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Friday, 15 October 2021

बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा



विजय दशमी या विजयादशमी अथवा दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय त्योहार है। रामलीला में जगह-जगह रावण वध का प्रदर्शन होता है। क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है। ब्रज के मंदिरों में इस दिन विशेष दर्शन होते हैं। इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। यह त्योहार क्षत्रियों का माना जाता है। इसमें अपराजिता देवी की पूजा होती है। यह पूजन भी सर्वसुख देने वाला है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्रि के बाद दसवें दिन मनाया जाता है। इस दिन राम ने रावण का वध किया था। रावण राम की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले गया था। भगवान राम युद्ध की देवी मां दुर्गा के भक्त थे, उन्होंने युद्ध के दौरान पहले नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की और दसवें दिन दुष्ट रावण का वध किया। इसके बाद राम ने भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान और बंदरों की सेना के साथ एक बड़ा युद्ध लड़कर सीता को छुड़ाया। इसलिए विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं। कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं। पुतले में आग लगते ही वह धू-धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है…

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति के विषय में कई कल्पनाएं की गई हैं। भारत के कतिपय भागों में नए अन्नों की हवि देने, द्वार पर धान की हरी एवं अनपकी बालियों को टांगने तथा गेहूं आदि को कानों, मस्तक या पगड़ी पर रखने के कृत्य होते हैं। अतः कुछ लोगों का मत है कि यह कृषि का उत्सव है। कुछ लोगों के मत से यह रणयात्रा का द्योतक है क्योंकि दशहरा के समय वर्षा समाप्त हो जाती है, नदियों की बाढ़ थम जाती है, धान आदि कोष्ठागार में रखे जाने वाले हो जाते हैं।

संभवतः यह उत्सव इसी दूसरे मत से संबंधित है। भारत के अतिरिक्त अन्य देशों में भी राजाओं के युद्ध प्रयाण के लिए यही ऋतु निश्चित थी। शमी पूजा भी प्राचीन है। वैदिक यज्ञों के लिए शमी वृक्ष में उगे अश्वत्थ (पीपल) की दो टहनियों (अरणियों) से अग्नि उत्पन्न की जाती थी। अग्नि शक्ति एवं साहस की द्योतक है, शमी की लकड़ी के कुंदे अग्नि उत्पत्ति में सहायक होते हैं, जहां अग्नि एवं शमी की पवित्रता एवं उपयोगिता की ओर मंत्रसिक्त संकेत हैं। इस उत्सव का संबंध नवरात्र से भी है क्योंकि इसमें महिषासुर के विरोध में देवी के साहसपूर्ण कृत्यों का भी उल्लेख होता है और नवरात्र के उपरांत ही यह उत्सव होता है।

रामलीला

दशहरा उत्सव में रामलीला भी महत्त्वपूर्ण है। रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण के जीवन के वृत्तांत का वर्णन किया जाता है। रामलीला नाटक का मंचन देश के विभिन्न क्षेत्रों में होता है। यह देश में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। बंगाल और मध्य भारत के अलावा दशहरा पर्व देश के अन्य राज्यों में क्षेत्रीय विषमता के बावजूद एक समान उत्साह और शौक से मनाया जाता है। उत्तरी भारत में रामलीला के उत्सव दस दिनों तक चलते रहते हैं और आश्विन माह की दशमी को समाप्त होते हैं, जिस दिन रावण एवं उसके साथियों की आकृति जलाई जाती है। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर और भी कई प्रकार के कृत्य होते हैं, यथा हथियारों की पूजा, दशहरा या विजयादशमी से संबंधित वृत्तियों के औजारों या यंत्रों की पूजा।

पौराणिक मान्यताएं

इस अवसर पर कहीं-कहीं भैंसे या बकरे की बलि दी जाती है। भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व देशी राज्यों में, यथा बड़ोदा, मैसूर आदि रियासतों में विजयादशमी के अवसर पर दरबार लगते थे और हौदों से युक्त हाथी दौड़ते तथा उछलकूद करते हुए घोड़ों की सवारियां राजधानी की सड़कों पर निकलती थीं और जुलूस निकाला जाता था। प्राचीन एवं मध्य काल में घोड़ों, हाथियों, सैनिकों एवं स्वयं का नीराजन उत्सव राजा लोग करते थे।

वनस्पति पूजन

विजयदशमी पर दो विशेष प्रकार की वनस्पतियों के पूजन का महत्त्व है। एक है शमी वृक्ष, जिसका पूजन रावण दहन के बाद करके इसकी पत्तियों को स्वर्ण पत्तियों के रूप में एक-दूसरे को ससम्मान प्रदान किया जाता है। इस परंपरा में विजय उल्लास पर्व की कामना के साथ समृद्धि की कामना करते हैं। दूसरा है अपराजिता। यह पौधा अपने नाम के अनुरूप ही है। यह विष्णु को प्रिय है और प्रत्येक परिस्थिति में सहायक बनकर विजय प्रदान करने वाला है। नीले रंग के पुष्प का यह पौधा भारत में सुलभता से उपलब्ध है। घरों में समृद्धि के लिए तुलसी की भांति इसकी नियमित सेवा की जाती है। मेला दशहरा पर्व को मनाने के लिए जगह-जगह बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। यहां लोग अपने परिवार, दोस्तों के साथ आते हैं और खुले आसमान के नीचे मेले का पूरा आनंद लेते हैं। मेले में तरह-तरह की वस्तुएं, चूडि़यों से लेकर खिलौने और कपड़े बेचे जाते हैं। इसके साथ ही मेले में व्यंजनों की भी भरमार रहती है।

Thursday, 14 October 2021

महानवमी की रात को सिर्फ ये उपाय करने से आप हो जाएंगे मालामाल, बस इस बात का रखें ध्यान

महानवमी की रात को सिर्फ ये उपाय करने से आप हो जाएंगे मालामाल, बस इस बात का रखें ध्यान

 


Durga Puja 2021 Maha Navami Ke Upay: महानवमी की रात को सिर्फ ये 3 उपाय करने से आप हो जाएंगे मालामाल, बस इस बात का रखें ध्यान, ना करें कोई गलती


शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी मनाई जाती है. नवमी तिथि को कन्याओं को भोजन कराया जाता है. इसे महा नवमी भी कहा जाता है, ये दिन नवरात्रि उत्सव का भी एक हिस्सा है. महा नवमी  नवरात्रि का नौवां दिन और दुर्गोत्सव का तीसरा दिन है. इस साल महा नवमी 14 अक्टूबर 2021, गुरुवार को मनाई जाएगी. धर्म शास्त्रों के मुताबिक, नवमी के दिन मां दुर्गा की शक्तियां जाग्रत होती हैं. ऐसे में इस दिन कुछ खास उपाय करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है. नवमी के दिन रात को 10 बजे से 12 बजे के बीच इन उपायों को, करने से आपको बेहद लाभ मिलेगा. इन उपायों को करते समय एक बात का ख्याल रहें कि कोई आपको रोके या टोके नहीं. 

– नवमी तिथि के दिन रात को 10 बजे से पहले गंगाजल से स्नान कर पूजा स्थान की थोड़ी सी जगह को गाय के गोबर से लीपें. अब इस जगह पर गाय के घ से दो मुखी दीपक जलाएं. दीपक के आगे एक कपूर, पान के पत्ते पर 5 लौंग, कपूर, 5 इलायची के साथ कुछ मीठा रखें और दुर्गा मां को धूनी दें. इसके बाद मां दुर्गा के बाज मंत्र का एक हजार बार जाप करें. इससे धन संबंधी परेशानी से निजात मिल सकेगा.

Tuesday, 12 October 2021

आज नवरात्रि का सातवां दिन, इस विधि से करें मां कालरात्रि की पूजा

आज नवरात्रि का सातवां दिन, इस विधि से करें मां कालरात्रि की पूजा

 

Navratri 2021 7th Day Maa Kalratri: आज नवरात्रि का सातवां दिन, इस विधि से करें मां कालरात्रि की पूजा, यहां जानें मंत्र और कथा


Navratri 2021 7th Day Maa Kalratri : माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि (Maa Kalratri) के नाम से जानी जाती हैं. दुर्गा पूजा के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना का विधान है. इस दिन साधक का मन ‘सहस्रार’ चक्र में स्थित रहता है. इसके लिए ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है. देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता देवी – काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई विनाशकारी रूपों में से एक माना जाता है. रौद्री और धुमोरना देवी कालात्री के अन्य कम प्रसिद्ध नामों में हैं. माना जाता है कि देवी के इस रूप में सभी राक्षस,भूत, प्रेत, पिसाच और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है, जो उनके आगमन से पलायन करते हैं.

मां कालरात्रि पूजा विधि

चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर मां कालरात्रि का स्मरण करें, फिर माता को अक्षत्, धूप, गंध, पुष्प और गुड़ का नैवेद्य श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं. मां कालरात्रि का प्रिय पुष्प रातरानी है, यह फूल उनको जरूर अर्पित करें. इसके बाद मां कालरात्रि के मंत्रों का जाप करें तथा अंत में मां कालरात्रि की आरती करें. 

मां कालरात्रि के मंत्र

‘ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:.’

मंत्र-
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता.
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा.
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

Monday, 11 October 2021

आज नवरात्रि का छठा दिन है. नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के स्‍वरूप माता कात्‍यायनी की पूजा की जाती है

आज नवरात्रि का छठा दिन है. नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के स्‍वरूप माता कात्‍यायनी की पूजा की जाती है


आज नवरात्रि का छठा दिन है. नवरात्रि (Navratri) के छठे दिन मां दुर्गा (Maa Durga) के स्‍वरूप माता कात्‍यायनी की पूजा की जाती है. मान्‍यता है कि मां कात्‍यायनी (Maa Katyayani) की पूजा करने से शादी में आ रहीं सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और भगवान बृहस्‍पति प्रसन्‍न होकर विवाह का योग बना देते हैं. यह भी माना जाता है कि अगर सच्‍चे मन से मां की पूजा की जाए तो वैवाहिक जीवन में सुख-शांति भी बनी रहती है. पौराणिक मान्‍यताओं के मुताबिक माता कात्यायनी की पूजा अर्चना से भक्‍त को अपने आप आज्ञा चक्र जाग्रति की सिद्धियां मिल जाती हैं. साथ ही वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है भक्त. मां कात्‍यायनी की उपासना से रोग, शोक, संताप और भय नष्‍ट हो जाते हैं, ऐसी मान्यता है.

    पूजा विधि: भक्तों को सूर्योदय से पहले उठकर स्नानिद से निवृत होकर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां कात्यायनी की मूर्ति स्थापित करें। मां को रोली और सिंदूर का तिलक लगाएं। फिर मंत्रों का जाप करते हुए कात्यायनी देवी को फूल अर्पित करें और शहद का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। बाद में दुर्गा चालीसा का पाठ कर, आरती करें। आखिर में प्रसाद सभी लोगों में बांट दें।

Sunday, 10 October 2021

आज नवरात्र का चौथा दिन, होती है मां कूष्मांडा की पूजा, जानिये देवी कूष्मांडा के मंत्र, व्रत कथा और आरती

आज नवरात्र का चौथा दिन, होती है मां कूष्मांडा की पूजा, जानिये देवी कूष्मांडा के मंत्र, व्रत कथा और आरती


नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। मां का ये रूप बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक है। इनकी आठ भुजाएं हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा कहते हैं । इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा हैं। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला है। इस देवी का वाहन सिंह है।

कहते हैं जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब इन्हीं देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी। अतः ये ही सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। मां कूष्माण्डा की उपासना से भक्तों के समस्त रोग-शोक मिट जाते हैं। इनकी भक्ति से आयु, यश, बल और आरोग्य की वृद्धि होती है।


    देवी कूष्मांडा के मंत्र: 

या देवी सर्वभू‍तेषु मां कूष्‍मांडा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


ध्यान मंत्र- वन्दे वांछित कामर्थेचन्द्रार्घकृतशेखराम्।

सिंहरूढाअष्टभुजा कुष्माण्डायशस्वनीम्॥


व्रत कथा: पौराणिक मान्यता के मुताबिक मां कूष्मांडा से तात्पर्य है कुम्हड़ा। कहा जाता है कि संसार को दैत्यों के अत्याचार से मुक्त करने हेतु मां दुर्गा ने देवी कूष्मांडा का अवतार लिया था। इस देवी का वाहन सिंह है। संस्कृति में कुम्हड़े को कुष्मांड कहते हैं इसलिए इस देवी को कुष्मांडा।

Saturday, 9 October 2021

आज नवरात्रि का तीसरा दिन, मां चंद्रघंटा देवी की होती है पूजा, जानें व्रत कथा और महत्व




नवरात्रि का तीसरा दिन देवी आदि शक्ति के एक विशिष्ट रूप को समर्पित है। इस दिन नवदुर्गा के चंद्रघंटा अवतार की पूजा की जाती है। चंद्रघंटा देवी को आध्यात्मिक और आंतरिक शक्ति की देवी कहा जाता है। 2021 में, शारदीय नवरात्रि तृतीया शनिवार, 09 अक्टूबर को पड़ रही है।

मां चंद्रघंटा पूजा

नवदुर्गा की तीसरी शक्ति चंद्रघंटा माँ हैं । नवरात्रि में तीसरे दिन चंद्रघंटा माँ देवी की पूजा-आराधना की जाती है। देवी का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन कर साधक का मन 'मणिपूर' चक्र में प्रविष्ट होता है। माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।

माँ चंद्रघंटा पूजा का महत्व

कहा जाता है कि हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखकर साधना करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे  पृथ्वीलोक और परलोक दोनों के लिए कल्याणकारी और सद्गति देने वाली है। चंद्रघंटा देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है। इसीलिए इस देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। इनके शरीर का रंग सोने के समान बहुत चमकीला और दस भुजाएं हैं। वे खड्ग और अन्य अस्त्र-शस्त्र से विभूषित हैं। 

सिंह पर सवार इस देवी की मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने की है। इनके  घंटे के  भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव-दैत्य और राक्षस कांप जाते हैं। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा का महत्व है। चंद्रघंटा देवी की कृपा से भक्तों को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। माँ सदैव अपने भक्तों को सभी बाधाओं से दूर रखती है और जीवन में ख़ुशी प्रदान करती है।

Friday, 8 October 2021

आज नवरात्रि का दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी की होती है पूजा, जानें व्रत कथा और महत्व

आज नवरात्रि का दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी की होती है पूजा, जानें व्रत कथा और महत्व



Navratri 2021: नवरात्रि का दूसरा


हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बहुत ही पवित्र माना गया है. 7 अक्टूबर 2021 से नवरात्रि का पावन पर्व आरंभ हो चुका है. 8 अक्टूबर 2021, शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी (Brahmacharini) की पूजा की जाएगी. मां ब्रह्मचारिणी कौन हैं और इनकी पूजा का क्या महत्व है, आइए जानते हैं.


मां ब्रह्मचारिणी (Maa Brahmacharini)
शास्त्रों में मां ब्रह्मचारिणी को मां दुर्गा का विशेष स्वरूप माना गया है. नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से तप, शक्ति ,त्याग ,सदाचार, संयम और वैराग्य में वृद्धि होती है और शत्रुओं को पराजित कर उन पर विजय प्रदान करती हैं. नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर विधि पूर्वक पूजा करने से मां ब्रह्मचारिणी सभी मनाकोमनाओं को पूर्ण कर जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करती हैं.

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व
पौराणिक कथाओं में मां ब्रह्मचारिणी को महत्वपूर्ण देवी के रूप में माना गया है. मां ब्रह्मचारिणी नाम का अर्थ तपस्या और चारिणी यानि आचरण से है. मां ब्रह्मचारिणी को तप का आचरण करने वाली देवी माना गया है. 


नवरात्रि का दूसरा दिन और पूजा की विधि (Navratri 2021 Second Day)
शुक्रवार को प्रात: उठकर नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्नान करें. स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल पर विराजें. मां दुर्गा के इस स्वरूप मां ब्रह्माचिरणी की पूजा करें. उन्हें अक्षत, फूल, रोली, चंदन आदि अर्पित करें. मां को दूध, दही, घृत, मधु और शक्कर से स्नान कराएं. मां ब्रह्मचारिणी को पान, सुपारी, लौंग भी चढ़ाएं. इसके बाद मंत्रों का उच्चारण करें. हवनकुंड में हवन करें साथ ही इस मंत्र का जाप करते रहें- 


मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने का मंत्र-ऊँ ब्रां ब्रीं ब्रूं ब्रह्मचारिण्यै नम:.


इसके उपरांत स्थापित कलश, नवग्रह, दशदिक्पाल, नगर देवता और ग्राम देवता की पूजा करनी चाहिए.


मां ब्रह्मचारिणी की कथा (Vrat Katha)
एक कथा के अनुसार पूर्वजन्म में मां ब्रह्मचारिणी की पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं. भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए मां ब्रह्मचारिणी ने कठोर तप किया. इसीलिए इन्हें ब्रह्मचारिणी कहा गया. पौराणिक कथा के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी ने एक हजार वर्ष तक फल-फूल खाकर बिताए और सौ वर्षों तक केवल जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया. इसके बाद मां ने  कठिन उपवास रखे और खुले आकाश के नीचे वर्षा और धूप को सहन करती रहीं. टूटे हुए बिल्व पत्र खाए और भगवान शंकर की आराधना करती रहीं. भोले नाथ प्रसन्न नहीं हुए तो उन्होने सूखे बिल्व पत्र खाना भी छोड़ दिए और कई हजार वर्षों तक निर्जल और निराहार रह कर तपस्या करती रहीं. पत्तों को खाना छोड़ देने के कारण ही इनका नाम अपर्णा नाम पड़ गया. मां ब्रह्मचारणी कठिन तपस्या के कारण बहुत कमजोर हो हो गई. इस तपस्या को देख सभी देवता, ऋषि, सिद्धगण, मुनि सभी ने सरहाना की और मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद दिया.




Thursday, 7 October 2021

Navratri 1st Day: आज से शारदीय नवरात्रि शुरू

Navratri 1st Day: आज से शारदीय नवरात्रि शुरू

 जौ बोने के साथ-साथ कई लोग अखंड ज्योति भी जलाते है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. साल भर में चार नवरात्रि पड़ती हैं. लेकिन धूम-धाम से चैत्र और शारदीय नवरात्रि को मनाया जाता है. इस साल शारदीय नवरात्रि  7 अक्टूबर यानि आज से शुरू होकर 15 अक्टूबर यानि विजय दशमी के साथ पूरे होंगे.


खास बात

इस दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री रूप को गाय के घी से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है


 माना जाता है जो भक्त मां कि भक्ति भाव से आराधना करते हैं, मां दुर्गा 9 दिनों तक उनके घरों में विराजमान रहकर उनपर अपनी कृपा बरसाती हैं. माता रानी के इन नौ दिनों को बहुत ही पवित्र माना जाता है.   माता की आराधना करने के लिए कुछ भक्त नौ दिनों तक भक्ति भाव से व्रत का पालन करते हैं. कुछ भक्त फलाहार व्रत करते हैं तो कुछ निर्जला व्रत. नवरात्रि में पहले दिन से लेकर, अंतिम दिन तक मां भगवती को उनका मनपसंद भोगचढ़ाया जाता है. माता को अलग-अलग तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है.


पूजा सामग्रीः

माता की पूजा में लाल रंग की चुनरी रखें. माना जाता है कि मां दुर्गा को लाल रंग अधिक पसंद है. मां के लिए लाल चुनरी, कुमकुम, मिट्टी का पात्र, जौ, साफ की हुई मिट्टी, जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, लाल सूत्र, मौली, इलाइची, लौंग, कपूर, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, पानी वाला नारियल, फूल माला और नवरात्रि कलश मंगा लें. पूजा के लिए लाल रंग के आसन का इंतजाम कर लें. आसन ना होने पर आप लाल रंग के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. 


मां शैलपुत्री मंत्रः

या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम:

    

Tuesday, 5 October 2021

05 अक्टूबर मंगलवार का राशिफल

 05 अक्टूबर मंगलवार का राशिफल

 

मेष : आज समाज में मान-सम्मान मिलेगा। आज व्यवसाय के लिए अनुकूल समय है। कारोबार बेहतर होगा। वाहन चलाने को लेकर सावधा रहें। परिवार में सुख-शांति रहेगी।

वृष : आज आप अपने कामकाज को बढ़ाने में सफल होंगे। आज व्यवसाय के लिए अनुकूल समय है। कारोबार बेहतर होगा। कार्य से संबंधित यात्राओं का लाभ मिलेगा। किसी से वाद-विवाद न करें।

 

मिथुन : व्यावसायिक सोच को विस्तार देंगे। जमीन या मकान खरीदने का प्लान बनेगा। किसी से भी बहस करने से बचें। मनोरंजन के लिए समय जरूर निकालें। किसी भी बात का बतंगड़ ना बनाएं।

कर्क : आज कारोबार से जुड़े लोगों के लिए अच्छे लाभ का योग है। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। पिता का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के प्रति असावधानी न बरतें।

सिंह : आज आप अपनी बातों को प्रभावशाली ढंग से रखने में सफल होंगे। अपने सीनियर्स का सम्मान करें और ऐसी कोई भी बात न कहें जिनसे उन्हें ठेस पहुंचे। अपने मन को अनियंत्रित न होने दें।

कन्या : आज आपकी सृजनात्मकता आगे ले जाएगी। खर्च की अधिकता रहेगी। आर्थिक लाभ का योग बन रहा है। बिना विचार करे कुछ न बोलें। आंखें बंद करके किसी पर विश्वास ना करें।

तुला : आज आप संबंधों में ताजगी लाने की कोशिश करेंगे। आज जीवनसाथी से सहयोग तथा लाभ की संभावना बन रही है। निवेश से संबंधित किसी भी काम को टाल दें।

वृश्चिक : आज आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। धन की आवक बनी रहेगी। खर्च भी बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य को लेकर ख्याल रखें। विषम परिस्थितियों में भी साहस बनाए रखें।

धनु : आज आपकी यात्रा सुखद एवं मनोरंजक होगी। जीवनसाथी से संबंध बेहतर होंगे। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए अच्छे लाभ का योग है। छात्रों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना होगा।

मकर : आज कारोबार से जुड़े लोगों के लिए लाभ का योग हैं। किसी भी बहस या टकराव से बचें। खर्च में वृद्धि होगी। शत्रु पक्ष को आज खुद पर हावी न होने दें। सहयोग की भावना रखें।

कुंभ : समाज में मान-सम्मान मिलेगा। बिजनेस में प्रगति के योग बन रहे हैं।आज का दिन सुखद रहेगा।परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। अपनी वाणी को किसी के लिए कठोर न करें।

मीन : आज आपके परिश्रम को उचित सम्मान मिलेगा। कारोबार करने वालों की आय में बढ़ोतरी होगी। नई जिम्मेदारियों का भार भी आपके कंधों पर डाला जाएगा। स्थान परिवर्तन संभव है।

Thursday, 30 September 2021

30 सितंबर गुरुवार का राशिफल

30 सितंबर गुरुवार का राशिफल

 


मेष: आज आप हर मुश्किल से आसानी से निकल जाएंगे। आज नौकरी को लेकर खुश रहेंगे। रियल स्टेट फील्ड में उन्नति देगा। रचनात्मक कार्य में भी आज आपकी रुचि बढ़ेगी। संतान पक्ष की ओर से आज थोड़ा परेशान रहेंगे।

वृष: आज यात्रा पर जाने के दौरान सावधानी रखें। कारोबार में अच्छा लाभ होगा। धन में बढ़ोतरी होगी।  पारिवारिक समस्‍या के समाधान में पिताजी की मदद लें। आज अपने बुद्धि व विवेक का इस्तेमाल करके ही कोई फैसला लें।

 

मिथुन: आज आपको व्यापार से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगा। आज परिवार में सुख और धन की वृद्धि होगी। स्वास्थ्य बेहतर होगा। व्यवसाय में नवीन कार्य की योजना बना सकते हैं। धार्मिक समारोह में सम्मिलित हो सकते हैं।

कर्क: आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। व्यवसाय में नए प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर सकते हैं। धार्मिक कार्यों में व्यस्त हो सकते हैं। रुके धन के आगमन से प्रसन्न रहेंगे। मां के स्वास्थ्य को लेकर परेशान रहेंगे।

सिंह: आज का दिन संतोष से भरा रहेगा। शिक्षा में सफलता की प्राप्ति होगी। आईटी व मीडिया जॉब से सम्बद्ध लोग सफल रहेंगे। आज किसी सहयोगी के बहकावे में ना आकर स्‍वयं  धैर्य से काम करना होगा। ।

कन्या: आज कलात्मक कार्य में रुचि बढ़ती नजर आ रही है। आज बिजनेस में प्रोग्रेस से खुश रहेंगे। उच्चाधिकारियों से लाभ मिलेगा। आज आर्थिक लाभ का योग बन रहा है। आज सरकारी कार्य को लंबित नहीं छोड़ना है।

तुला: आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। जॉब में नवीन अवसरों की प्राप्ति होगी। व्यवसाय में भी उन्नति है। खान-पान का ध्यान रखें। आज आपकी सामाजिक कार्य में रुचि बढ़ेगी।

वृश्चिक: आज पैतृक संपत्ति का विवाद सुलझेगा और फैसला आपके पक्ष में आएगा।  शिक्षा के क्षेत्र में सफलता की प्राप्ति होगी। जमीन खरीदने का प्लान बन सकता है। कोई भी कार्य सोच समझकर करें।

धनु: आज का दिन आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। आज कारोबार में आर्थिक लाभ होगा लेकिन अनावश्यक खर्च बढऩे से चिंता भी रहेगी। व्यापार कर रहे लोगों को आज संयम से कार्य करना होगा।

मकर: आज का दिन आपके लिए बेहतर रहेगा। मैनेजमेंट व ला फील्ड के छात्रों के लिए आज समय अनुकूल है। आज आपको अपनी आर्थिक स्थिति की चिंता कम होगी। किसी भी कार्य को सोच समझकर करें।

कुंभ: आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोंण से सुखद रहेगा।आकस्मिक धनलाभ के योग हैं। वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। राजनीति से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन उत्तम रहेगा। आज कार्यों में सफलता मिलेगी।

मीन: आज आप अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए परेशान रहेंगे। नौकरी व व्यवसाय में रुके धन का आगमन हो सकता है। कोई नई योजना शुरू कर सकते हैं। नौकरी करने वाले अभी नौकरी न बदलें।

Wednesday, 29 September 2021

28 सितंबर मंगलवार का राशिफल

28 सितंबर मंगलवार का राशिफल


मेष: आज के दिन आप बहुत हल्कापन महसूस करेंगे। आज व्यवसाय के लिए अनुकूल समय है। कारोबार बेहतर होगा।

वृष : आज आपका दिन प्रसन्नतापूर्ण बीतेगा। व्यावसायिक सोच को विस्तार देंगे। जमीन या मकान खरीदने का प्लान बनेगा।

 

मिथुन : आज आपको यात्रा-प्रवास करने की जरूरत है। आर्थिक तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। व्यवसाय में सफलता दिख रहा है।

कर्क : आज आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। आज किसी अनजान शख्स से सलाह न लें।

सिंह : आज आपकी आय स्थिर रहेगी। अपने सीनियर्स का सम्मान करें और ऐसी कोई भी बात न कहें जिनसे उन्हें ठेस पहुंचे।

कन्या : आज व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त होंगे। आर्थिक लाभ का योग बन रहा है। बिना विचार करे कुछ न बोलें।

तुला : आज पिता से वैचारिक मतभेद बने रहने के आसार हैं।आज जीवनसाथी से सहयोग तथा लाभ की संभावना बन रही है।

वृश्चिक : स्वास्थ्य को लेकर ख्याल रखें।आज वरिष्ठ लोगों का समर्थन मिलेगा। आज शराब इत्यादि से दूर रहें।

धनु : आज जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। आज छात्रों को अपनी शिक्षा के संदर्भ में अधिक ध्यान देना होगा।

मकर : आज व्यवसाय में लाभ होगा। यात्रा का योग बन रहा है। किसी भी बहस या टकराव से बचें। खर्च में वृद्धि होगी।

कुंभ : आज यात्रा पर जाना पड़ सकता है। बिजनेस में प्रगति के योग बन रहे हैं। आज का दिन सुखद रहेगा।

मीन : आज समाज में आपका सम्मान बढ़ेगा। कारोबार करने वालों की आय में बढ़ोतरी होगी। छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंतित न रहें।

Saturday, 25 September 2021

25 सितंबर शनिवार का राशिफल

25 सितंबर शनिवार का राशिफल

 

मेष: भूमि खरीद-बिक्री में आर्थिक लाभ संभव है। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खुद का नाम बनाने के अवसर मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सामंजस्यपूर्ण रहेगा। परिवार में शादी या संतान के जन्म संबंधित शुभ घटनाएं घटित हो सकती हैं।

वृष: आज आप परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे। दांपत्य जीवन में सुख के पल आएंगे। ज्यादा काम होने से थकान महसूस हो सकती है। किसी से अनबन भी हो सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में जाना पड़ सकता है।

 

मिथुन: आज आप घर पर अपने परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं। परंतु इसके तुरंत बाद आपको घर से बाहर निकलने के लिए एक अजीब तरह की बेचैनी महसूस हो सकती है।

कर्क: आज आप सोच-विचार में डूबे रहेंगे। आर्थिक मामलों को लेकर किसी व्यक्ति से आज मुलाकात हो सकती हैं। दांपत्य जीवन आज थोड़ा नीरस दिन रहेगा। स्वास्थ्य में थोड़ा उतार-चढ़ाव बना रहेगा। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिलेगा।

सिंह: साहित्य के क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी। आपकी पहचान बनेगी। धन प्राप्ति का रास्ता दिखाई देगा। आपके लिए कोई व्यक्ति मददगार हो सकता है। संतान का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में आपसी सहमति से आगे बढ़ने के योग बनेंगे।

कन्या: आज आपको नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। कुछ दिनों से परिवार में चल रही किसी समस्या का हल आज मिल सकता है। छात्रों को आज कुछ नया सीखने को मिल सकता है।

तुला : आज का पूरा दिन चिड़चिड़ा महसूस करेंगे। सेहत में गिरावट आएगी। अकेले वक्त बिताने का मन करेगा। आलस्य के कारण अपने जरूरी कामों को निपटाने में देरी हो सकती है। निजी रिश्तों में कोई दिखावा न करें। लोगों को उनकी कमियों के साथ स्वीकार करें।

वृश्चिक: विद्यार्थियों के लिए अच्छा दिन है, परीक्षा में अच्छा फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में अटके हुए कार्य जल्द ही संपन्न होंगे। धन लाभ के योग बन रहे हैं। नौकरी के चलते स्थान परिवर्तन हो सकता है जो आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। प्रियजनों से मिलने का मौका मिलेगा। अविवाहितों के लिए दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

धनु: स्टूडेंट्स को करियर में सफलता मिलेगी। दाम्पत्य जीवन में खुशियाँ बढ़ेगी। किसी समारोह में ऐसे व्यक्ति से मुलाकात होगी, जो भविष्य में आपके लिए बहुत खास साबित होगा। कारोबार को बढ़ाने के लिये आपको बहुत अच्छे सुझाव मिलेंगे।

मकर: नौकरीपेशा लोगों को कुछ आकस्मिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपको सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा से संबंधित कार्य सफल होगा। प्रॉपर्टी, कमीशन आदि में लेन-देन करने वालों को वांछित परिणाम मिलेंगे।

कुंभ : कार्य सिद्धि के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में फोकस की कमी रहेगी। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को असफलता हाथ लगेगी। नए लोगों से मुलाकात होगी। कारोबार की स्थिति ठीक रहेगी। पारिवारिक जीवन यथावत रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

मीन : जीवन में जिस मौके की तलाश में हैं, वह आपके हाथ जल्द ही लगेगा। अपने विचारों और सोच को सकारात्मक बनाए रखें। पारिवारिक मेल-जोल के लिए अच्छा दिन है। रिश्तों में यदि गहराई बढ़ाना चाहते हैं तो अपने आप को व्यक्त करें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

मां दुर्गा को समर्पित है यह माह, घी का दान करने से बढ़ता है सौंदर्य

मां दुर्गा को समर्पित है यह माह, घी का दान करने से बढ़ता है सौंदर्य

 

 
हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह वर्ष का सातवां माह है। मां दुर्गा को समर्पित इस माह में भगवान सूर्यदेव की उपासना विशेष लाभकारी है। मान्यता के अनुसार माता लक्ष्मी आश्विन मास की पूर्णिमा को समुद्र मंथन से उत्पन्न हुई थीं। यह भी मान्यता है कि इस माह शरद पूर्णिमा की रात्रि में माता लक्ष्मी पृथ्वी का भ्रमण करती हैं। इस मास प्रतिदिन घृत का दान करने से सौंदर्य प्राप्त होता है। आश्विन मास में दान-धर्म करने से दोगुने पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस मास में मन को शांत रखने का प्रयास करें।

आश्विन मास में कई त्योहार आते हैं। इस मास में पितरों और देवी-देवताओं के लिए विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस माह कृष्ण पक्ष से होने वाली शुरुआत में पितरों को समर्पित पितृपक्ष आता है। कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु की विधि विधान से पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। इंदिरा एकादशी व्रत पितृ पक्ष में आता है, इसलिए इसका महत्व अत्यधिक है। शुक्लपक्ष में मां दुर्गा की उपासना का महापर्व नवरात्र आता है। इस मास में प्रतिदिन क्षमता के अनुसार तिल और घी का दान करना चाहिए। आश्विन मास में कोई भी मांगलिक कार्य जैसे गृह प्रवेश, विवाह संबंधी कार्य, नए कार्य की शुरुआत नहीं किया जाता है। आश्विन मास में दूध, करेला का सेवन नहीं करना चाहिए। इस पावन मास में मांस-मदिरा का सेवन भूलकर नहीं करना चाहिए। बुराइयों का त्याग कर मन और वाणी से पवित्र रहना चाहिए। अश्विन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस माह दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इस माह पौधे रोपना बहुत शुभ माना जाता है। इस माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मां पार्वती का पूजन किया जाता है। इस माह पद्मिनी एकादशी व्रत पर भगवान श्री हरि विष्णु की आराधना की जाती है। इस माह मन में सकारात्मकता रखें। इस मास में दूध का उपयोग नहीं करना चाहिए। 

Thursday, 23 September 2021

इस बार शारदीय नवरात्र आठ दिनों के होंगे

इस बार शारदीय नवरात्र आठ दिनों के होंगे

 

इंदौर
 इस वर्ष सात अक्टूबर से शुरू हो रहे शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र नौ नहीं बल्कि आठ दिन का होगा। इसके चलते माता के नौ स्वरूपों का पूजन आठ दिन में होगा। ऐसा चतुर्थी तिथि के क्षय होने से हुआ। इसके चलते नौ अक्टूबर को एक ही दिन माता चंद्रघंटा और मां कुष्मांडा का पूजन साथ होगा। ज्योर्तिविदों के मुताबिक श्राद्ध पक्ष 16 की बजाए 17 दिन होने से नवरात्र का एक दिन घट गया है। इस बार माता का आगमन डोली पर सवार होकर होगा।

 अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत छह अक्टूबर को शाम 4.35 बजे से होगी जो सात अक्टूबर को दोपहर 1.47 बजे तक रहेगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र छह अक्टूबर को रात 11.20 से सात अक्टूबर को रात 9.13 बजे तक रहेगा। प्रतिपदा तिथि उदयाकाल में सात अक्टूबर को होने से इस दिन विधि-विधान से घट स्थापना की जाएगी। तृतीया तिथि नौ अक्टूबर को सुबह 7.49 बजे तक रहेगी।

इसके बाद चतुर्थी तिथि 7.50 से 10 को सुबह 4.56 बजे तक रहेगी। चतुर्थी तिथि किसी भी दिन सुर्योदय को स्पर्श नहीं कर रही है। इसके चलते इस बार चतुर्थी तिथि का क्षय हो रहा है। 14 अक्टूबर को नवमी तिथि के दिन मां सिद्धिदात्री का पूजन होगा। 15 अक्टूबर को एक मत से दशहरा मनाया जाएगा। काली मंदिर खजराना के आचार्य शिवप्रसाद तिवारी ने बताया कि इसबार तिथियों के घट-बढ़ के चलते आठ दिनों में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का पूजन होगा। मां दुर्गा के विधि-विधान से पूजन जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।


चलति दर्शन होंगे, नहीं लगेगा मेला

बिजासन माता मंदिर के पुजारी सतीश वन ने बताया कि नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई। इस बार घट स्थापना के साथ हर दिन माता का मनोहारी शृंगार होगा। दर्शन की व्यवस्था चलित रहेगी। भक्त स्वयं प्रसाद चढ़ाएंगे। मंदिर से प्रसाद वितरण नहीं होगा। पिछले साल की तरह इसबार भी मेला नहीं लगेगा।

किस दिन होगा माता के किस स्वरूप का पूजन

- 7 अक्टूबर को पहले दिन शैलपुत्री का पूजन होगा।

- 8 अक्टूबर को दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाएगा।

- 9 अक्टूबर को तीसरे दिन मां चंद्रघंटा और मां कुष्मांडा का पूजन होगा।

- 10 अक्टूबर को पंचमी तिथि को स्कंदमाता की पूजा की जाएगी।

- 11 अक्टूबर को षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा होगी।

- 12 अक्टूबर को सप्तमी तिथि पर मां कालरात्रि का पूजन किया जाएगा।

- 13 अक्टूबर अष्टमी तिथि पर महागौरी का पूजन होगा।

- 14 अक्टूबर नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी।

ये हैं पूर्वजों के खुश होने के संकेत

ये हैं पूर्वजों के खुश होने के संकेत

 

इस समय पितृ पक्ष चल रहा है. पितृ पक्ष 20 सिंतबर से 6 अक्टूबर तक चलेगा. हिंदू धर्म में पूर्वजों की शांति के लिए पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्ध किया जाता है. लेकिन आपके तर्पण से आपके पूर्वज खुश हैं या नहीं, ये जानना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर आपके पितर आपसे खुश नहीं हैं तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है. धन हानि की संभावना भी रहती है.

जान लें कि पितृ पक्ष में कौवे का बहुत महत्व होता है. विष्णु पुराण में श्राद्ध पक्ष में कौवे को भोजन करवाने की बात कही गई है. कौआ पितरों का प्रतीक माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान आप कौवे की मदद से जान सकते हैं कि आपके पूर्वज आपसे प्रसन्न हैं या नहीं.

बता दें कि श्राद्ध पक्ष में अगर आपके घर की छत पर कौआ चोंच में फूल-पत्ती लेकर बैठता है तो इसका मतलब है कि पूर्वज आपसे खुश हैं और आपकी मनोकामना पूरी होगी. इसके अलावा अगर गाय की पीठ पर बैठकर कौआ चोंच रगड़ता हुआ दिखे तो आपको खाने में स्वादिष्ट खाना मिलता है. अगर कौआ चोंच में सूखा तिनका लिए हुए दिखता है तो आपको धन लाभ होगा. अगर कौआ अनाज के ढेर पर बैठा हुआ दिखे तो आपकी आर्थिक समस्या दूर होगी. अगर कौआ सुअर की पीठ पर बैठा हुआ दिखता है तो बिजनेस में बड़ा फायदा होगा.

Wednesday, 22 September 2021

इन बातों से मिलता है पितरों के नाराज होने का संकेत

इन बातों से मिलता है पितरों के नाराज होने का संकेत

 

 नई दिल्ली 
पितृ पक्ष 20 सितंबर से शुरू हो चुके हैं, जो कि 6 अटूबर तक चलेंगे। सनातन संस्कृति में पितृ को देवतुल्य माना गया है। मृत्यु के तत्काल बाद पितृ देव नहीं हो जाते। इसके लिए तेरह दिन तपस्या करनी पड़ती है। तेरहवीं के बाद पितरों को पिंडदान (समस्त पूर्वजों) के बाद देवताओं की श्रेणी में रखा जाता है। श्राद्ध पक्ष में अक्सर कई लोगों को अपने पूर्वजों के सपने भी आते हैं। वे सपने में उन लोगों को देखते हैं, जो मर चुके हैं। श्राद्ध के दिनों में सपने आने को पूर्वजों के तर्पण से जोड़कर देखा जाता है।

वहीं, विज्ञान के अनुसार श्राद्ध के समय हम अपने पूर्वजों को ज्यादा याद करते हैं इस कारण से हमारे दिमाग में उनकी यादों के अंश फ्लैशबैक की तरह चलते रहते हैं इसलिए रात को दिमाग पूरी तरह सोता नहीं है इसलिए हमें श्राद्ध के दिनों में सपने आते हैं। पौराणिक दृष्टिकोण से सोचें, तो इसका एक पहलू यह है कि पूर्वजों का  सपने में आना हमें किसी बात का संकेत देना हो सकता है। वहीं, इससे आप अंदाजा भी लगा सकते हैं कि कहीं आपके पितर आपसे नाराज तो नहीं है. आइए, जानते हैं किन बातों से मिलता है यह संकेत- 

पितरों के नाराज होने के कारण 
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए और उनका आवह्न करके उन्हें आमंत्र‍ित करना चाहिए। ऐसा न करने पर पितृ नाराज हो जाते हैं और इस कारण से घर में पैसों की तंगी जैसी परेशानियां आने लगती हैं।
 
ये हो सकते हैं संकेत 
-अगर आप बच्चे की किलकारी सुनने के लिए तरस रहे हैं, तो आपकी कुंडली में पितृ दोष का योग होना इसका कारण बन सकता है।

-परिवार के लोगों के बीच आपसी कलह और पैसों की तंगी भी इसी ओर इशारा करते हैं।

-बेवजह के कोर्ट-कचहरी के केस होना पितृ दोष की वजह से हो सकता है।

-अगर आपकी बेटी के विवाह में देरी हो रही है और इसके पीछे का कारण आपको समझ में नहीं आ रहा है, तो कुंडली में पितृ दोष की जांच करवानी चाहिए।

-सबकुछ ठीक चल रहा है लेकिन अगर आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता, तो आपकी कुंडली में पितृ दोष का योग ऐसा कर सकता है।

Tuesday, 14 September 2021

14 सितम्बर मंगलवार का राशिफल

 14 सितम्बर मंगलवार का राशिफल

 

मेष:  आज नौकरी व व्यवसाय में लाभ हो सकता है। बड़े भाई की सहायता से कोई सरकारी कार्य बनेगा।  नौकरी में तरक्की मिल सकती है।

वृष : धन के लेन देन में लापरवाही से बचें। आज कारोबार में अच्छा मुनाफा होगा। धन में बढ़ोतरी होगी। राजनीति में सफलता मिलेगी।

 

मिथुन : आज बैंकिंग व मीडिया के क्षेत्र में सफल रहेंगे। सेहत अच्छी रहेगी। नौकरी में पदोन्‍नति संभव  है। मित्रों से व्यवसाय में लाभ होगा।

कर्क : नौकरी  में  लाभ मिलने से खुश रहेंगे । आर्थिक निवेश फायदेमंद होगा। मित्रों का सहयोग बहुत कार्य करेगा। व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी।

 सिंह : शिक्षा व बैंकिंग से जुड़े लोग  परिवर्तन की तरफ प्रेरित होंगे। अनावश्यक खर्चों की भी अधिकता रहेगी। धार्मिक यात्रा की योजना बनेगी। शिक्षा में सफलता मिलेगी।

कन्या: कोई रुका धन प्राप्त होगा। नई योजनाओं की शुरुआत हो सकती है। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। राजनीतिज्ञ सफल रहेंगे। गाय को केला खिलाएं।

 तुला: आज व्यवसाय में संघर्ष की स्थिति होगी । समाज में यश, मान और सम्मान में बढ़ोतरी होगी। खान-पान का ध्यान रखना होगा। व्‍यापार में लाभ की संभावना है ।

वृश्चिक: नौकरी में किसी विशेष पद को प्राप्त करने में सफल रहेंगे। व्यवसाय में किसी नए प्रोजेक्ट को लेकर उत्साह होगा। आज का दिन फलदायी रहेगा।

धनु: नौकरी  में  सफलता की प्राप्ति होगी । व्यवसाय में रुके धन के आगमन होने के संकेत हैं।  क्रोध पर नियंत्रण एवं वाणी पर संयम बनाए रखें।

मकर:  आज व्यावसायिक कार्यों में सफलता मिलेगी।  पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह बखूबी कर सकेंगे। बड़े भाई का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

 कुंभ: आज छात्रों की स्टडी प्लान को विस्तार मिलेगा। बैंकिंग सेक्‍टर के लोग सफल रहेंगे। आकस्मिक धनलाभ के योग हैं। वाणी पर नियंत्रण रखना सबसे बेहतर होगा।

मीन: आज नौकरी में बड़ा लाभ हो सकता है। मीडिया व आईटी से सम्बद्ध लोग सफलता की प्राप्ति करेंगे। आज का दिन बेहतर रहेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं।

Thursday, 9 September 2021

09 सितम्बर गुरुवार का राशिफल

 09 सितम्बर गुरुवार का राशिफल

 

मेष : आज आपका दिन बेहतर रहेगा। आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे।  कारोबार बेहतर होगा। सामाजिक कार्यों में विशेष रूप से भाग लें।आप  जिंदगी के प्रति अपने नजरिये को सकारात्मक पाएंगे।

वृषभ :  व्यवसाय आपके लिए अपेक्षित लाभ नहीं ला पायेगा। आप रियल एस्टेट सौदे भी कर सकते हैं। सृजनात्मक कार्य पर धन लगा सकते हैं। पारिवारिक जीवन आनंदमय रहेगा।  

 

मिथुन : आज आप धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे। पारिवारिक वातावरण सुखद व उत्साहपूर्ण होगा।आर्थिक तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे निकट संबंधों में मधुर वाणी का प्रयोग करें।

कर्क : अचानक धन लाभ हो सकता है। रुका हुआ पैसा मिलने के योग हैं। पैसों के मामले सुलझ सकते हैं। दोस्त आपको समस्याओं से बाहर निकलने में मदद करेंगे। आज का दिन आपके गृहस्थ जीवन को संवारने वाला होगा।

सिंह : आज आपका दिन मिला जुला रहेगा। सोचे हुए काम को पूरा करने में थोड़ा टाइम लग सकता है। आज के दिन आप कुछ नए काम का विचार कर सकते हैं। आज आर्थिक लाभ का योग बन रहा है। बिना विचार करे कुछ न बोलें।

कन्या : कानूनी मामलों में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। आज आप खुद को विपरीत स्थितियों में पा सकते हैं। रियल एस्टेट डीलिंग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। धार्मिक गतिविधियों पर खर्च आपको शांति प्रदान करेगा।

तुला: आत्मविश्वास से कार्य सिद्ध होंगे।  कामकाज में सुधार होने के योग हैं। सेहत संबंधी परेशानी हो सकती है। आज का दिन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए शुभ है।आर्थिक हालात बेहतर होंगे।

वृश्चिक : कोई महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं। आज अपने से वरिष्ठ लोगों का साथ-समर्थन मिलेगा। परिवार में घर के बड़ों का साथ मिलेगा। जो आपको बड़ा फायदा देने वाला रहेगा। पूरी मेहनत करने पर मजा आएगा।

धनु : आज आपका दिन सुनहरे पल लेकर आया है। आप जीवनसाथी को कोई अच्छा-सा सरप्राइज़ देने की योजना बनाएँगे, जिससे रिश्तों में मधुरता आयेगी। आर्थिक मामलों को लेकर कुछ लोग मददगार साबित होंगे।

मकर : आपकी सामाजिक स्थिति को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल समय है। किसी भी बहस या टकराव से बचें। खर्च में वृद्धि होगी। समझदारी से काम लें. शांती से दूसरों के साथ पेश आएं।

कुंभ : कामकाज के मोर्चे पर यह एक मुश्किल दिन हो सकता है। आज अपनी योग्यता एवं परिश्रम के बल पर काम कर पाने में सक्षम होंगे। दांपत्य जीवन में कुछ तनाव हो सकता है। बिजनेस में प्रगति के योग बन रहे हैं।

मीन: आप कागजी काम निपटाने पर भी ध्यान दें। कुछ कागज आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं या हो सकते हैं। छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंतित न रहें। रुके कार्य के पूर्ण होने से खुश रहेंगे। घूमने फिरने के लिए भी समय अच्छा रहेगा

घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए इन चीजों को रखें दूर

 घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए इन चीजों को रखें दूर

 

शीशा घर को सजाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कहते है ना घर की किसी भी दीवार पर शीशा लगाने से आपका कमरा बड़ा तो लगता ही साथ ही कमरे को नया लुक भी मिल जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि घर में टूटा हुआ शीशा नहीं रखना चाहिए। यदि आपके घर में आइना, खिडकी या दरवाजे का शीशा टूट जाता है तो उसे जल्द ही बदल लेना चाहिए। वास्तुशास्त्र में कई चीजों को नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना गया है जो घर में कलह और धन की कमी लाने का काम करता है। ऐसी चीजों को घर में नहीं रखना ही अच्छा होता है। जानकारी के अभाव में अक्सर लोग इन्हें अपने घर में संभालकर रखते हैं और खुद परेशानियों का सामना करते रहते हैं। 
चलिए हम आपको बताते हैं किन किन चीजों को घर में लाने से नकारात्मक ऊर्जा आती है--

वास्तुशास्त्र के अनुसार देवी काली की प्रतिमा घर में लाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है।

बंद हो चुकी घड़ी अगर घर में रखी जाती है तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है।

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में किसी भी देवी देवता की टूटी मूर्तियां और पुरानी हो चुकी तस्वीरें नहीं होनी चाहिए। इससे नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।

अगर घर में शिवलिंग लेकर आया जाए तो इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

घर में आइना, खिडक़ी या दरवाजे के शीशे टूट गए हैं तो उन्हें बदलवा लें। वास्तुशास्त्र के अनुसार टूटे हुए शीशे रिश्तों में दरार डालते हैं साथ ही आय में बाधक माने जाते हैं।

Tuesday, 7 September 2021

07 सितम्बर मंगलवार का राशिफल

 07 सितम्बर मंगलवार का राशिफल

 

मेष : आज का दिन महत्वपूर्ण रहेगा। बड़ी समस्या दूर होगी।अपना निर्णय स्‍वयं लें। घर का माहौल अच्छा रहेगा। गरीबों की मदद करें। आज माता पिता से आर्थिक लाभ मिलेगा।

वृष : व्यापारियों के लिए दिन कठिन भरा रहेगा। सामाजिक कार्यों में भाग लें। पारिवार में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। गुस्सा करने से बचें आर्थिक दृष्टि से दिन बेहतर रहेगा। गरीबों को दान देने से स्‍वयं को लाभ हाेगा। पत्‍नी की सेहत का खयाल रखें।

 

मिथुन: कार्यालय में कोई महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है। गरीबों की मदद करें इससे स्‍वयं भी लाभ होगा। पारिवार में शांति रहेगी। सेहतअच्‍छी रहेगी। माता पिता के स्‍वास्‍थ का विशेष खयाल रखने की जरूरत है।

कर्क: अगर आप नौकरी करते हैं तो बॉस आपसे आज खुश रहेंगे। आज का दिन बेहतर रहेगा। कर्ज लेने से बचें। स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन अनुकूल है। सामाजिक कार्यों में भाग लें। किसी धार्मिक यात्रा पर जाने का योग बनता है।

सिंह : नये काम शुरू करने के लिए अच्छा दिन है। आज आपको सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। पारिवार में शांति रहेगी।आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मौका मिलेगा। निवेश के लिए अच्‍छा समय है।

कन्या : सेहत खराब हो सकती है। खर्च करने की आदत भी बदलें। आज का दिन सामान्य रहेगा। व्यापार करने वालों को लाभ हो सकता है। जीवन में खुशियां आएंगी। कोई बड़ी समस्या सुलझ जाएगी। सामाजिक कार्यों पर खर्च करें ।

तुला : आज सेहत के लिहाज से दिन काफी अच्छा रहेगा। घर का माहौल शांत बना रहेगा। आज आप सकारात्मक महसूस करेंगे। धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। आप जरूरतमंदों की मदद कर सकते हैं। पत्‍नी के स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति गंभीर रहें नहीं तो परेशानी हो सकती है।

वृश्चिक: महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए दिन ठीक नहीं है।आज आर्थिक नुकसान की प्रबल संभावना है। लंबित कार्यों को पूरा करने का प्रयास करें। लंबे समय से अटका कोई काम फिर से शुरू हो सकता है। सेहत के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहेगा।

धनु : परिवार के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। तली हुई चीजों से परहेज करें। आपको ताजे फल और हरी सब्जियां ज्यादा खानी चाहिए। माता पिता के स्‍वास्‍थ्‍य का विशेष खयाल रखें।

मकर : आज आपको काम का बोझ कम रहेगा।आज आपकी योजना के अनुसार सभी काम पूरे होंगे। आर्थिक दृष्टि से आज का दिन अच्छा रहेगा। अचानक धन मिलने से धन संबंधी समस्याएं दूर होंगी। सामाजिक कार्यों में भी समय दे इससे आपका भला होगा।

कुंभ : आज अचानक कोई घटना घट सकती है और घर की शांति भंग हो सकती है। यदि आप कुछ नया करना चाहते हैं तो थोड़ा इंतजार करना होगा। आपके सभी कार्य समय पर पूरे होंगे। आपको योग और ध्यान करना चाहिए। इससे स्‍वाााास्‍थ्‍य ठीक रहेगा।

मीन : सेहत के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहेगा। आज आपको हर काम सोच-समझकर करना होगा। दूसरों के कहने पर अपने आर्थिक फैसले खुद लेने से बचें। दूसरों के मामलों में दखल न दें और अपने काम पर ध्यान दें।