएगा। इसके लिए कुल 44 करोड़ 88 लाख 80 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है।

गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्रीभूपेश बघेल ने गत माह आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान जिन 11 विकास कार्यों का जिले में भूमिपूजन और लोकार्पण किया, इनमें यह सबसे बड़ा काम है।  इस सड़क को अब एक लेन से दो लेन बनाने की योजना है। 70 करोड़ 52 लाख 50 हजार की लागत से इस 35 किलोमीटर लंबी सड़क को दो लेन बनाया जाएगा। फिलहाल यह तीन मीटर चौड़ी सड़क है, इसे अब सात मीटर चौड़ा करने की योजना है। इससे 10 गांव की लगभग 13 हजार 743 की आबादी को सीधा-सीधा लाभ पहुंचेगा और आवागमन की सुगम सुविधा मुहैय्या होगी। यह मार्ग कुरूद-मेघा-मगरलोड (मुख्य जिला मार्ग) मार्ग से शुरू होकर राजनांदगांव, गुण्डरदेही, धमतरी, नगरी, सिहावा, बोरई मार्ग (राज्य मार्ग क्रमांक 23) के ग्राम दुगली में मिलती है। दुगली निवासीसंतोष सोरी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती झुलेश्वरी सोरी खुश हैं कि सड़क बनने से अब रिश्तेदारों से मिलने मुड़केरा बड़े भाई के पास जाने और रायपुर जाने में सुविधा होगी। इसी तरह दुगली में हीशोभाराम मंडावी की छोटी सी दुकान है, वे तथा उनकी दुकान पर पहुंचेआकाश कुमार सलाम बताते हैं कि सड़क चौड़ी होने की खबर पेपर में पढ़ खुशी हुई, क्योंकि अब मेघा तथा रायपुर जाने में आसानी होगी और समय भी बचेगा।

ग्रामीण बताते हैं कि नगरी और मगरलोड के सुदूर वनांचल क्षेत्रवासियों के लिए राजधानी रायपुर के लिए यह न्यूनतम दूरी का मार्ग है। इस सड़क के बन जाने से क्षेत्र में आने वाले समय में  कृषि, व्यापार, शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं प्रबल होंगी और तरक्की की नई दास्तान लिखी जाएगी। दस गांव जिनकी 13, 743 बसाहट को लाभ पहुंचेगा उनमें मेघा, सिंगपुर, दुगली के अलावा करेली छोटी, छिपली, मोहंदी, कुसुमखुंटा, बिरझुली, आलेखुंटा, बासीखाई शामिल हैं।

कवर्धा की घटना सच जल्द सब के सामने आएगा-मुख्‍यमंत्री बघेल

कवर्धा की घटना सच जल्द सब के सामने आएगा-मुख्‍यमंत्री बघेल

 रायपुर
 छत्‍तीसगढ़ में बीते दिनों कवर्धा में हुई घटना को लेकर सियासत का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के सदस्‍यों ने बुधवार को कवर्धा में बीते दिनों हुई घटना में पीडि़त परिवार से मिलने के लिए गए थे। इसी घटना के बाद प्रदेश के मुखिया सीएम बघेल ने कहा कि छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा में छोटी सी घटना को बड़ा रूप देने की साजिश की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि जल्द ही इस घटना का सच सबके सामने आ जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में वे खुद इसकी जानकारी सभी लोगों के साथ साझा करेंगे। यह बातें मुख्यमंत्री निवास पर गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एक सवाल के जवाब मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने कहीं। बघेल ने प्रेसवार्ता में कहा कि हमारा प्रदेश शांति प्रिय है। प्रदेश की शांति भंग करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। यह अपराध है। यहां इस तरह की घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भाजपा के प्रतिनिधि मंडल को वहां जाने से रोके जाने के सवाल पर मुख्‍यमंत्री बघेल ने कहा कि हम शांति व्यवस्था को बिगड़ने देना नहीं चाहते।


इसके अलावा लखीमपुर खीरी के किसानों को छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये दिए जाने की घोषणा के बाद इस घोषणा को लेकर विपक्ष की तरफ से उठ रहे सवालों पर भूपेश बघेल ने अपनी बात रखी। भूपेश बघेल ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना की तुलना दूसरी किसी घटना से नहीं की जा सकती। वहां किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई।

Thursday, 7 October 2021

पदयात्री श्रद्धालुओं का डोंगरगढ़ दर्शन करने जाने पर लगा प्रतिबंध

पदयात्री श्रद्धालुओं का डोंगरगढ़ दर्शन करने जाने पर लगा प्रतिबंध

 

दुर्ग
गुरूवार से प्रारंभ हो रही शारदीय नवरात्री में डोंगरगढ़ बम्लेश्वरी देवी दर्शन के लिये पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं पर पुलिस ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। रतनपुर महामाया मंदिर के बाद अब डोंगरगढ़ देवी दर्शन के लिये जाने वालों को अपनी दोनों वक्सीनेशन की रिपोर्ट के साथ ही कोविड रिपोर्ट भी साथ में रखना होगा इतना ही नहीं श्रद्धालुओं को दर्शन के लिये पहले मंदिर के पोर्टल पर अपनी पंजीयन कराना अनिवार्य होगा तभी वे दर्शन का लाभ ले सकते हैं।

उल्लेखनीय हे कि कोरोना संक्रमण काल से नवरात्र में मंदिरों में श्रद्धालुजनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ था। प्रतिबंध समाप्त करने के बाद शासन ने इसकी जवाबदेही मंदिर ट्रस्ट और पंडाल समितियों पर तय की है जिसकी पूरी व्यवस्था उन्हें करनी है ताकि कोई संक्रमित ना आ सके और इसकी रोकथाम हो सके। इसी के चलते दुर्ग पुलिस ने पदयात्री श्रद्धालुओं के जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को कोविड-19 वेक्सीन के दोनो डोज लगे होने का सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य होगा वेक्सिनेशन सर्टिफिकेट नही होने की स्थिति में भक्तगण 72 घंटे पूर्व कराये गये आई.टी.पी.सी.आर./एण्टीजन टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट साथ लेकर अपने वाहन से डोंगरगढ़ की ओर प्रस्थान कर सकते है। दर्शनार्थियों को कोविड प्रोटोकाल/गाईडलाईन के तहत मास्क, सेनेटाईजर, सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णत: पालन करना होगा। श्रद्धालुओं को कोविड निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखाने पर ही मंदिर में प्रवेश दिया जावेगा। नवरात्रि के दौरान प्रतिवषार्नुसार मेला व मीनाबाजार व प्रदर्शनी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।

दर्शनार्थियों को ऊपर मंदिर/नीचे मंदिर दर्शन हेतु पूर्व से ही मॉ बम्लेश्वरी ट्रस्ट के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा जिसमें दोनो मंदिर दर्शन के लिए पृथक-पृथक समय आबंटित कर दर्शन की अनुमति दी जायेगी। बिना रजिस्ट्रेशन प्रवेश नही दिया जायेगा। पोर्टल का लिंक निम्नानुसार है-ई पास डॉट बमलेश्वरी डॉट ओराजी पर जाकर अपनी पंजीयन करा सकते हैं।

गांव में दूध की कमी ने अमीरचंद को बनाया सफल डेयरी उद्यमी, हर महीने 15 से 20 हजार रूपये कमाते हैं अमीरचंद

गांव में दूध की कमी ने अमीरचंद को बनाया सफल डेयरी उद्यमी, हर महीने 15 से 20 हजार रूपये कमाते हैं अमीरचंद

 

बलरामपुर
गांव में शुद्ध दूध की कमी और डेयरी उद्योग में असीम संभावनाओं कोे अवसर के रूप में लेते हुए विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के भंवरमाल निवासी श्री अमीरचंद गुप्ता सफल उद्यमी बन अच्छी आमदनी कर रहे हैं। अमीरचंद बासमती डेयरी फार्म के संचालक व एक सफल उद्यम है जो निरंतर अपने डेयरी के विस्तार के लिए प्रयासरत् है। 70 वर्षीय ऊर्जावान अमीरचंद ने यह फार्म पशुधन विकास विभाग के राज्य उद्यमिता विकास योजना के सहयोग से स्थापित किया है। अमीरचंद बताते हैं कि वर्ष 2016 में उन्हें योजना के बारे में पता चला और उन्होंने डेयरी फार्म प्रारंभ करने का फैसला लिया। उम्र दराज होने के कारण पहले मुझे घर वालों ने डेयरी फार्म शुरू करने से मना किया, परन्तु मेरे गांव व घर में शुद्ध दूध की उपलब्धता हो सके और मैं आत्मनिर्भर बन सकूं, यही सोचकर मैंने नजदीकी पशु चिकित्सालय रामानुजगंज में डेयरी उद्यमिता विकास योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

योजना के अंतर्गत मैंने 12 लाख रूपए बैंक से लोन लिया, लोन मिलने के बाद मैंने योजना अनुरूप 1.5 लाख रूपए की लागत से 15 पशुओं के लिए आवास बनवाया, पानी की व्यवस्था हेतु बोर खनन तथा सबमरसिबल में कुल 1 लाख रूपए खर्च हुए। तत्पश्चात् 9 लाख रूपए में 15 भारतीय उन्नत नस्ल के गाय खरीदे और सभी गायों का बीमा कराया तथा योजना के अनुसार गोबर से वर्मी खाद बनाने के लिए 50 हजार रूपए की लागत से वर्मी टांका भी बनवाया। इस प्रकार कुल 12 लाख की लागत से बासमती डेयरी फार्म की शुरूआत हुई। डेयरी फार्म कार्यशील होने पर डेयरी के भौतिक सत्यापन उपरांत योजनानुरूप मुझे अंशदान की राशि 6 लाख रूपये अर्थात् 50 प्रतिशत राशि पशुधन विकास विभाग बलरामपुर से प्राप्त हुआ। पहले ही साल फार्म से प्रतिदिन औसत 70 से 80 लीटर दूध उत्पादन होने लगा जिससे डेयरी संचालन खर्च, बैंक लोन का ईएमआई आदि चुकाने के बाद मुझे लगभग 10 से 12 हजार रूपए प्रति माह लाभ मिल रहा था।

पशुधन विकास विभाग द्वारा डेयरी के गायों में किए गये कृत्रिम गर्भधान से उन्नत नस्ल के बछड़े एवं बछिया के होने से दूसरे एवं तीसरे साल से मुझे दूध के साथ-साथ बछड़े, बछिया एवं वर्मी खाद बेचकर आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में 15 से 20 हजार रूपए प्रति माह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है तथा मेरे पास गाय एवं बछिया मिलाकर कुल 24 पशु है। अमीरचंद पशुधन विकास विकास विभाग की योजना से लाभान्वित होकर एक सफल उद्यमी बन कार्य कर रहे हैं, साथ ही उन्हें घर वालों का पूरा सहयोग मिल रहा है। 70 वर्षीय ऊर्जावान अमीरचंद डेयरी फार्म के संचालक जिले के अन्य पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा के स्त्रोत बनकर आगे आये हैं तथा अन्यों को भी प्रोत्साहित कर रहे है।

Wednesday, 6 October 2021

नरवा विकास योजना: राज्य के तीनों टाईगर रिजर्व में लगभग 19 करोड़ रूपए की राशि से डेढ़ लाख संरचनाओं का हो रहा निर्माण

नरवा विकास योजना: राज्य के तीनों टाईगर रिजर्व में लगभग 19 करोड़ रूपए की राशि से डेढ़ लाख संरचनाओं का हो रहा निर्माण

 

रायपुर
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नरवा विकास योजना‘ के तहत तीनों टाईगर रिजर्व के अंतर्गत 112 किलोमीटर लम्बाई के 15 अलग-अलग नरवा में 01 लाख 41 हजार 539 भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनके निर्माण के लिए कैम्पा की वार्षिक कार्य योजना 2020-21 के तहत 18 करोड़ 52 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है। राज्य के अचानकमार, उदन्ती सीतानदी तथा इन्द्रावती टाईगर रिजर्व में इन संरचनाओं के निर्माण से टाईगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत 19 हजार 843 हेक्टेयर भूमि उपचारित होगी।

इनमें वन मंडल बिलासपुर अंतर्गत अचानकमार टाईगर रिजर्व लोरमी में 36 किलोमीटर लम्बाई के 07 अलग-अलग नरवा में 8 करोड़ 68 लाख रूपए की राशि से 7 हजार से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। जिनमें से चिरका पहाड़ नाला, बाघदुग्ध नाला, कन्हैया नाला, गोई नाला, सूखानाला, छोटे ठोडा पानी नाला तथा चकदा नाला में निर्माण प्रगति पर है। इनमें लूज बोल्डर चेकडेम, ब्रशवुड चेक डेम, कन्टूर ट्रेच, स्टाप डेम, डबरी, तालाब, अरदन डेम, अरदन गली प्लग, गेबियन संरचना तथा 30-40 मॉडल आदि संचरचनाओं का निर्माण शामिल हैं।

इसी तरह गरियाबंद वनमंडल अंतर्गत उदन्ती सीतानदी टाईगर रिजर्व में 22 किलोमीटर लम्बाई के दो अलग-अलग नरवा में डेढ़ करोड़ रूपए की राशि से 459 भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है। इनमें मेन्डा नाला तथा धोबन नाला में विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा बीजापुर वनमंडल के अंतर्गत इन्द्रावती टाईगर रिजर्व में 54 किलोमीटर लम्बाई के छह अलग-अलग नरवा में 8 करोड़ 35 लाख रूपए की राशि से 01 लाख 34 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें इडकापल्ली नाला, बालीफूल नाला, भादू नाला, एटल नाला, मासेगुण्डा नाला तथा गुदमा नाला में विभिन्न संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है।

Wednesday, 29 September 2021

मोबाइल मेडिकल यूनिट की बन गई है अस्पताल के रूप में पहचान

मोबाइल मेडिकल यूनिट की बन गई है अस्पताल के रूप में पहचान

 

रायपुर
गरीबों को उनके घरों के आसपास नि:शुल्क इलाज देने औैर जीवन को स्वस्थ बनाने शुरू की गई मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से बीते लगभग 11 माह में 9 लाख से अधिक लोगों का इलाज हो चुका है। योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीब बस्तियों में एक अस्पताल के रूप में पहचान बनाती जा रही है। स्लम बस्तियों में एमएमयू की बढ़ती आमद और समय पर लगने वाले कैम्प ने यहां रहने वाले गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को अपने शरीर को स्वच्छ रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी प्रेरित करने का काम किया है। पैसा नहीं होने या फिर अस्पताल दूर होने की बात सोचकर जो बीमार व्यक्ति  अस्पताल नहीं जा पाते थे। आज उन्हें अपनी गली मुहल्ले में ही डॉक्टरों की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशन में और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के निर्देशन में 1 नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगमों में प्रारंभ हुई इस योजना से अभी तक 9 लाख 32 हजार से अधिक मरीजों को उपचार हो चुका है। यहां उपचार कराने वाली मीना हरपाल, सुशीला देवांगन और संगीता यादव का कहना है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट किसी अस्पताल से कम नहीं है। इसमें डॉक्टर सहित दवाइयां, लैब जांच की व्यवस्था है। हमने कई बार बीमार होने पर एमएमयू-दाई-दीदी क्लीनिक में अपना उपचार कराया है। जब यहां आते हैं तो ऐसा लगता है कि हम अपने घर के पास ही किसी अस्पताल या क्लीनिक में आ गए हैं।   

सबसे अधिक रायपुर के लोगों का हुआ उपचार और मिली दवाइयां
1 नवम्बर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगम में शुरू हुई 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग 15 हजार 166 शिविर स्लम क्षेत्रों में लगाई गई है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट से  9 लाख 32 हजार  253 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जिसमें रायपुर में सबसे अधिक 3975 शिविर में 2 लाख 36 हजार 143 मरीज लाभान्वित हुए हैं और 213712 मरीजों को दवा का वितरण किया गया है। कोरबा में 1831 कैंप में 111803, बिलासपुर में 1063 कैंप में 82367, दुर्ग में 1061 कैंप में 66581 और राजनांदगांव में 1059 शिविर में 68133 मरीज लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह भिलाई में 794 कैंप में 54945, रिसाली में 534 कैंप में 32860 भिलाई चरोदा में 527 कैंप में 30802, अंबिकापुर में 941 कैंप में 60654, जगदलपुर में 992 कैंप में 48969 रायगढ़ में 975 कैंप में 55021, कोरिया चिरमिरी में 433 कैंप में 19455, बीरगांव में 496 कैंप में 29049 मरीज लाभान्वित हुए हैं।

7 लाख 86 हजार 334 को दवा वितरित
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 11 माह में 7 लाख 86 हजार 334 मरीजों को दवाओं को वितरण किया गया है। रायपुर में सर्वाधिक 2 लाख 13 हजार 712, बिलासपुर में 78575, कोरबा में 72536, भिलाई में 51510, दुर्ग में 57447, राजनांदगांव में 65064, रायगढ़ में 53433, अंबिकापुर में 42838, बीरगांव में 23442, रिसाली में 24274, भिलाई चरोदा में 25672, चिरमिरी में 12079, जगदलपुर में 38917 मरीजों को दवाइंयों का वितरण किया गया है।

1 लाख 91 हजार 293 मरीजों का हुआ लैब टेस्ट
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 15166 कैंपों में लगभग 1 लाख 91 हजार 293 मरीजों का लैब टेस्ट भी किया गया है। सबसे अधिक रायपुर नगरीय क्षेत्र के 48390 मरीजों का लैब टेस्ट हुआ। बिलासपुर में 10804, कोरबा में 19696, अंबिकापुर में 16104, दुर्ग में 11167, भिलाई में 10692 और राजनांदगांव में 14992 मरीजों का लैब टेस्ट हुआ है।

प्रति एमएमयू 61 मरीजों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्लम इलाकों में शिविर लगाकर मरीजों का इलाज एवं स्वास्थ्य जांच की जाती है। शिविर में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने वाले मरीजों का औसत देखे तो प्रति एमएमयू 61 मरीजों को इसका लाभ मिल रहा है। दाई-दीदी क्लीनीक के माध्यम से प्रति एमएमयू 67 महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।

दाई-दीदी क्लीनिक में 749 कैंपों में 50358 महिलाएं हुई लाभान्वित
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत संचालित दाई-दीदी क्लीनिक देश की ऐसी पहली योजना है जिसमें महिला चिकित्सक से लेकर अन्य सभी स्टाफ महिलाएं है। महिलाओं द्वारा महिलाओं के इलाज होने से स्लम सहित आसपास की महिलाएं बेझिझक अपना उपचार करा पाती है। दाई-दीदी क्लीनिक में 749 कैंपों में 50358 महिलाएं इससे लाभन्वित हुई है।

मोबाइल मेडिकल यूनिट की संख्या बढ़ाने के साथ बढ़ाई जाएगी उपचार सुविधा
स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक अस्पताल के रूप में अपनी पहचान बना चुके मोबाइल मेडिकल यूनिट की लोकप्रियता और स्वास्थ्य लाभ को देखते हुए इसके विस्तार की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस पहल से सभी निकायों में रहने वाले जरूरमंद और गरीब परिवारों का उपचार और भी आसान हो जाएगा। वर्तमान में 14 नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही है। पहले चरण में रायपुर में 15, कोरबा में 8, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, जगदलपुर, अम्बिकापुर में 4-4, भिलाई में 3 और रिसाली, भिलाई चरोदा, धमतरी, बिरगांव, चिरमिरी में 2-2 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित है। दूसरे चरण में जिलावार 155 निकायों को भी इस योजना से लाभान्वित करने और 60 नए मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित करने की तैयारी की गई है। योजना के तहत बलौदाबाजार भाटापारा,रायगढ़ में 4, रायपुर, कबीरधाम, राजनांदगांव, बालोद,बिलासपुर और कोरिया में 3-3 जांजगीर-चाम्पा में 6, बेमेतरा, दुर्ग, मुंगेली, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में 2-2 ,गरियाबंद, कोरबा, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही, सरगुजा, नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा सहित बीजापुर में 1-1 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन कर योजना का विस्तार किया जाएगा।

Friday, 24 September 2021

39 हाथियों का दल खडगावां वन परिक्षेत्र के मंगोरा मे कर रहा विचरण

39 हाथियों का दल खडगावां वन परिक्षेत्र के मंगोरा मे कर रहा विचरण

 

कोरिया
35 वयस्क हाथी के साथ चार शावको का एक विशाल झुंड ग्राम  मांगोरा , तेंदूडांड, जोगी पोखरी के मध्य विचरण कर रहा है। बताया जा रहा है कि हाथी कोरबा जिले के पासान होते हुए बैकुंठपुर वन मंडल के वन परिक्षेत्र खंडगवा के जरौधा अंधियारिबहरा , भुजबूल डांड कर्री छप्पर कटकोना के आसपास विचरण कर रहा है 39 हाथियों का दल काफी बड़ा दल है और बीती रात हाथियों के दल ने एक ग्रामीण को घायल किया और दो घरों को नुकसान पहुंचाया घायल को जिला अस्पताल  में  भर्ती कराया गया और उसका  डॉक्टरी उपचार  चल रहा हैं  घायल के देखरेख में वन परिक्षेत्र अधिकारी व स्टाफ लगे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार कोरिया वन मंडल के पड़ोसी जिला कोरबा से हाथियों का दल खडगांवा वन परिक्षेत्र के मंगोरा करीर्छापर कटकोना के  आसपास विचरण कर रहा था मध्य रात्रि को हाथियों का दल रहवासी क्षेत्रों में प्रवेश किया जिसकी जानकारी प्राप्त होते  ग्रामीणों ने हल्ला मचा करके हाथियों के दल को खदेड़ा इस बीच एक ग्रामीण दतैल हाथी के चपेट में आ गया। जिसे दतैल हाथी ने ग्रामीण को हवा मे फेक दिया। जिससे वह घायल हो गया वन अमला और  ग्रामीण जनों के  हो हल्ला से  हाथी घायल ग्रामीण को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। घायल को वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुन सिंह के द्वारा समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया घायल का इलाज जारी है वही  घायल ग्रामीण को देखने एसडीओ मैडम अस्पताल पहुचें। और घायल का हाल जाना वही वन परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुन सिंह के द्वारा अस्पताल पहुंचकर के घायल के स्वास्थ्य का जायजा लिया और उसके परिजनों को 10000 की सहायता राशि दी  गयी। घायल का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है और हाथी के एक-एक मुमेंट की खबर वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा उच्च अधिकारी के साथ साथ मिडिया को भी दिया जा रहा है वनपरिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा जंगल में स्टाफ तैनात कर दिया गया हैं।

वन परिक्षेत्र अधिकारी के अनुसार हाथी अभी मांगोरा  तेंदूडांड, जोगी पोखरी के मध्य विचरण कर रहा है वन परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा आशंका जताई जा रही है कि हाथियों का दल सलका बेलबहरा, पेनारी होते हुए मरवाही वन मंडल के तरफ कुच कर सकता है  अब तक हाथियों की पल-पल की खबर रेंजर के द्वारा दी जा रही है गांव वाले से भी वन परिक्षेत्राधिकारी अर्जुन सिंह ने अपील किया है की हाथियों के आने से  किसी भी प्रकार का शोर गुल  ना करें और न ही उन्हे पत्थर से य गुलेल से ना मारे ऐसा करने से हाथी अक्रामक हो जाऐगें और हाथी आपके दिशा मै ही लौटेगें जिससे जनहानी हो सकती है। जिनके घर जंगल के समीप हैं वह आंगनबाड़ी या समुदायिक भवन या ग्राम पंचायत में उनके रहने की व्यवस्था की  गई है शाम होने से पहले  ही ग्रामीण जन अपने कच्चे मकान को छोड दें  और सरकारी भवन मे आ कर रूके।