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Friday, 22 October 2021

आज कन्हैया, हार्दिक व जिग्नेश आएंगे पटना, उपचुनाव वाली दोनों सीटों पर तीन-तीन दिन करेंगे प्रचार

आज कन्हैया, हार्दिक व जिग्नेश आएंगे पटना, उपचुनाव वाली दोनों सीटों पर तीन-तीन दिन करेंगे प्रचार

 

पटना

हाल ही में कांग्रेस का दामन थामने वाले युवा नेता कन्हैया कुमार, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी बिहार दौरे पर शुक्रवार यानी 22 अक्टूबर को आ रहे हैं। तीनों नेता तीन-तीन दिन तारापुर और कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। वहीं, बिहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरणदास भी शुक्रवार को ही बिहार दौरे पर आ रहे हैं। दरअसल, उपचुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने अपने तीनों युवा नेताओं कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल की तिकड़ी को चुनाव प्रचार में उतारने का निर्णय लिया है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद तीनों नेता पहली बार बिहार आ रहे हैं। पार्टी ने तीनों नेताओं के चुनाव प्रचार का कार्यक्रम भी तय कर दिया है। प्रभारी के साथ तीनों नेता पटना आने के बाद सदाकत आश्रम जाएंगे। उस दिन सदाकत आश्रम में पार्टी नेताओं की बैठक होगी। राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण नेता उस दिन कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उसी दिन शाम में तीनों युवा नेता तारापुर के लिए रवाना हो जाएंगे। 23, 24 व 25 अक्टूबर को कन्हैया, जिग्नेश व हार्दिक पटेल तारापुर में चुनाव प्रचार करेंगे। इसके बाद 26, 27 और 28 अक्टूबर को कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र में तीनों नेता चुनाव प्रचार करेंगे। चुनाव 30 अक्टूबर को होना है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जज को ठहराया महिला से रेप और धोखाधड़ी का दोषी

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जज को ठहराया महिला से रेप और धोखाधड़ी का दोषी

 

जम्मू

जम्मू-कश्मीर में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला से बलात्कार और धोखाधड़ी के एक मामले में जज को दोषी ठहराया है। जम्मू में एक निलंबित उप-न्यायाधीश पर 2018 में उनसे कानूनी मदद मांगने वाली एक महिला से बलात्कार और धोखाधड़ी का आरोप लगा था। आरोप के बाद उप-न्यायाधीश को निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सब जज की पहचान राकेश कुमार अबरोल के रूप में हुई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट जम्मू के पीठासीन अधिकारी खलील चौधरी ने अपने फैसले में कहा कि चर्चा से जो निष्कर्ष निकलता है, वह यह है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सभी सबूत आरोपी के अपराध की ओर इशारा करते हैं। कोर्ट ने कहा कि घटनाओं और तथ्यों की पूरी श्रृंखला इस ओर इशारा करता है कि आरोपी द्वारा किए गए सभी अपराध मानवीय संभावनाओं के अंतर्गत किया गया था और रिकॉर्ड पर लाए गए और स्थापित सभी परिस्थितियां आरोपी के अपराध के अनुरूप हैं।

 

अदालत ने साक्ष्यों पर कहा कि यह पीड़िता के साथ बलात्कार के लिए पूरी तरह से उत्तरदायी प्रतीत होता है। इस प्रकार, उन्हें धारा 420 और 376 (2) (के) आरपीसी के तहत अपराधों के लिए दोषी ठहराया जाता है। कोर्ट में सजा पर शनिवार को सुनवाई होगी। अदालत ने आगे कहा प्रभावी व्यक्ति, उनकी पहुंच, प्रभाव और अधिकार को ध्यान में रखते हुए, वे आम जनता या उस विशिष्ट वर्ग पर होते हैं, जिससे वे संबंधित हैं और उन्हें अधिक जिम्मेदार होना चाहिए, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अनुभव और ज्ञान के साथ अधिकार और कानून का अर्थ जानते हैं और समझते हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार रामबन निवासी पीड़ित महिला की और जज की मुलाकात उस समय हुई जब वह एक केस लड़ रही थी। न्यायिक अधिकारी होने के नाते, अबरोल ने कानूनी मदद का वादा किया और उससे घरेलू कार्यों में हाथ बटाने की बात कही। एक नाबालिग लड़की को सहारा देने के बाद महिला ने जज के घर काम करना शुरू कर दिया। जज ने महिला को उसकी बेटी को बेहतर शिक्षा देने का वादा भी किया। भियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने उसे 5000 रुपए प्रति माह वेतन देने का वादा भी किया था।

फ्री में चिकन न देने पर तोड़ दी टांग, सिंघु बॉर्डर से गिरफ्तार हुआ निहंग नवीन कुमार

फ्री में चिकन न देने पर तोड़ दी टांग, सिंघु बॉर्डर से गिरफ्तार हुआ निहंग नवीन कुमार

 

नई दिल्ली 
सिंघु बॉर्डर पर किसानों के मंच के पास निहंग सिखों द्वारा एक युवक की नृशंस हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि आज मुफ्त चिकन न देने पर एक मजदूर से मारपीट और टांग तोड़ने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हरियाणा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर मुफ्त में चिकन देने से मना करने पर एक मजदूर के साथ मारपीट करने और उसकी टांग तोड़ने के आरोप में एक निहंग नवीन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। 
 
बता दें कि सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को पंजाब के तरनतारन जिले के निवासी लखबीर सिंह (36) की हत्या कर दी गई। उसका शव धरना-प्रदर्शन स्थल से कुछ दूरी पर बैरिकेड से लटका मिला था। मृतक का एक हाथ कटा हुआ था। मृतक का संबंध निहंग समूह से बताया जाता है। हत्या की वजह एक धर्म ग्रंथ की बेअदबी को लेकर हुआ विवाद माना जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में केंद्र द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में किसान दिल्ली सीमा के तीन बिंदुओ- टिकरी, सिंघू और गाजीपुर- पर गत 10 महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं। इन किसानों में अधिकतर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं। 

Saturday, 16 October 2021

दीपावली के पूर्व 2.51 लाख आवासहीन परिवारों को मिलेगी अपने आवास की सौगात



भोपाल

मध्यप्रदेश में आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए 21 लाख 5 हजार आवास बना लिए गए हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में प्रदेश के कुछ जिलों में अतिवृष्टि के बावजूद वर्षाकाल की तिमाही में सबसे ज्यादा एक लाख 60 हजार आवास बना लिए गए। योजना में मध्यप्रदेश को मिले 26.28 लाख आवास गृह बनाने के लक्ष्य के मुकाबले प्राप्त उपलब्धि संतोषजनक ही नहीं गरीबों को आवास गृह दिलवाने की दृष्टि से सराहनीय भी है। उल्लेखनीय बात यह है कि मध्यप्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया के लोगों के लिए भी विशेष परियोजना के अंतर्गत आवास गृह उपलब्ध करवाए गए हैं। जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले इन वर्गों के लोगों के लिए यह अकल्पनीय था कि उन्हें इतनी शीघ्र आवास गृह मिल जाएगा और दीपोत्सव वे नए घर में ही मना पाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक देश के सभी आवासहीन लोगों को आवास गृह उपलब्ध कराने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की पूर्ति में मध्यप्रदेश अच्छा कार्य कर रहा है। इस क्रम में आगामी सप्ताह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 2 लाख 51 हजार हितग्राहियों को आवास गृह का एक साथ वर्चुअल गृह प्रवेश करवाएंगे। इस संबंध में आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं। सबको आवास 2022 की लक्ष्य पूर्ति में मध्यप्रदेश ने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिन परिवारों को अपने मकान की सौगात मिली है, वे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री चौहान के प्रति विशेष रूप से आभारी भी हैं। इस वर्ष दीपावली के पहले वे अपने नवनिर्मित आवास गृह में पहुँचने के लिए तैयार हो गए हैं। अब वे नए आवास गृह में ही दीपोत्सव मनाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान का कहना है कि प्रदेश में हर गरीब परिवार को भूमि का पट्टा और पात्रतानुसार आवास निर्माण की राशि दी जाएगी।

कोरोना काल में भी नहीं रुका आवास बनाने का कार्य

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निरंतर समीक्षा करते हुए आवास योजनाओं के क्रियान्वयन की गति को बढ़ाने के साफ निर्देश दिए। इसके फलस्वरूप प्रदेश में कोरोना काल में भी आवास निर्माण का कार्य नहीं रूका। इस अवधि में 3 लाख से अधिक आवास गृह निर्मित किए गए। आमतौर पर एक आवास गृह के निर्माण के लिए औसतन 4 महीने का समय तय है, लेकिन पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग ने गरीबों के लिए पक्के मकान बनाने का कार्य तेजी से पूरा करते हुए एक माह के अल्प समय में 1 लाख आवास गृह बनाकर तैयार किए। आवास निर्माण की अवधि राष्ट्रीय स्तर पर 114 दिवस है। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश में अच्छी गति के साथ आवास निर्माण के कार्य सम्पन्न हुए हैं। वर्षाकाल में यह संभव नहीं था लेकिन निर्माण एजेंसियों ने मनोयोगपूर्वक कार्य करते हुए इस उपलब्धि को हासिल किया है।

सॉफ्ट एप के माध्यम से हितग्राही के खाते में अंतरित होती है राशि

महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में उन लोगों को आवास गृह मिल गया है, जिनका अपना मकान नहीं था। योजना के प्रावधानों के अनुसार हितग्राही को मकान की इकाई लागत मैदानी क्षेत्र में एक लाख 20 हजार और दूरस्थ पहुँचविहीन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में एक लाख 30 हजार रूपए शत-प्रतिशत अनुदान के रूप में प्रदान की जाती है। यह राशि आवास निर्माण के कार्य की प्रगति के आधार पर किश्तों के रूप में दी जाती है। हितग्राही द्वारा अपने मकान के निर्माण के लिए प्रदर्शित रूचि और परिश्रम के अच्छे परिणाम मिलते हैं। पूरा परिवार पक्के आवास गृह को पाकर अपने जीवन को सार्थक महसूस करता है। सॉफ्ट एप के माध्यम से जियो टेग, फोटो अपलोड होने पर स्वमेव हितग्राही के खाते में राशि का अंतरण हो जाता है। हितग्राही को किसी सरकारी दफ्तर का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। मकान के साथ ही स्वच्छ शौचालय का निर्माण किया जाता है। यही नहीं हितग्राही को उज्जवला योजना में एलपीजी गैस कनेक्शन भी प्रदान किया जाता है।

जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे सर्जिकल स्ट्राइक-गृहमंत्री शाह




  नई दिल्ली

भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में दक्षिण गोवा के धारबंदोरा में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखते हुए कहा था कि भारत की सीमाओं से छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमित शाह ने कहा था कि भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर भारत सर्जिकल स्ट्राइक करेगा.

अमित शाह ने कहा था, सर्जिकल स्ट्राइक के सहारे दुनिया को हम बता चुके हैं कि भारत अब आतंकी दुस्साहस को कबूल नहीं करेगा. 2016 में हमारे जवानों ने दुश्मन के घर में घुसकर सेना पर हमले का बदला लिया था, आगे भी ऐसा ही होगा और दहशतगर्दों को उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा जैसी उन्हें समझ आती है. अमित शाह के इस बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की भी प्रतिक्रिया आई है.

'अमित शाह दे रहे हैं भड़काऊ बयान'

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सर्जिकल स्ट्राइक वाले बयान को भ्रामक करार दिया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "भारतीय गृहमंत्री द्वारा पाकिस्तान में कथित 'सर्जिकल स्ट्राइक' की धमकी वाले गैर जिम्मेदाराना और भड़काऊ बयान की कड़े शब्दों में निंदा करता है. भारत के गृहमंत्री का बयान बीजेपी-आरएसएस की खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसका मकसद क्षेत्रीय तनाव पैदा करना है. पाकिस्तान से दुश्मनी वाले ये बयान उन्हें विचारधारा स्तर पर और पॉलिटिकल स्तर पर काफी फायदा पहुंचाते हैं."

'गंभीर मुद्दों से भटका रहे लोगों का ध्यान'

इस स्टेटमेंट में आगे लिखा था कि इस तरह के बयान भारत में फैल रहे आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर मानवाधिकारों के उल्लंघन से इंटरनेशनल कम्युनिटी का ध्यान भटकाने का काम करते हैं. पाकिस्तान ने हमेशा से ही इंटरनेशनल समुदाय का ध्यान भारत के इस खतरनाक प्लान की तरफ आकर्षित करने की कोशिश की है क्योंकि इसके तहत पाकिस्तानियों और कश्मीरियों को फंसाने की कोशिश की जाती रही है.

इसमें आगे लिखा था कि साल 2019 में भारत के बालाकोट दुस्साहस को लेकर पाकिस्तान ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी. ये साफ करता है कि भारतीय आक्रमण को रोकने के लिए हमारी सेना की तैयारी और क्षमता में कोई कमी नहीं थी.

बता दें कि अगले साल चुनाव के मद्देनजर अमित शाह गोवा पहुंचे थे. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान गोवा के पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर को भी याद किया और कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में आतंकी हमले के बाद पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक इस्तेमाल करने का श्रेय भी स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर को जाता है.

Friday, 15 October 2021

बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा



विजय दशमी या विजयादशमी अथवा दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय त्योहार है। रामलीला में जगह-जगह रावण वध का प्रदर्शन होता है। क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है। ब्रज के मंदिरों में इस दिन विशेष दर्शन होते हैं। इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। यह त्योहार क्षत्रियों का माना जाता है। इसमें अपराजिता देवी की पूजा होती है। यह पूजन भी सर्वसुख देने वाला है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्रि के बाद दसवें दिन मनाया जाता है। इस दिन राम ने रावण का वध किया था। रावण राम की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले गया था। भगवान राम युद्ध की देवी मां दुर्गा के भक्त थे, उन्होंने युद्ध के दौरान पहले नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की और दसवें दिन दुष्ट रावण का वध किया। इसके बाद राम ने भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान और बंदरों की सेना के साथ एक बड़ा युद्ध लड़कर सीता को छुड़ाया। इसलिए विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं। कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं। पुतले में आग लगते ही वह धू-धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है…

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति के विषय में कई कल्पनाएं की गई हैं। भारत के कतिपय भागों में नए अन्नों की हवि देने, द्वार पर धान की हरी एवं अनपकी बालियों को टांगने तथा गेहूं आदि को कानों, मस्तक या पगड़ी पर रखने के कृत्य होते हैं। अतः कुछ लोगों का मत है कि यह कृषि का उत्सव है। कुछ लोगों के मत से यह रणयात्रा का द्योतक है क्योंकि दशहरा के समय वर्षा समाप्त हो जाती है, नदियों की बाढ़ थम जाती है, धान आदि कोष्ठागार में रखे जाने वाले हो जाते हैं।

संभवतः यह उत्सव इसी दूसरे मत से संबंधित है। भारत के अतिरिक्त अन्य देशों में भी राजाओं के युद्ध प्रयाण के लिए यही ऋतु निश्चित थी। शमी पूजा भी प्राचीन है। वैदिक यज्ञों के लिए शमी वृक्ष में उगे अश्वत्थ (पीपल) की दो टहनियों (अरणियों) से अग्नि उत्पन्न की जाती थी। अग्नि शक्ति एवं साहस की द्योतक है, शमी की लकड़ी के कुंदे अग्नि उत्पत्ति में सहायक होते हैं, जहां अग्नि एवं शमी की पवित्रता एवं उपयोगिता की ओर मंत्रसिक्त संकेत हैं। इस उत्सव का संबंध नवरात्र से भी है क्योंकि इसमें महिषासुर के विरोध में देवी के साहसपूर्ण कृत्यों का भी उल्लेख होता है और नवरात्र के उपरांत ही यह उत्सव होता है।

रामलीला

दशहरा उत्सव में रामलीला भी महत्त्वपूर्ण है। रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण के जीवन के वृत्तांत का वर्णन किया जाता है। रामलीला नाटक का मंचन देश के विभिन्न क्षेत्रों में होता है। यह देश में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। बंगाल और मध्य भारत के अलावा दशहरा पर्व देश के अन्य राज्यों में क्षेत्रीय विषमता के बावजूद एक समान उत्साह और शौक से मनाया जाता है। उत्तरी भारत में रामलीला के उत्सव दस दिनों तक चलते रहते हैं और आश्विन माह की दशमी को समाप्त होते हैं, जिस दिन रावण एवं उसके साथियों की आकृति जलाई जाती है। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर और भी कई प्रकार के कृत्य होते हैं, यथा हथियारों की पूजा, दशहरा या विजयादशमी से संबंधित वृत्तियों के औजारों या यंत्रों की पूजा।

पौराणिक मान्यताएं

इस अवसर पर कहीं-कहीं भैंसे या बकरे की बलि दी जाती है। भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व देशी राज्यों में, यथा बड़ोदा, मैसूर आदि रियासतों में विजयादशमी के अवसर पर दरबार लगते थे और हौदों से युक्त हाथी दौड़ते तथा उछलकूद करते हुए घोड़ों की सवारियां राजधानी की सड़कों पर निकलती थीं और जुलूस निकाला जाता था। प्राचीन एवं मध्य काल में घोड़ों, हाथियों, सैनिकों एवं स्वयं का नीराजन उत्सव राजा लोग करते थे।

वनस्पति पूजन

विजयदशमी पर दो विशेष प्रकार की वनस्पतियों के पूजन का महत्त्व है। एक है शमी वृक्ष, जिसका पूजन रावण दहन के बाद करके इसकी पत्तियों को स्वर्ण पत्तियों के रूप में एक-दूसरे को ससम्मान प्रदान किया जाता है। इस परंपरा में विजय उल्लास पर्व की कामना के साथ समृद्धि की कामना करते हैं। दूसरा है अपराजिता। यह पौधा अपने नाम के अनुरूप ही है। यह विष्णु को प्रिय है और प्रत्येक परिस्थिति में सहायक बनकर विजय प्रदान करने वाला है। नीले रंग के पुष्प का यह पौधा भारत में सुलभता से उपलब्ध है। घरों में समृद्धि के लिए तुलसी की भांति इसकी नियमित सेवा की जाती है। मेला दशहरा पर्व को मनाने के लिए जगह-जगह बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। यहां लोग अपने परिवार, दोस्तों के साथ आते हैं और खुले आसमान के नीचे मेले का पूरा आनंद लेते हैं। मेले में तरह-तरह की वस्तुएं, चूडि़यों से लेकर खिलौने और कपड़े बेचे जाते हैं। इसके साथ ही मेले में व्यंजनों की भी भरमार रहती है।

Saturday, 9 October 2021

यूपी-बिहार के लिए त्योहारों पर चलेंगी 78 ट्रेन

यूपी-बिहार के लिए त्योहारों पर चलेंगी 78 ट्रेन

 

 नई दिल्ली 
दीवाली और छठ को लेकर उत्तर रेलवे का एक्शन प्लान तैयार है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक त्योहारों पर बिहार व उत्तर प्रदेश के लिए 78 रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। वहीं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए प्लेटफार्म पर 30 मिनट पहले तक ट्रेन लगाई जाएंगी, जिससे यात्रियों को चढ़ने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। त्योहारों के समीप व्यस्त समय में जब रेलवे स्टेशनों पर सबसे अधिक भीड़ होगी तो 29 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच एक्शन प्लान लागू होगा। रेलवे अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश हैं कि त्योहारों के समय एक बार तय करने के बाद ट्रेन का प्लेटफार्म बदला नहीं जाए। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अधिकारियों के मुताबिक त्येहारों के समय नई दिल्ली स्टेशन पर पूर्वी क्षेत्र में जाने वाली सभी ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 16 और आनंद विहार पर प्लेटफार्म नंबर 1 से चलेंगी। यह दोनों प्लेटफार्म गेट के पास पड़ते हैं। 

ऐसे में यात्रियों का ट्रेन तक पहुंचना आसान होगा। दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक डिम्पी गर्ग के मुताबिक स्टेशन पर कोरोना संक्रमण के तमाम नियमों और शर्तों का पालन किया जाएगा। स्टेशनों पर सैनेटाइजेशन की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए बैठने व खड़े रहने के लिए भी निशान बनाएं गए हैं। 
 
मिनी कंट्रोल रूम होगा तैयार
नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली व आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर मिनी कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। मिनी कंट्रोल रूम में ऑपरेशन, कमर्शियल, इलेक्ट्रिकल समेत सभी विभाग के रेलवे कर्मचारी चौबीस घंटे तैनात रहेंगे। जो किसी प्रकार की शिकायत होने पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। प्रत्येक स्टेशन पर एक स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर इंचार्ज होगा, कंट्रोल रूम में मंडल के तमाम अधिकारियों, एंबुलेंस, दमकल विभाग व आरपीएफ और एनडीआरएफ के संपर्क नंबर होंगे। स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर आला अधिकारियों से संपर्क में रहेंगे। वह हर पल की जानकारी फोटो के साथ अधिकारियों को व्हाट्सएप ग्रुप पर देंगे।

Friday, 8 October 2021

बीजेपी में किया दीदी का अपमान; अब ऐसे नेताओं को टीएमसी बुलाकर ममता कर रहीं अपना नुकसान'

बीजेपी में किया दीदी का अपमान; अब ऐसे नेताओं को टीएमसी बुलाकर ममता कर रहीं अपना नुकसान'

 

कोलकाता 
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस एक-एक कर अपने सभी साथियों की पार्टी में वापसी करा रही है। गुरुवार को राजरहाट से विधायक सब्यसाची दत्ता दो साल तक बीजेपी में रहने के बाद दोबारा टीएमसी में शामिल हो गए। हालांकि, नेताओं की घर वापसी को लेकर टीएमसी के कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। 

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, 'हाल के विधानसभा चुनावों में जिन लोगों ने ममता बनर्जी का अपमान किया, उन्हें टीएमसी में वापस लाने से हमारे कार्यकर्ता नाखुश हैं। यह स्वाभाविक है कि पार्टी के गंभीर कार्यकर्ताओं को उन लोगों की वापसी पसंद न आए जो कल तक किसी और पार्टी में थे और अब एक बार फिर से टीएमसी में हैं।'

सब्यसाची दत्ता ने गुरुवार को बंगाल सीएम ममता बनर्जी और दो अन्य- जाकिर हुसैन, अमीरुल इस्लाम के विधायक पद की शपथ के बाद टीएमसी जॉइन की। दत्ता बीजेपी के राज्य सचिवों में से एक थे। पार्टी में शामिल होने के बाद दत्ता ने कहा, 'मैंने एक भावुक निर्णय लिया और पार्टी सहयोगियों के साथ गलतफहमियों की वजह से बीजेपी चला गया। टीएमसी मुझे जो भी भूमिका देगी मैं उसे दिल से निभाऊंगा।'

  
इस बीच टीएमसी के बंगाल महासचिव कुणाल घोष ने भी तंज भरे अंदाज में कहा, 'जिन लोगों को एहसास हो गया कि टीएमसी के बाहर उनका कोई अस्तित्व नहीं और वे ममता बनर्जी की शरण के बिना नहीं जी सकते, वे पार्टी में वापसी कर रहे हैं।'बता दें कि दत्ता इस साल जून माह से अब तक बीजेपी छोड़ टीएमसी में वापसी करने वाले छठे नेता हैं। 

NCB ने नाइजीरियाई युवक समेत अब तक 17 लोगों को पकड़ा, ड्रग्स की 40 गोलियां बरामद

NCB ने नाइजीरियाई युवक समेत अब तक 17 लोगों को पकड़ा, ड्रग्स की 40 गोलियां बरामद

 

नई दिल्ली
मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई जारी है। एनसीबी ने अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को एक नाइजीरियाई युवक को भी गिरफ्तार किया गया है। जिसके बाद अब तक पकड़े गये कुल लोगों की संख्या 17 हो गई है। रात के अंधेरे में इस नाइजीरियाई युवक को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि इसके पास से प्रतिबंधित ड्रग्स  Ecstasy की 40 गोलियां मिली हैं। मुंबई तट के पास एक क्रूज जहाज से कथित तौर पर मादक पदार्थ जब्त होने से संबंधित मामले में यहां की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान और सात अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस दौरान न्यायाधीश ने एनसीबी की हिरासत अवधि बढ़ाए जाने की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि अस्पष्ट आधार पर हिरासत प्रदान नहीं की जा सकती।  अदालत ने कहा कि जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी।

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने आर्यन खान और अन्य आरोपियों की एनसीबी हिरासत अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध करते हुए दलील दी कि साजिश की कड़ियों का खुलासा करने के लिए आरोपियों का सामना इस मामले में गिरफ्तार अन्य व्यक्ति से कराए जाने की जरूरत है। हालांकि, अदालत ने इसे अनुमति नहीं दी। गोवा जा रहे क्रूज पर तीन अक्टूबर को की गई छापेमारी के दौरान आर्यन खान, मुनमुन धमेचा और अरबाज मर्जेंट को एनसीबी ने गिरफ्तार किया था जबकि बाकी पांच अन्य आरोपियों को अगले दिन गिरफ्तार किया गया था। बृहस्पतिवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर आरोपियों को अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आर एम नेर्लिकर के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एनसीबी आरोपियों को 11 अक्टूबर तक हिरासत में रखना चाहती थी। एजेंसी ने अदालत से कहा कि उसने आर्यन और मर्चेंट के बयानों के आधार पर अचित कुमार को गिरफ्तार किया है। एनसीबी ने कहा कि साजिश का पर्दाफाश करने के लिए आरोपियों का कुमार से सामना कराए जाने की जरूरत है।

सभी आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि एनसीबी की आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाने की याचिका का मकसद कुमार से आरोपियों का सामना कराना है। कुमार को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया गया था। उसे बृहस्पतिवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया जहां से कुमार को नौ अक्टूबर तक एनसीबी की हिरासत में भेज दिया गया। अदालत ने कुमार की गिरफ्तारी के समय को ध्यान में रखते हुए कहा कि जब आर्यन और कुमार एनसीबी की हिरासत में थे और उन्हें अदालत में पेश किए जाने तक कोई जांच नहीं की गई। अदालत ने कहा कि बचाव पक्ष के वकीलों की दलील है कि एजेंसी को अब तक की गई जांच का ब्यौरा देना चाहिए जोकि उसके द्वारा दायर रिमांड आवेदन में दिखाई नहीं पड़ती है। अदालत ने कहा कि बिना पुष्ट कारण के हिरासत प्रदान नहीं की जा सकती है।

10 अक्टूबर से शुरू होंगी त्योहार विशेष रेलगाड़ियां, वैष्णो देवी के लिए भी चलेंगी दो ट्रेन

10 अक्टूबर से शुरू होंगी त्योहार विशेष रेलगाड़ियां, वैष्णो देवी के लिए भी चलेंगी दो ट्रेन

 

नई दिल्ली 
यदि आप त्योहारों पर घर जाने का विचार कर रहे हैं और ट्रेन में टिकट उपलब्ध न होने की समस्या से परेशान हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। दिल्ली से 10 अक्टूबर से त्योहार विशेष रेलगाड़ियां शुरू होने जा रही हैं। फिलहाल आठ ट्रेन की घोषणा की गई है। आगे इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। नवरात्र के मौके पर इनमें से दो ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा के लिए भी हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक बिहार और उत्तर प्रदेश के उन रूटों की पहचान की जा रही है जहां पिछले वर्ष दिवाली और छठ पर ट्रेन फुल या मांग अधिक रही थी। इसकी पहचान होने के बाद जल्द ही यहां के लिए त्योहार स्पेशल ट्रेन की घोषणा की जाएगी।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कुछ डिब्बे रिजर्व रखे जाएंगे। उन्हें जरूरत पड़ने पर अंतिम समय में इस्तेमाल किया जाएगा। त्योहार विशेष ट्रेन केवल कुछ समय-सीमा के लिए चलाई जाती हैं। इसके अलावा कुछ क्लोन ट्रेन चलाई जाएंगी, जिन्हें व्यस्त रूटों पर आगे भी यात्री उपयोग कर सकेंगे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि बुकिंग काउंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट से ही टिकट खरीदें। वर्ष 2020 में दिल्ली से करीब 40 से अधिक त्योहार विशेष ट्रेन चलाई गई थीं। इनमें से करीब 90 फीसदी ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए थीं।

कश्मीर: दो शिक्षकों की हत्या पर केजरीवाल ने जताया दुख, बोले-आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत

कश्मीर: दो शिक्षकों की हत्या पर केजरीवाल ने जताया दुख, बोले-आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत

 

नई दिल्ली
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कश्मीर में दो शिक्षकों की हुई हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने आतंकवादियों पर बेबाक बोलते हुए कहा कि आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिए जाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा कि 'कश्मीर में आतंकियों द्वारा शिक्षकों की निर्मम हत्या बेहद व्यथित करने वाली हैं। मृतकों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिए जाने की ज़रुरत है। देश के लोगों की सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा सकती।

Thursday, 7 October 2021

बीजेपी की नई कार्यकारिणी में मिथुन चक्रवर्ती को मिली जगह

बीजेपी की नई कार्यकारिणी में मिथुन चक्रवर्ती को मिली जगह

 

नई दिल्ली
बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान किया. राष्ट्रीय कार्यसमिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी , राज्यसभा में सदन के नेता केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एवं सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हैं.
 
309 सदस्यों की इस नई कार्यकारिणी में मिथुन चक्रवर्ती और हेमा मालिनी को भी जगह दी गई है जबकि मेनका गांधी और वरुण गांधी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.


मेनका गांधी और वरुण गांधी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल न किए जाने को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के इस कदम से ये पता चलता है कि बीजपी में कितना लोकतंत्र है. वरुण गांधी में अगर थोड़ा सा भी सम्मान बचा है तो उन्हें भाजपा छोड़ देनी चाहिए. वो इस लालच में न रहें कि आने वाले समय में उन्हें मंत्री बना दिया जाएगा.

बता दें कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद वरुण गांधी लगातार योगी सरकार पर हमलावर हैं. ऐसे में बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

योगी सरकार को चौतरफा घेरने की तैयारी में कांग्रेस, पंजाब के साथ राजस्थान से भी निकालेगी मार्च

योगी सरकार को चौतरफा घेरने की तैयारी में कांग्रेस, पंजाब के साथ राजस्थान से भी निकालेगी मार्च

 

जयपुर
उत्तर प्रदेश के लखीमपुरी खीरी में हुई हिंसा के बाद योगी सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर चुकी है। पंजाब के बाद अब राजस्थान कांग्रेस इकाई भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गुरुवार को भरतपुर जिले से लखीमपुर खीरी तक मार्च निकालेंगे। इस मार्च की अगुवाई राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा करेंगे।  राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने बुधवार को ट्वीट कर कहा हिंसा में मारे गए किसानों के पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और हत्यारों को कड़ी सजा की मांग करने के लिए, राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता कल सुबह 11 बजे भरतपुर बॉर्डर से लखीमपुर खीरी के लिए मार्च करेंगे।

कांग्रेस पार्टी के नेताओं के अनुसार, राज्य कैबिनेट के सदस्य भी मार्च में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों को उत्तर प्रदेश की सीमा पर आगे बढ़ने से रोका गया तो कांग्रेस नेता गिरफ्तारी के लिए तैयार रहेंगे। बता दें कि पंजाब कांग्रेस ने गुरुवार से मोहाली से लखीमपुर खीरी तक मार्च का ऐलान किया है, जिसकी अगुआई नवजोत सिंह सिद्धू करेंगे, जिन्होंने पिछले दिनों चन्नी सरकार में अपनी दखल नहीं स्वीकार किए जाने से नाराज होकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। पंजाब कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू इस पैद मार्च की अगुआई करेंगे, जो मौहाली से गुरुवार को शुरू होगी और लखीमपुर खीरी तक जाएगी। 

फोर्ब्स ने जारी की देश के अमीर लोगों की लिस्ट

फोर्ब्स ने जारी की देश के अमीर लोगों की लिस्ट

 

नई दिल्ली
भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में रिलाइंस  इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी पहले पायदान पर हैं. दुनियाभर में अमीरों की जानकारी देने वाली मैगजीन फोर्ब्स के अनुसार साल 2021 में मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं. अंबानी साल 2008 से लगातार 14वें साल अरबपतियों की लिस्ट में शीर्ष पर हैं. अमीरों की इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर गौतम अडानी  और तीसरे नंबर पर शिव नाडर हैं.

फोर्ब्स ने भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट जारी की है. इसके मुताबिक मुकेश अंबानी की संपत्ति करीब 93 बिलियन डॉलर यानी 6.96 लाख करोड़ रुपये है. इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर काबिज गौतम अडानी के पास  74.8 बिलियन डॉलर यानी 5.61 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी के दूसरे वर्ष में भारत के सबसे अमीरों ने अपनी संपत्ति में 50 प्रतिशत की वृद्धि की.

फोर्ब्स का कहना है कि इस लिस्ट में फैमिली, शेयर बाजार, विश्लेषकों और भारत की रेग्युलेटर एजेंसियों से मिली शेयरहोल्डिंग और फाइनेंशियल जानकारी के आधार पर इसे तैयार किया जाता है. रैंकिंग में फैमिली फॉर्च्यून को लिस्ट किया जाता है. प्राइवेट कंपनियों का वैल्यूएशन सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली समान कंपनियों के आधार पर किया गया था.

100 सबसे अमीरों की संपत्ति अब 775 अरब डॉलर
कोविड -19 की दूसरी लहर के बाद भारत ने दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास बहाल कर दिया. नई ऊंचाईयों को छूते हुए बेंचमार्क सेंसेक्स एक साल पहले के मुकाबले 52 प्रतिशत बढ़ गया. इसके बाद देश के 100 सबसे अमीर लोग और ज्यादा अमीर हो गए. फोर्ब्स के मुताबिक देश के 100 अमीर लोगों ने पिछले 12 महीनों में 50% बढ़त के साथ 257 बिलियन डॉलर की कमाई की. इस कमाई के बाद उनकी संपत्ति 775 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड मूल्य पर पहुंच गई है. यानी कि अब भारत के 100 सबसे अमीरों की संपत्ति अब 775 अरब डॉलर है.

Wednesday, 6 October 2021

मुजफ्फरपुर में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 200 किलो चांदी जब्त

मुजफ्फरपुर में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 200 किलो चांदी जब्त

 

मुजफ्फरपुर
राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की मुजफ्फरपुर टीम ने मनियारी थाना के काजी इंडा टोल प्लाजा के पास से कार सवार सर्राफ व उसके चालक को दो सौ किलो से अधिक चांदी के गहनों के साथ दबोचा है। गहने विदेश से तस्करी कर लाए गए हैं। इसकी कीमत सवा करोड़ रुपये आंकी गई है। टीम ने सोमवार की देर रात कार्रवाई की। माड़ीपुर स्थित डीआरआई कार्यालय में सर्राफ व चालक से पूछताछ के आधार पर टीम ने मंगलवार को गरीबनाथ मंदिर रोड स्थित दो आभूषण दुकानों में पांच घंटे तक छापेमारी की। मौके से दो अन्य सर्राफ को भी हिरासत में लिया। दुकानों को बंद करा दिया। इस कार्रवाई की डीआरआई के एक अधिकारी ने पुष्टि की है। हालांकि, जांच पूरी होने पर जानकारी देने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि फिलहाल जांच जारी है। डीआरआई सूत्रों की मानें तो गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने रणनीति बनाकर टोल प्लाजा पर कार को रोका। चालक व सर्राफ से पूछताछ की। उनलोगों ने बताया कि वे देवघर से लौट रहे हैं। गाड़ी की डिक्की की जांच करने पर दो बैग में चांदी के गहने मिले। टीम ने दोनों का मोबाइल जब्त कर लिया। इस संबंध में पूछताछ करने पर दोनों ने टीम को ठोस जानकारी नहीं दी। भारी मात्रा में चांदी के गहने ले जाने का उद्देश्य भी नहीं बताया। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर टीम माड़ीपुर स्थित कार्यालय पहुंची, जहां सुबह तक पूछताछ की। इसके बाद दुकानों में छापेमारी करने सुबह दस बजे टीम पहुंची।

ग्राहक बनकर पहुंचे आभूषण दुकान
सूत्रों की मानें तो काजी इंडा से पकड़े गए सर्राफ से पूछताछ के बाद डीआरआई की टीम गरीबनाथ मंदिर रोड स्थित दो दुकान पहुंची। दुकानदारों को गहने दिखाने के लिए कहा। टीम ने भारी मात्रा में खरीदारी को लेकर बातचीत की। कीमत को लेकर तोलमोल करने लगी। जैसे ही दुकानदारों ने तोलमोल करने का आश्वासन दिया, टीम ने अपना परिचय देकर दुकान के गेट को बंद कराया। फिर छापेमारी शुरू की। स्टॉक रजिस्टर से लेकर सेल रजिस्टर तक की जांच की। इसमें कई गड़बड़ी मिली। दोपहर करीब चार बजे डीआरआई की टीम दोनों दुकानदार को हिरासत में लेकर कार्यालय लौटी, जहां उनके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

मुम्बई से होते हुए कोलकाता मंगाई खेप
टीम ने तीनों सर्राफ व चालक के मोबाइल को जब्त कर लिया है। उनकी कॉल डिटेल लेकर नेटवर्क में शामिल अन्य धंधेबाजों को भी चिह्नित करने में जुटी है। प्रारंभित छानबीन के बाद बताया गया कि काजी इंडा से पकड़े गये गहने को तस्करों ने मुम्बई से वाया कोलकाता मंगाया था। इसके बाद वे इसे लेकर मुजफ्फरपुर के लिए निकले थे। खेप मुजफ्फरपुर के अलावा मोतिहारी, बेतिया व सीतामढ़ी के कारोबारियों तक पहुंचानी थी।

रेल लाइन बिछा रही कंपनी के इंजीनियर को गोली मारी

रेल लाइन बिछा रही कंपनी के इंजीनियर को गोली मारी

 

मेदिनीनगर
पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र में रेल लाइन बिछा रही कंपनी अशोका बिल्डकॉन के जूनियर इंजीनियर वीरेन्द्र कुमार को मंगलवार को अपराधियों ने गोली मार दी। वीरेंद्र की जांघ और बाएं कूल्हे में दो गोली लगी है। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल इंजीनियर को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पलामू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया। घायल जेई बिहार के मोतिहारी निवासी प्रमोद साव के पुत्र हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बतायी जा रही है। बताया जाता है कि इंजीनियर वीरेंद्र कुमार हैदरनगर के सिमरसोत गांव के पास दोपहर में रेलवे पुल का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान वहां बाइक से दो अपराधी पहुंचे और इंजीनियर को लक्ष्य कर गोली चला दी। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। बता दें कि पलामू में फ्रेट कोरिडोर के तहत पूर्व मध्य रेलवे के दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) मंडल अंतर्गत गढ़वा रोड-सोननगर रेल खंड पर तीसरी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। फायरिंग के बाद रेल ट्रैक बिछाने का काम रोक दिया गया। सूत्रों के अनुसार रेल पटरी बिछा रही कंपनी से लेवी की मांग को लेकर आपराधिक तत्व लगातार दबाव बना रहे हैं। इससे पहले आठ जुलाई को भी अशोका बिल्डकॉन के पलामू जिलांतर्गत मोहम्मदगंज थाना के सोनबरसा गांव स्थित कैंप कार्यालय में अपराधियों ने फायरिंग की थी जिसमें प्रभु राम नामक मजदूर घायल हो गया था। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पराग विष्णु चौधरी को कई बार मैसेज और फोन कर रंगदारी की मांग की जा चुकी है। 

गोली मारकर गढ़वा की ओर भाग निकले अपराधी:
जेई वीरेन्द्र कुमार को दो गोली मारने के बाद अपराधी हैदरनगर होते हुए गढ़वा की ओर भाग निकले। पुलिस ने घटनास्थल से पांच खोखे बरामद किए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वीरेन्द्र कुमार को गोली मारनेवाले नकाबपोश हमलावर लाल रंग की पल्सर बाइक पर सवार थे। पांच राउंड हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने के बाद उन्होंने जेई को निशाना बनाया।

भारत में आ सकता है बिजली संकट? 64 बिजली संयंत्रों के पास 4 दिन का ही कोयला भंडार

भारत में आ सकता है बिजली संकट? 64 बिजली संयंत्रों के पास 4 दिन का ही कोयला भंडार

 

नई दिल्ली
त्योहारी सीजन से पहले देश में कोयला संकट बढ़ता जा रहा है। अगर कोयले का संकट देश में और गहराया तो फिर आपके घरों की बिजली भी गूल हो सकती है। दरअसल, देश में खानों से दूर स्थित (नॉन-पिटहेड) 64 बिजली संयंत्रों के पास चार दिन से भी कम का कोयला भंडार बचा है। कोयला खानों से दूर स्थित बिजली संयंत्रों को नॉन-पिटहेड कहते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन बिजली उत्पादन केंद्र में कोयले का स्टॉक खत्म हो रहा है और आने वाले तीन-चार दिनों में पूरा स्टॉक ही खत्म हो जाएगा।

देश में 70 फीसदी बिजली उत्पादन केंद्र कोयले पर आधारित है. कुल 135 थर्मल पावर प्लांट्स में से 72 के पास कोयले का 3 दिन से भी कम का स्टॉक है. जबकि 50 पावर प्लांट ऐसे है जहां कोयले का 4 से 10 दिन का स्टॉक बचा हुआ है. 13 प्लांट्स ही ऐसे हैं जहां 10 दिन से ज्यादा का कोयला बचा है.

ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इसके पीछे बड़ी वजह कोयले के उत्पादन और उसके आयात में आ रही दिक्कतें हैं. मानसून की वजह से कोयला उत्पादन में कमी आई है. इसकी कीमतें बढ़ी हैं और ट्रांसपोर्टेशन में काफी रुकावटें आई हैं. ये ऐसी समस्याएं हैं जिसकी वजह से आने वाले समय में देश के अंदर बिजली संकट पैदा हो सकता है.

कोयला संकट के पीछे कोरोना काल भी बड़ी वजह

ऊर्जा मंत्रालय ने बताया है कि बिजली संकट के पीछे एक वजह कोरोना काल भी है. दरअसल, इस दौरान बिजली का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हुआ है और अब भी पहले के मुकाबले बिजली की मांग काफी बढ़ी हुई है. ऊर्जा मंत्रालय के एक आंकड़े के अनुसार 2019 में अगस्त-सितंबर महीने में बिजली की कुल खपत 10 हजार 660 करोड़ यूनिट प्रति महीना थी. यह आंकड़ा 2021 में बढ़कर 12 हजार 420 करोड़ यूनिट प्रति महीने तक पहुंच गया है.

बिजली की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए कोयले की खपत बढ़ी. 2021 के अगस्त-सितंबर महीने में कोयले की खपत 2019 के मुकाबले 18 प्रतिशत तक बढ़ी है. भारत के पास 300 अरब टन का कोयला भंडार है. लेकिन फिर भी बड़ी मात्रा में कोयले का आयात इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों से करता है. अगर इंडोनेशिया की ही बात करें तो मार्च 2021 में कोयला की कीमत 60 डॉलर प्रति टन थी जो अब बढ़कर 200 डॉलर प्रति टन हो गई है. इस वजह से कोयले का आयात कम हुआ है. ऐसी कई वजहें हैं जिससे थर्मल पावर प्लांट्स की बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए कोयला नहीं पहुंच पा रहा है. इस वजह से प्लांट के कोयला भंडार समय के साथ-साथ कम होता गया. अब हालत यह है कि 4 दिन बाद देश के कई इलाकों में अंधेरा हो सकता है.

कोयले संकट पर ओवैसी ने पीएम पर साधा निशाना

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कोयले के संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व में कोयला बिजली स्टेशनों के पास केवल औसतन चार दिनों का कोयले का स्टॉक बचा हुआ है. यह पिछले कई सालों में सबसे कम उपलब्ध स्टॉक है. बिजली बिल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसके अलावा, बिजली कटौती का सामना भी करना पड़ सकता है. देश में 70 फीसदी बिजली कोयले पर ही निर्भर करती है

Tuesday, 5 October 2021

लखीमपुर खीरी:पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा, घिसटने, पिटाई और ब्रेन हेमरेज से हुईं 8 मौतें

 



उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में मारे गए 8 लोगों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) सामने आ गई है. इस रिपोर्ट में सामने आया है कि किसी की मौत शॉक लगने से तो किसी की हेमरेज से हुई है. लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं कही गई है.

मृतकों के परिजनों को 45 लाख का मुआवजा

सोमवार को प्रशासन और किसानों के बीच समझौता हो गया. तय हुआ कि हिंसा में मारे गए चारों किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी. साथ ही हिंसा में घायल हुए लोगों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे.

क्या हुआ था लखीमपुर में?

रविवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तय कार्यक्रम के तहत लखीमपुर खीरी के दौरे पर थे. उन्हें रिसीव करने के लिए गाड़ियां जा रही थीं. ये गाड़ियां केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की बताई गईं. रास्ते में तिकुनिया इलाके में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इससे झड़प हो गई. बाद में ऐसा आरोप लगाया गया कि आशीष मिश्रा ने किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई. किसानों की मौत के बाद मामला बढ़ गया और हिंसा भड़क गई. हिंसा में बीजेपी नेता के ड्राइवर समेत चार लोगों की मौत हो गई. कुल मिलाकर इस हिंसा में अब तक 8 लोगों की मौत हो गई थी |

सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने किया प्रदर्शन

सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने किया प्रदर्शन

 


चार अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक दिन पहले हुई घटना पर अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए किसानों ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर सोमवार को प्रदर्शन किया। उक्त घटना में हिंसक झड़प में चार किसानों की मौत हो गई थी। सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने काले झंडे लेकर पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक प्रदर्शन किया।

किसान नेता अभिमन्यु कोहर ने कहा, “लखीमपुर खीरी में जो हुआ उस पर अपना आक्रोश व्यक्त करने और अपनी मांगें रखने के लिए हमने प्रदर्शन किया। हमारी मांग है कि केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा को निलंबित किया जाए, घटना के जिम्मेदार लोगों को धारा 302 के तहत गिरफ्तार किया जाए और सरकार को मृत किसानों के परिजनों को मुआवजा देना चाहिए।”

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले लखीमपुर खीरी में हुई घटना में आठ लोगों की मौत हो गई जिसमें कथित तौर पर चार किसानों के ऊपर गाड़ी चढ़ गई और भारतीय जनता पार्टी के काफिले के चार लोगों को भीड़ ने मार डाला। उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक मृत किसान के परिजन को 45-45 लाख रुपये मुआवजा और स्थानीय स्तर पर एक सरकारी नौकरी देगी।

एक अन्य किसान नेता अवतार मेहमा ने कहा, “ताजा समाचार मिला है कि दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है और हमें बताया गया कि पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करवाई जाएगी।”

उन्होंने कहा, “हमें यह भी बताया गया है कि मृत किसानों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर 45-45 लाख रुपये दिए जाएंगे और जो घायल हैं उन्हें 10-10 लाख रुपये मिलेंगे।” किसान नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक समेत देश के अन्य भागों में इसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन हुए।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लखीमपुर खीरी में प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने की खबरों पर योगेंद्र यादव ने ट्वीट किया, “विपक्षी नेताओं और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को रोकने से ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश सरकार कुछ छिपाना चाहती है।”

उन्होंने कहा, “भाजपा शासित राज्यों में ऐसे कठोर कदम लगातार उठाए जा रहे हैं और इससे भाजपा की असुरक्षा की भावना परिलक्षित होती है।”

क्रूज पर फिर से NCB ने मारा छापा, ड्रग्स बरामद, आठ हिरासत में

क्रूज पर फिर से NCB ने मारा छापा, ड्रग्स बरामद, आठ हिरासत में

 


मुंबई
मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज पर एनसीबी के अधिकारियों ने फिर से छापेमारी की है। यह छापेमारी सोमवार सुबह छह बजे के आसपास की गई है, जिसमें अधिकारियों को ड्रग्स की बड़ी खेप बरामद हुई है। इसके अलावा एनसीबी की टीम ने आठ अन्य लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

इससे पहले शनिवार रात भी एनसीबी की टीम ने इसी क्रूज पर छापेमारी की थी, जिसमें शाहरुख खाने के बेटे आर्यन खान समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया था।

बताया जा रहा है कि एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े के नेतृत्व में 20 अधिकारियों की टीम क्रूज पर पूछताछ के लिए पहुंची थी, यहां से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुआ है। एनसीबी के अधिकारियों ने इस दौरान क्रूज पर सवार सभी लोगों की सूची भी तैयार की है। इसमें से आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों की मानें तो जिन लोगों की सूची तैयार की गई है, उसमें से कुछ लोग फरार हैं। इनकी तलाश में दिल्ली से लेकर बंगलूरू व गोवा में छापेमारी की जा रही है।

सूत्रों की मानें तो एनसीबी ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है वे सभी ग्रुप में क्रूज में सवार हुए थे। लेकिन जैसे ही एनसीबी की रेड की खबर पता चली सभी मौके से फरार हो गए। ऐसे में एनसीबी हिरासत में लिए गए लोगों के साथ आए लोगों की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि इसमें कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। तलाशी अभियान के तहत एनसीबी लगातार छापेमारी कर रही है।