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Thursday, 7 October 2021

फोर्ब्स की 2021 सूची में लगातार 14वें साल देश के सबसे बड़े अरबपति मुकेश अंबानी

फोर्ब्स की 2021 सूची में लगातार 14वें साल देश के सबसे बड़े अरबपति मुकेश अंबानी

 

नई दिल्ली

भारतीय अमीरों की फोर्ब्स की 2021 की लिस्ट में मुकेश अंबानी 2008 से लगातार 14वें साल नंबर वन भारतीय अरबपति बने हुए हैं। अंबानी अपनी संपत्ति में 4 अरब डॉलर जोड़े। फोर्ब्स के मुताबिक कोरोना महामारी के दूसरे वर्ष में, भारत के सबसे अमीरों ने अपनी संपत्ति में 50 प्रतिशत की वृद्धि की।  वहीं, गौतम अडानी अब 74.8 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं, अंबानी से केवल 17.9 बिलियन डॉलर पीछे हैं। जबकि सावित्री जिंदल 18 अरब डॉलर के साथ टॉप-10 में फिर से शामिल हो गई हैं। वहीं चार फार्मा कारोबार से जुड़े अरबपतियों की संपत्ति कम हुई है। भारत के 100 सबसे अमीरों की संपत्ति अब 775 अरब डॉलर है।

भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति में वृद्धि का पांचवां हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर टाइकून गौतम अडानी से आया है, जो लगातार तीसरे साल नंबर 2 पर हैं। अडानी की संपत्ति में यह उछाल उनकी सभी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में तेजी की वजह से आई है। उनकी संपत्ति 25.2 अरब डॉलर से लगभग तीन गुना बढ़ाकर 74.8 अरब डॉलर पर पहुंच गई है।

वहीं सॉफ्टवेयर के दिग्गज एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शिव नाडर 31 अरब डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर हैं। उनकी संपत्ति में 10.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। रिटेलिंग सेक्टर के कारेाबारी राधाकिशन दमानी ने चौथे स्थान को बरकरार रखा है। उनकी कुल संपत्ति 15.4 बिलियन डॉलर से लगभग दोगुनी होकर 29.4 बिलियन हो गई है। फोर्ब्स एशिया के एशिया वेल्थ एडिटर और इंडिया एडिटर नाज़नीन करमाली ने कहा, “ वी-आकार की रिकवरी की उम्मीदों ने शेयर बाजार की रैली को हवा दी, जिसने भारत के सबसे धनी लोगों की किस्मत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ”

इस साल की सूची में छह नए चेहरे

इस साल की लिस्ट में छह नए चेहरे हैं। इनमें से आधे तेजी से बढ़ते रसायन क्षेत्र से हैं। इनमें अशोक बूब (रैंक 93, 2.3 बिलियन डॉलर) शामिल हैं। दीपक नाइट्राइट के दीपक मेहता (रैंक 97,  2.05 बिलियन डॉलर) और अल्काइल एमाइन केमिकल्स के योगेश कोठारी (रैंक 100, 1.94 बिलियन डॉलर)। डॉ लाल पैथलैब्स के कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद लाल (रैंक 87,  2.55 बिलियन डॉलर) इस सूची में नए हैं।

देश के आईपीओ की भीड़ ने अपने मैक्रोटेक डेवलपर्स की अप्रैल सूची के बाद प्रापर्टी के दिग्गज और राजनेता मंगल प्रभात लोढ़ा (रैंक 42,  4.5 बिलियन डॉलर) व अस्पताल श्रृंखला अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज  के प्रताप रेड्डी (नंबर 88, 2.53 बिलियन डॉलर) भी इस लिस्ट में एंट्री मारी है। इस वर्ष की सूची बनाने के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि1.94 बिलियन डॉलर थी, जो पिछले वर्ष1.33 बिलियन डॉलर से अधिक थी।

Wednesday, 6 October 2021

क्रिप्टोकरेंसीज में फिर आई तेजी

क्रिप्टोकरेंसीज में फिर आई तेजी

 

क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने इस हफ्ते फिर तेजी की राह पकड़ी है. मंगलवार को 50 हजार डॉलर के लेवल को पार करने के बाद आज यानी बुधवार को यह डिजिटल करेंसी 51 हजार डॉलर के पार हो गई है. इसके अलावा dogecoin और Ethereum में भी बढ़त का रुख है. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin आज 4 फीसदी की उछाल के साथ 51,355 डॉलर पर पहुंच गई. मंगलवार को इसने करीब चार हफ्ते के बाद 50 हजार डॉलर के लेवल को पार किया था.

कई एजेंसियों की खबरों के मुताबिक संस्थागत निवेशकों की रुचि बढ़ने की वजह से बिटकॉइन में फिर से तेजी का रुख आया है. इसी तरह दूसरी सबसे प्रमुखडिजिटल करेंसी ethereum की कीमत भी बुधवार को 3 फीसदी बढ़कर 3,500 डॉलर के करीब पहुंच गई. Cardano की कीमत करीब 2.22 डॉलर और dogecoin कीमत 0.24 डॉलर के आसपास है. गौरतलब है कि सितंबर का महीना क्रिप्टोकरेंसीज के लिए काफी खराब साबित हुआ है. लेकिन अक्टूबर के पहले हफ्ते में इनमें सुधार देखा गया.

इस साल अप्रैल मध्य में बिटकॉइन की कीमत 65,000 डॉलर के पार पहुंच गई थी. लेकिन सितंबर में  बिटकॉइन समेत सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज में भारी गिरावट आई. सितंबर के पहले हफ्ते में El Salvador में बिटक्वाइन के विरोध के बीच महज  24 घंटे में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में 17% तक की गिरावट आई और  बिटकॉइन का भाव 46,434 डॉलर पर पहुंच गया.  

चीन ने बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज पर प्रतिबंध लगा दिया जिसकी वजह से इस ऐलान के बाद ही 24 सितंबर को बिटकॉइन की कीमत 4 फीदी से ज्यादा गिर गई और 42,378 डॉलर पर पहुंच गई. इसी तरह  दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी cryptocurrency ईथर (Ether) की कीमत में 8 फीसदी और एक्सआरपी (XRP) की कीमत में 7 फीसदी गिरावट आई

बुधवार की सुबह 9:30 बजे से Reliance Jio की सर्विस डाउन हो गई है

बुधवार की सुबह 9:30 बजे से Reliance Jio की सर्विस डाउन हो गई है

 

फेसबुक और वॉट्सऐप आउटेज के दो दिन बाद अब Reliance Jio की सर्विस डाउन हो गई है. माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर JioDown ट्रेंड कर रहा है. इसको लेकर इंटरनेट आउटेज ट्रैक करने वाली साइट DownDetector ने भी रिपोर्ट किया है.

साइट के अनुसार Jio इंटरनेट को लेकर आ रही दिक्कत अब तक 4,000 से ज्यादा रिपोर्ट्स आ चुकी है. DownDetector पर मौजूद डेटा के अनुसार ये दिक्कत बुधवार की सुबह 9:30 बजे से आ रही है. इसके एक घंटे के बाद ये दिक्कत अपनी पीक पर जाने लगी है.

DownDetector पर Jio को लेकर आ रही इशू में लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है. ये इस बात की ओर इशारा करती है कि इसके कनेक्टिविटी में दिक्कत आ रही है. आधे रिपोर्ट्स में ये कहा गया है कि इसमें कनेक्टिविटी नहीं है.

रिपोर्ट के अनुसार ये दिक्कत जियो यूजर्स के साथ दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, इंदौर और रायपुर में आ रही है. इसको लेकर कंपनी ने फिलहाल कोई बयान जारी नहीं किया है. कंपनी का ट्विटर हैंडल यूजर्स को बता रहा है कि कनेक्टिविटी में दिक्कत आ रही है.

इसको लेकर यूजर्स ट्विटर पर भी शिकायत कर रहे हैं. ट्विटर पर JioDown ट्रेंड कर रहा है. इसको लेकर कई यूजर्स जियो के उस ट्वीट को भी कोट कर रहे हैं जब इसने फेसबुक आउटेज के दौरान कहा था ये इंटरनेट की दिक्कत नहीं है.

Monday, 4 October 2021

टेलीकॉम कंपनियों के लिए राहत की खबर, लागू हुआ ये नियम

टेलीकॉम कंपनियों के लिए राहत की खबर, लागू हुआ ये नियम

 


 नई दिल्ली 
बीते सितंबर महीने में सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को राहत देते हुए इंडस्ट्रीज से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए। इसी में से एक नियम लाइसेंस शुल्क के विलंब से भुगतान पर ब्याज दर से जुड़ा था। संशोधित नियम अब लागू हो गया है। इसके लागू होने के साथ ही टेलीकॉम सेक्टर की उन कंपनियों को राहत मिलेगी, जो बकाया के बोझ तले दबी हैं। 

क्या है नया बदलाव: टेलीकॉम डिपार्टमेंट अब लाइसेंस शुल्क या किसी अन्य सांविधिक बकाये के भुगतान में देरी के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक साल की कोष की सीमांत लागत (एमसीएलआर) के ऊपर दो प्रतिशत का ब्याज लेगा। ब्याज का संयोजन सालाना आधार पर किया जाएगा। अभी तक दूरसंचार कंपनियों को एसबीआई के एक साल के एमसीएलआर के ऊपर चार प्रतिशत का ब्याज देना होता था। ब्याज का संयोजन मासिक आधार पर किया जाता था।

संशोधन में कहा गया है कि लाइसेंस शुल्क या किसी अन्य बकाया के भुगतान में देरी पर एसबीआई के एक साल के एमसीएलआर (वित्त वर्ष की शुरुआत से) के ऊपर दो प्रतिशत ब्याज लिया जाएगा।

Wednesday, 29 September 2021

ग्रेच्युटी के नियम बदले, कोई भी दावे नए नियम के अनुसार लागू होंगे, कितना और कैसे मिलेगा पेमेंट

ग्रेच्युटी के नियम बदले, कोई भी दावे नए नियम के अनुसार लागू होंगे, कितना और कैसे मिलेगा पेमेंट

 


 नई दिल्ली 
मोदी सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली के तहत ग्रेच्युटी का भुगतान) नियम, 2021 को अधिसूचित कर दिया है।  ग्रेच्युटी भुगतान का यह नियम केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होगा। इसमें केंद्र के लिए रक्षा सेवा और सिविल सेवा के पदों पर नियुक्त नागरिक सरकारी कर्मचारी भी शामिल होंगे, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी, 2004 से या उसके बाद हुई है।

गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, ग्रेच्युटी के लिए किए गए कोई भी दावे नए नियम के अनुसार लागू होंगे। इसके लिए यह देखा जाएगा कि क्या कोई सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहा है, या सेवानिवृत्त हो गया है। क्या उसे सेवामुक्त किया गया है, क्या उसे सेवा से सेवानिवृत्त होने की अनुमति दी गई है या उसकी मृत्यु हो गई है। कर्मचारी के साथ जो भी स्थिति हो, उसके अनुसार ग्रेच्युटी का दावा किया जाएगा। जिस तारीख को कोई सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्त होता है या सेवानिवृत्त होने वाला होता है या उसे सेवामुक्त किया जाता है या इस्तीफा देने के लिए अनुमोदित किया जाता है, उस दिन को कर्मचारी का अंतिम कार्य दिवस माना जाएगा। उसी के अनुसार ग्रेच्युटी की गणना की जाएगी। सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के दिन ग्रेच्युटी की गणना उस दिन को कार्य दिवस मानकर की जाएगी।
 
चीन की इकोनॉमी पर संकट गहराया, एवरग्रांड के बाद अब आई नई मुसीबत
सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी तभी दी जाएगी जब वह नौकरी के पांच साल पूरे कर लेगा। कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की आयु में सेवानिवृत्त होना चाहिए। कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया है या सेवानिवृत्ति की आयु से पहले सेवानिवृत्त होने वाला है। अगर केंद्र सरकार या राज्य सरकार की किसी कंपनी या निगम में सेवा या पद प्राप्त करने की अनुमति दी गई है।केंद्र या राज्य सरकार के किसी संस्थान में पद या सेवा प्राप्त हुई है, तो ऐसे सरकारी कर्मचारी ग्रेच्युटी के हकदार हैं।

पेमेंट की गणना

ऊपर बताए गए केस में कर्मचारी को उसके कुल मेहनताना के आधार पर दी जाएगी। नौकरी में पूरे किए गए 6 महीने के कुल मेहनताना का एक चौथाई हिस्सा ग्रेच्युटी का होगा। यह अधिकतम कुल मेहनताना का 161/2 गुना तक हो सकता है। यहां कुल मेहनताना का अर्थ है कि सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले या मृत्यु वाले दिन कितना बेसिक पेमेंट पा रहा था।अगर कर्मचारी डॉक्टर के पद पर तैनात था तो उसके बेसिक पेमेंट में नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस भी जोड़ा जाएगा।

शिवपुरी सहकारी बैंक में 80 करोड़ घोटाला,14 कर्मचारी निलंबित

शिवपुरी सहकारी बैंक में 80 करोड़ घोटाला,14 कर्मचारी निलंबित

 


 शिवपुरी

मध्यप्रदेश के शिवपुरी सहकारी बैंक में गड़बड़ी करने के मामले में बैंक के चार मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) समेत 14 कर्मचारियों को मंगलवार देर शाम निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि किसानों के नाम पर फर्जी ऋण और अमानतदारों की राशि में करोड़ों रुपए का गबन करने के मामले में सरकार ने जांच पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की है। गबन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रॉपर्टी भी बैंक ने सीज कर दी है।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि सहकारी बैंक शिवपुरी में पूर्व में पदस्थ रहे मुख्य कार्यपालन अधिकारी एएस कुशवाह, डीके सागर, वायके सिंह और वर्तमान में पदस्थ्य लता कृष्णन को निलंबित किया गया है। घोटाला उजागर होते ही पूर्व में ही कोलारस शाखा के घोटाले के मास्टरमाइंड कैशियर राकेश पराशर, दो प्रबंधक सहित 3 पर FIR हो चुकी है। इसके बाद से फरारी के चलते तीनों पर दो-दो हजार का इनाम भी घोषित है। इसमें बैंक में चपरासी से कैशियर बना राकेश पाराशर मुख्य आरोपी है, जो फरार है।

शिवपुरी जिला सहकारी बैंक में गबन का मामला सामने आने पर सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने 13 सदस्यीय समिति बनाकर जांच कराई थी। इसमें गड़बड़ी के सभी पहलुओं और उससे जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराई गई थी। समिति ने एक माह में जांच करके प्रतिवेदन दिया। इसके आधार पर बैंक में 2006 से 2020 तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी पद पर रहे चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

जांच दल ने इन सभी अधिकारियों को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और उपेक्षापूर्ण कार्यप्रणाली से बैंक में गबन और घोटाला होने के लिए जिम्मेदार माना है। वहीं, शिवपुरी बैंक के प्रबंधक, लेखापाल और लिपिक संवर्ग के 10 कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। इसके आधार पर इन्हें भी निलंबित कर दिया है। सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामले में सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

इन समितियों का नहीं हुआ सालों से ऑडिट
कोलारस शााखा से जुडी जुकवासा पैक्स सोसायटी का साल 2010-11 से ऑडिट नहीं हुआ। मनपुरा पैक्स सोसायटी का 2010-11, पिछोर पैक्स सोसायटी का 2009-10, कमलापुर का 2015-16 से ऑडिट नहीं हुआ। खोड़ का भी 2009-10 से ऑडिट नहीं होने की बात सामने आ रही है। वहीं, करैरा की डबियाकला पैक्स सोसायटी का 2009-10 से ऑडिट नहीं कराया गया।

कोलारस में बेंहटा सोसायटी, राई का, कुलवारा का सालों से ऑडिट नहीं कराया। खास बात यह है कि सहकारिता विभाग शिवपुरी के अधिकारी ऑडिट नहीं होने के पीछे प्रबंधकों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं सोसायटी प्रबंधक ऑडिट कराने को तैयार नहीं है क्योंकि अगर ऑडिट हुई तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।

Monday, 27 September 2021

अक्टूबर में आधे दिन ही खुलेंगे बैंक, निपटा लें सभी जरूरी काम

   अक्टूबर में आधे दिन ही खुलेंगे बैंक, निपटा लें सभी जरूरी काम


मुंबई
अक्टूबर के महीने में अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 21 दिन बैंक बंद रहेंगे। अक्टूबर के महीने में कई दिन ऐसे भी आएंगे जब लगातार बैंक नहीं खुलेंगे। इसलिए आपके लिए ये जानना जरूरी है कि कब बैंक खुलेंगे और कब बंद रहेंगे। बैंक के लिए घर से निकलने से पहले जरूर चेक कर लें कि उस दिन बैंक खुले रहेंगे या नहीं।

2 अक्टूबर तारीख को गांधी जयंती है जिसकी वजह देश अलग-अलग हिस्सों में बैंक नहीं खुलेंगे। 3 अक्टूबर को रविवार की छुट्टी रहेगी। 6 अक्टूबर को अगरतला, बेंगलुरू, कोलकाता में महालाय अमावस्या की वजह से बैंक बंद रहेंगे।

महासप्तमी, महाअष्टमी और दशहरा की वजह से भी अक्टूबर में बैंक कर्मियों की छुट्टी रहेगी। अक्टूबर महीने की आखिरी छुट्टी 31 तारीख को रहेगी।

सिलसिलेवार जानें कि कब-कब बैंक बंद रहेंगे अगले महीने
1. अक्टूबर को गंगटोक में अर्ध वार्षिक बैंक क्लोजिंग अकाउंट की वजह काम प्रभावित रहेगा।

2. अक्टूबर को गांधी जयंती की वजह से अगरतला से लेकर तिरुवनंतपुरम तक बैंक बंद रहेंगे।

3. अक्टूबर - रविवार की छुट्टी।

6. अक्टूबर- अगरतला, बेंगलुरू, कोलकाता में महालाय अमावस्या की वजह से बैंक बंद रहेंगे।

7. अक्टूबर को इम्फाल में बैंक नहीं खुलेंगे।

9. अक्टूबर - शनिवार की छुट्टी रहेगी।

10. अक्टूबर - रविवार की छुट्टी रहेगी।

12. अक्टूबर- महासप्तमी की वजह से बैंक बंद रहेंगे।

13. अक्टूबर- महाअष्टमी की वजह से अगरतला, भुवनेश्वर, गंगटोक, गुवाहाटी, इम्फाल, कोलकाता, पटना, रांची में बैंक कर्मियों की छुट्टी रहेगी।

14. अक्टूबर- अगरतला, बेंगलुरू, चेन्नई, गंगटोक, गुवाहाटी, कानपुर, कोलकाता, रांची, लखनऊ, पटना, रांची, शिलांग, तिरूअनंनतपुरम में महानवमी की वजह से बैंक बंद रहेंगे।
15. अक्टूबर- दशहरा की वजह से अगरतला, अहमदाबाद से लेकर तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि इस दिन इम्फाॅल और शिमला में बैंक खुले रहेंगे।

16. अक्टूबर - गंगटोक में बैंक दुर्गा पूजा की छुट्टी रहेगी।

17. अक्टूबर- रविवार की छुट्टी रहेगी

18. अक्टूबर- गुवाहाटी में कटि बीहू की छुट्टी रहेगी।

19. अक्टूबर- अहमदाबाद, बेलापुर, भोपाल, चेन्नई, देहरादून, हैदराबाद, इम्फाल, जम्मू, कानपुर, कोच्चि, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर, रांची, श्रीनगर और तिरूअनंनतपुरम में ईद-ए-मिलाद की वजह से बैंक बंद रहेंगे।

20. अक्टूबर- अगरतला, बेंगलुरू, चंडीगढ़, कोलकाता, शिमला में वाल्मिकी जयंती की वजह से बैंक बंद रहेंगे।

22. अक्टूबर- जम्मू और श्रीनगर में बैंक कर्मियों की छुट्टी रहेगी।

23. अक्टूबर- शनिवार की छुट्टी रहेगी।

24. अक्टूबर- रविवार की छुट्टी रहेगी।

26. अक्टूबर- परिग्रहण दिवस की वजह से जम्मू और श्रीनगर में बैंक नहीं खुलेंगे।

31. अक्टूबर- रविवार साप्ताहिक छुट्टी।

सोना-सोबरन योजना से जुड़ेंगे ग्रीन कार्ड, जल्द होगा ये फायदा

सोना-सोबरन योजना से जुड़ेंगे ग्रीन कार्ड, जल्द होगा ये फायदा

 

मुंबई
खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से संचालित सोना-सोबरन योजना से चार लाख हरा कार्डधारियों को जोड़ने की तैयारी चल रही है. इन्हें भी योजना के तहत हर वर्ष 10 रुपये में दो बार धोती-साड़ी या लूंगी दी जायेगी. खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 15 लाख लोगों को जोड़ा जा रहा है. इन्हें विभाग की ओर से हरा कार्ड आवंटित कर योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है.

विभाग की ओर से चार लाख हरा कार्डधारियों को भी सोना-सोबरन योजना से जोड़ने की तैयारी चल रही है. इन्हें योजना में शामिल करने के लिए सरकार अलग से राशि का प्रावधान करेगी. जल्द ही इन्हें योजना में शामिल लाभ दिया जायेगा. श्री उरांव ने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण को लेकर प्रतिबद्ध है. वस्त्र मनुष्य की बुनियादी जरूरतों में शामिल है.

इसी को ध्यान में रख कर सरकार की ओर से सोना-सोबरन योजना शुरू की गयी है. सोना-सोबरन योजना के तहत पहले से 500 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है. इसके तहत लगभग 57 लाख लाल-पीला कार्डधारियों को हर वर्ष साल में दो बार धोती-साड़ी या लूंगी देने का प्रावधान किया गया है. योजना की शुरुआत हो चुकी है. लाभुक जन वितरण प्रणाली की दुकान से इस योजना का लाभ ले सकते हैं.

विभागीय मंत्री डॉ उरांव ने कहा कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार गेंहू खरीदने की योजना पर भी विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड में धान की अपेक्षा गेंहू की फसल कम होती है. योजना शुरू करने से पहले सरकार की ओर से नये गोदाम खोले जायेंगे. साथ ही क्षतिग्रस्त गोदाम की मरम्मति की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने राज्य में किसानों से शत-प्रतिशत धान का क्रय किया है. किसानों को धान क्रय की राशि का भी भुगतान कर दिया गया है.

रेलवे ने शुरू की नई सेवा, अब टिकट बुकिंग हुआ बेहद आसान

रेलवे ने शुरू की नई सेवा, अब टिकट बुकिंग हुआ बेहद आसान


नई दिल्ली
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए नई सेवा शुरू की है. रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए काम की खबर है. कोरोना काल में रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई बड़े बदलाव किए. इसी क्रम में रेलवे ने टिकट बुकिंग के लिए अब हिंदी में भी UTS ऐप की सुविधा दे रहा है.

रेल मंत्रालय के अनुसार, यूटीएस मोबाइल ऐप के यूजर अब रेल टिकट बुक हिन्दी भाषा में बूक कर सकते हैं. भारतीय रेलवे द्वारा विकसित किया गया यह ऐप लोगों के लिए एक नई सुविधा लेकर आया है. पहले यह ऐप अंग्रेजी भाषा में ही उपलब्ध था. लेकिन अब इसमें हिंदी भाषा को भी जोड़ दिया गया है. इससले यात्री अब आसानी से अपनी भाषा में टिकट बुकिंग कर पाएंगे.

रेल मंत्रालय ने बताया कि इस ऐप के वर्तमान में लगभग 1.47 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स हैं. और धीरे-धीरे इस संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुसाफिरों को भी टिकट काउंटर से टिकट लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. ऐसे में, रेलवे ने UTS ऐप को लॉन्च किया ताकि लोग खुद से ही जनरल टिकट भी बुक करने लगे. इस ऐप के लॉन्च होने से लोगों अब टिकट बुकिंग में आसानी होगी.

UTS ऐप से ऐसे करें टिकट बुकिंग

  • UTS मोबाइल ऐप से टिकट बुक करने के लिए आप सबसे पहले अपने फोन में इसे इंस्टॉल करें.
  • इसके बाद आपको इसके साथ अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर करें.
  • अब आप यहां अपनी आईडी बनाएं.
  • इसके बाद ऐप में आपको टिकट बुक करने के दो ऑप्शन दिखाई देंगे.
  • बुक एंड पेपर (पेपरलेस) और बुक एंड प्रिंट (पेपर) इन दोनों में से किसी का भी चुनाव करके आप टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को शुरू कर सकते हैं.
  • यदि आप पेपरलेस का विकल्प चुनते हैं, तो आपको स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट निकालने की आवश्यकता नहीं होगी.

Friday, 24 September 2021

सेंसेक्स पहली बार 60 हजार अंक के पार, निफ्टी भी 18 हजारी बनने को तैयार

सेंसेक्स पहली बार 60 हजार अंक के पार, निफ्टी भी 18 हजारी बनने को तैयार

 

  मुंबई    
भारतीय शेयर बाजार शिखर पर है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को सेंसेक्स की ओपनिंग ऐतिहासिक बढ़त के साथ हुई। इसके साथ ही सेंसेक्स ने 60 हजार के रिकॉर्ड स्तर को पार कर लिया है। सेंसेक्स ने करीब 9 माह के भीतर 10 हजार अंकों की मजबूती हासिल की है। इससे पहले जनवरी महीने में सेंसेक्स ने 50 हजार अंक को पार कर लिया था।  अगर निफ्टी की बात करें तो ये भी रिकॉर्ड बना रहा है और किसी भी वक्त 18 हजार अंक के जादूई स्तर को पार कर लेगा।
 
गुरुवार को बाजार का हाल: चौतरफा लिवाली से तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 958.03 अंक यानी 1.63 प्रतिशत के उछाल के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 59,885.36 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,029.92 अंक की बढ़त के साथ 59,957.25 अंक के स्तर तक पहुंच गया था।

बीते गुरुवार को बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैपिटल 261.73 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस दिन निवेशकों को 3 लाख 16 हजार करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।

बढ़त की वजह क्या है: बीते कुछ महीनों से भारतीय शेयर बाजार में लगातार हो रही बढ़त की कई वजह है। बीते कुछ महीनों में विदेशी पूंजी का प्रवाह भारतीय बाजार में उम्मीद से बढ़कर हुआ है। इसके अलावा वैक्सीनेशन और कोरोना के कम केस का फायदा देश की इकोनॉमी को मिल रहा है और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। वहीं, अलग-अलग सेक्टर की लिस्टेड कंपनियाें के वित्तीय परिणाम भी उम्मीद से बेहतर हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अच्छे संकेत

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, इसकी वजह से दुनिया भर के शेयर बाजारों में गुरुवार को मूड पॉजिटिव रहा. इससे यह संकेत मिला है कि अभी अमेरिकी सरकार राहत पैकेज को वापस लेने का कदम नहीं उठाएगी. चीन के केंद्रीय बैंक ने बैकिंग सिस्टम में नकदी डालकर Evergrande मसले पर कुछ राहत देने की कोश‍िश की है.

चीन की एक रियल एस्टेट कंपनी Evergrande दिवालिया होने की कगार पर है और इसका असर पूरी दुनिया के शेयर बाजारों (Share Market) पर पड़ा है. एवरग्रैंड के ऊपर करीब 304 अरब डॉलर (करीब 22.45 लाख करोड़ रुपये) का कर्ज है. आशंका है कि यह कहीं चीन में अमेरिका के सब-प्राइम और लीमैन ब्रदर्स जैसा संकट न साबित हो जाए.

कल शेयर बाजार में आई थी शानदार तेजी

गुरुवार को भी शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी गई थी. दोपहर 3.12 बजे के आसपास सेंसेक्स 1030 अंकों की भारी उछाल के साथ 59,957.25 तक पहुंच गया. इसके साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी ने ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाया.गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 431 अंकों की तेजी के साथ 59,358.18 पर खुला. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 958.03 अंकों की तेजी के साथ 59,885.36 पर पहुंच गया.

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 124 अंक की तेजी के साथ 17,670.85 पर खुला. दोपहर के 3.12 बजे के आसपास निफ्टी 17,843.90 के स्तर पर पहुंच गया. कारोबार के अंत में निफ्टी 280.40 अंकों की तेजी के साथ 17,827.05 पर बंद हुआ.

LPG सिलेंडर हो सकता है 1000 रुपये के पार, तेल के दाम बढ़े; अब रसोई गैस की बारी

LPG  सिलेंडर हो सकता है 1000 रुपये के पार, तेल के दाम बढ़े; अब रसोई गैस की बारी

 

नई दिल्ली।  
त्योहार से मौसम में आपको रसोई गैस के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। पिछले एक सप्ताह से जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, वहीं रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ सकते हैं। कीमतें एक हजार का आंकडा पार कर सकती है। वैसे 18 दिन से स्थिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज बदलाव से इसकी शुरुआत भी हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं। पिछले दस दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। कच्चे तेल की कीमत अगस्त में कच्चे तेल के दाम 74.22 डॉलर प्रति बैरल थे। सितंबर में कच्चे तेल के दाम 75 डॉलर पार सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का रुझान जारी रहता है, तो इसका असर तेल की कीमतों पर होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ सकते हैं।

रसोई गैस सब्सिडी हो सकती है खत्म

कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत बढ़ती है, तो रसोई गैस भी मंहगी होगी। इसके साथ सरकार रसोई गैस सब्सिडी को भी पूरी तरह खत्म कर सकती है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सब्सिडी सिर्फ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दी जा सकती। वहीं, सरकार के आंतरिक सर्वे में यह बात मानी गई है कि उपभोक्ता एक हजार रुपए का सिलेंडर खरीद सकते हैं।
 
कुछ लोगों को ही मिल रही सब्सिडी

मंत्रालय ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। पर जल्द ही सरकार इन बारे में कोई निर्णय कर सकती है। इस साल एक जनवरी के बाद राजधानी दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 190.50 रुपए बढ़ी है, जबकि पिछले साल से कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इस वक्त देश के चुनिंदा राज्यों में उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। इनमें लद्दाख, लक्ष्यद्वीप, अंडमान निकोबार, उत्तर पूर्व के राज्य और कुछ राज्यों के पिछडे़ क्षेत्र शामिल हैं। सब्सिडी पर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021 के दौरान डीबीटी के तहत 3559 रुपए खर्च किए हैं।

Thursday, 23 September 2021

351 अंक ऊपर खुला सेंसेक्स, निफ्टी 17600 के पार

351 अंक ऊपर खुला सेंसेक्स, निफ्टी 17600 के पार

नई दिल्ली
मजबूत वैश्विक संक्तों से आज सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 351.37 अंक या 0.60 फीसदी की तेजी के साथ 59,278.70 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 115.10 अंकों (0.66 फीसदी) की बढ़त के साथ 17,661.80 के स्तर पर खुला। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 710 अंक या 1.21 फीसदी चढ़ा था। शुरुआती कारोबार में 1398 शेयरों में तेजी आई, 256 शेयरों में गिरावट आई और 75 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

दिग्गज शेयरों की बात करें, तो आज शुरुआती कारोबार के दौरान टाटा स्टील, एसबीआई, कोटक बैंक, रिलायंस, एक्सिस बैंक, बजाज ऑटो, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, इंफोसिस, एम एंड एम, एल एंड टी, एचसीएल टेक, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, आईटीसी, एचडीएफसी, मारुति, डॉक्टर रेड्डी, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स और नेस्ले इंडिया के शेयर हरे निशान पर खुले। वहीं टेक महिंद्रा, टाइटन और टीसीएस के शेयर लाल निशान पर खुले।

प्री ओपन के दौरान सुबह 9.01 बजे सेंसेक्स 367.62 अंक (0.62 फीसदी) ऊपर 59294.95 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी 93.10 अंक (0.53 फीसदी) ऊपर 17639.80 पर था।

बुधवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। सेंसेक्स 33.84 अंक या 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 58971.43 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 11.80 अंकों (0.07 फीसदी) की मामूली गिरावट के साथ 17550.20 के स्तर पर खुला था।

पिछले सत्र में शेयर बाजार दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 77.94 अंकों (0.13 फीसदी) की गिरावट के साथ 58,927.33 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 15.35 अंकों (0.09 फीसदी) की गिरावट के साथ 17,546.65 के स्तर पर बंद हुआ था। 

चीन की रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांड दिवालिया हुई तो भारत के शेयर पर भी पड़ेगा गहरा असर

चीन की रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांड दिवालिया हुई तो भारत के शेयर पर भी पड़ेगा गहरा असर

 

नई दिल्ली
चीन की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी एवरग्रांड अपने भारी-भरकम कर्ज का भुगतान करने में लगातार नाकाम हो रही है। इसका असर न सिर्फ चीन के बाजारों पर होगा, बल्कि भारत सहित दुनियाभर की अर्थव्यवस्था दबाव में आ जाएगी। एवरग्रांड पर करीब 22 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, जो दुनिया की किसी भी एक कंपनी पर कुल कर्ज की सबसे ज्यादा राशि मानी जा रही है।

एचडीएफसी बैंक के अर्थशास्त्री अभीक बरुआ का कहना है कि एवरग्रांड दिवालिया होती है, तो अमेरिका, भारत, यूरोप सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आ सकती है। डाॅलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 75 रुपये तक गिर जाएगी और लौह अयस्क सहित कई धातुओं के निर्यात पर भी असर होगा। भारत से हर साल बड़ी मात्रा में लौह अयस्क चीन निर्यात किया जाता है, जिसका इस्तेमाल रियल एस्टेट कंपनियां करती हैं। मामले का खुलासा होने के बाद पिछले सोमवार से अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट जारी है।

एवरग्रांड को बृहस्पतिवार को बॉन्ड पर ब्याज के रूप में करीब 609 करोड़ रुपये चुकाने हैं, जबकि अगले सप्ताह 346 करोड़ का भुगतान करना है। कंपनी ने दावा किया है कि वह भुगतान में सक्षम है। हालांकि, इसके बाद भी प्रतिदिन औसतन 205 करोड़ का ब्याज भरना होगा। कंपनी को कुल कर्ज में 35 फीसदी हिस्सेदारी पर ब्याज चुकाना है। एवरग्रांड ने सालाना रिपोर्ट में खुद कहा है कि उसके पास महज 1,650 अरब रुपये की नकदी है।  

एवरग्रांड में अमेरिका सहित दुनिया के कई धनकुबेरों ने पैसे लगाए हैं। तीन दिन की गिरावट से जेफ बेजोस, वॉरेन बफे और एलन मस्क सहित कई अरबपतियों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए। जानकारों का कहना है कि यह कंपनी दिवालिया होती है, तो इससे जुड़ी लाखों छोटी इकाइयों पर संकट बढ़ेगा। इसका असर चीन सहित पूरी दुनिया पर होगा। दरअसल, 2,000 के दशक में चीन के बढ़ते रियल्टी बाजार में निवेशकों ने खूब पैसे लगाए थे।

एवरग्रांड ने 1990 के दशक में रियल एस्टेट कारोबार शुरू किया और जल्द ही कंपनी का विस्तार चीन के 280 शहरों तक पहुंच गया। कंपनी के पास 1,300 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट हैं। कंपनी ने बैंकों से जमकर कर्ज लिए, लेकिन चीन ने प्रॉपर्टी बाजार पर सख्ती शुरू की तो मुश्किलें बढ़ गईं। दरअसल, अधिकतर रियल्टी कंपनियां कुछ समय के लिए उधार लेती हैं और इसे री-फाइनेंस कराती हैं। फंसे कर्ज का मामला बढ़ता देख सरकार ने री-फाइनेंसिंग पर रोक लगा दी और कर्ज की सीमा तय कर दी। इससे उनकी कमाई घटी और डिफॉल्ट बढ़ने लगा।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजय कुमार ने कहा, अगर एवरग्रांड संकट नहीं सुलझता, तो भारत के लिए नए मौके खुलेंगे। इससे रियल एस्टेट के विदेशी निवेशक फिर भारत की ओर मुड़ सकते हैं।

Wednesday, 22 September 2021

चीन की कंपनी की 'कंगाली' से क्यों सहमी है दुनिया, सता रहा लेहमैन जैसी मंदी का डर

चीन की कंपनी की 'कंगाली' से क्यों सहमी है दुनिया, सता रहा लेहमैन जैसी मंदी का डर

 

 नई दिल्ली 
15 सितंबर 2008 की बात है, अमेरिका की बैंकिंग फर्म लेहमैन ब्रदर्स ने आधिकारिक तौर पर खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। इस एक खबर के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था ने मंदी की राह पकड़ी ली और भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार धाराशायी हो गए। अब ठीक 13 साल बाद एक बार फिर हालात कुछ वैसे ही बनते दिख रहे हैं। इस बार अमेरिका नहीं बल्कि चीन से मंदी की आहट सुनाई दे रही है।

दरअसल, चीन की दिग्गज रियल स्टेट कंपनी एवरग्रांड के दिवालिया होने की आशंका है। एवरग्रांड ने चीन की सरकार को बताया है कि उस पर 300 बिलियन डॉलर से अधिक का कर्ज है। भारतीय रुपयों में यह रकम करीब 22 लाख करोड़ रुपये के आसपास होगी। ये रकम चीन की जीडीपी के 2 फीसदी के बराबर है। 

इस कर्ज की वजह क्या है:  एवरग्रांड पर कर्ज का बोझ होने का मुख्य कारण कंपनी की आक्रामक नीति है। असल में एवरग्रांड ने बैंकों के कर्ज को नजरअंदाज करते हुए अपने विस्तार पर जोर दिया। कंपनी ने कई सालों तक चीन समेत दुनियाभर के बाजारों को ये एहसास नहीं होने दिया कि वो भारी कर्ज में है। बीते साल जब चीन की सरकार ने नियमों में बदलाव किए तब देश को पहली बार पता चला कि कंपनी कर्ज में है। हालांकि, तब भी एवरग्रांड ने रकम का खुलासा नहीं किया था। हालांकि, अब पहली बार आधिकारिक तौर पर एवरग्रांड ने माना है कि उस पर 300 बिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज है।

 चीन की इकोनॉमी में कंपनी की भूमिका: रियल स्टेट कंपनी एवरग्रांड ने चीन के करीब 250 से ज्यादा छोटे या बड़े शहरों में करोड़ों लोगों के घर का सपना पूरा किया है। इस कंपनी में करीब 2 लाख कर्मचारी काम करते हैं और यह कंपनी हर साल चीन में करीब 38 लाख रोजगार पैदा करती थी। 

दुनिया को क्यों है डर: रियल एस्टेट सेक्टर में एवरग्रांड का दबदबा रहा है। ये कंपनी अगर दिवालिया होती है तो सबसे पहले तो वो लोग प्रभावित होंगे जिन्होंने इसके प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन से पहले ही मकान खरीद लिए हैं। ऐसे लोगों की गाढ़ी कमाई डूब सकती है। देश-विदेश की कई ऐसी कंपनियां भी हैं जो एवरग्रांड के साथ कारोबार करती हैं। उन फर्मों को भी बड़े नुकसान का खतरा है। ये डर है कि एवरग्रांड से जुड़ी कई छोटी या बड़ी कंपनियां भी दिवालिया हो सकती हैं। 


चीन की इकोनॉमी पर असर: इसके अलावा चीन की इकोनॉमी को भी नुकसान पहुंचेगा। ये संभव है कि चीन के इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ जाए। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि एवरग्रांड के दिवालिया होने की स्थिति में चीन सरकार बैंकों और अन्य उधारदाताओं को कम उधार देने के लिए मजबूर कर सकती है। इससे क्रेडिट संकट के रूप में जाना जाता है। सरकार अगर कंपनियों को सस्ती दरों पर पैसे उधार नहीं देती है या दिक्कत करती है तो इससे प्रोडक्शन भी प्रभावित होता है।

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए एक क्रेडिट संकट बहुत बुरी खबर होगी, क्योंकि जो कंपनियां उधार नहीं ले सकती हैं, उनके लिए विकास करना मुश्किल है, और कुछ मामलों में परिचालन जारी रखने में असमर्थ हैं। यह विदेशी निवेशकों के लिए भी निराश करने वाली खबर होगी और उनकी दिलचस्पी चीन में कम हो जाएगी। वहीं, एक आशंका ये भी है कि एवरग्रांड क्राइसिस के बाद चीन सरकार कंपनियों के लिए भी नियम सख्त कर सकती है।

Tuesday, 21 September 2021

HDFC ने Paytm से मिलाए हाथ,अब ला रहे खास क्रेडिट कार्ड

HDFC ने Paytm से मिलाए हाथ,अब ला रहे खास क्रेडिट कार्ड

 


   नई दिल्ली


त्योहारों के पहले देश में खासकर युवा कंज्यूमर्स में पैठ बनाने के लिए Paytm और HDFC ने हाथ मिला लिए हैं. दोनों मिलकर अक्टूबर में को-ब्रैंडेड क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने जा रहे हैं. इसका खासकर मिलेनियल्स यानी नौजवान कंज्यूमर होंगे.

दोनों कंपनियों ने इस कार्ड के द्वारा टियर टू और टियर 3 शहरों में गहरी पैठ बनाने का इरादा बनाया है. इस साझेदारी के तहत HDFC बैंक और Paytm मिलकर बिजनेस क्रेडिट कार्ड भी लॉन्च करेंगे.

बेहतरीन रीवॉर्ड तथा कैशबैक ऑफर

Visa आधारित यह क्रेडिट कार्ड छोटे ग्राहकों से लेकर संपन्न यूजर्स तक की जरूरतों को पूरा करेंगे और इनमें बेहतरीन रीवॉर्ड तथा कैशबैक ऑफर दिए जाएंगे.

पेटीएम के पास 33 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं और 2.1 करोड़ व्यापारियों की पहुंच है, जबकि एचडीएफसी बैंक के पास 50 लाख से अधिक डेबिट, क्रेडिट और प्रीपेड कार्ड हैं, और यह करीब 20 लाख व्यापारियों को सेवा प्रदान करता है.

Paytm और HDFC ने एक बयान में कहा कि यह कार्ड अक्टूबर 2021 में लॉन्च किया जाएगा और इसके द्वारा क्रेडिट कार्ड, ईएमआई, बाय नाउ पे लेटर जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग के दोहन की कोश‍िश की जाएगी.

बिजनेस क्रेडिट कार्ड की शुरुआत

इस पार्टनरशिप के द्वारा दोनों बिजनेस क्रेडिट कार्ड की शुरुआत भी करेंगे, जिसका खासकर छोटे शहरों के दुकानदारों को काफी फायदा होगा. इससे पेटीएम को करीब 2.1 करोड़ दुकानदारों का फायदा मिलेगा.

दोनों कंपनियों ने कहा कि वे कई तरह के क्रेडिट कार्ड जारी करेंगे और कई तरह के कैशबैक एवं बेनिफिट देंगे. इनमें मोबाइल क्रेडिट कार्ड जैसे डिजिटल फर्स्ट कार्ड होंगे जिनका लक्ष्य युवाओं में जगह बनाना होगा.

Monday, 20 September 2021

0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 58,663.73 के स्तर पर सेंसेक्स, 17500 के नीचे पहुंचा निफ्टी

0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 58,663.73 के स्तर पर सेंसेक्स, 17500 के नीचे पहुंचा निफ्टी

नई दिल्ली
कमजोर वैश्विक संकेतों से आज सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 352.16 अंक या 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 58,663.73 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 126.40 अंकों (0.72 फीसदी) की गिरावट के साथ 17,458.80 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में 650 शेयरों में तेजी आई, 1333 शेयरों में गिरावट आई और 127 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 710 अंक या 1.21 फीसदी चढ़ा था।

इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा वैश्विक रुख से तय होगी। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले पर रहेगी। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख, डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों से भी घरेलू बाजार की दिशा तय होगी।

दिग्गज शेयरों की बात करें, तो आज शुरुआती कारोबार के दौरान एचसीएल टेक, आईटीसी, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और नेस्ले इंडिया के शेयर हरे निशान पर खुले। वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, एल एंड टी, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, सन फार्मा, रिलायंस, बजाज फिनसर्व, टाइटन, डॉक्टर रेड्डी, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, इंडसइंड बैंक, एम एंड एम, एसबीआई, बजाज ऑटो और टाटा स्टील के शेयर लाल निशान पर खुले।

प्री ओपन के दौरान सुबह 9.01 बजे सेंसेक्स 212.89 अंक (0.36 फीसदी) नीचे 58803 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी 180.90 अंक (1.03 फीसदी) की गिरावट के साथ 17404.30 पर था।

शुक्रवार को शेयर बाजार उच्च स्तर पर खुला था। सेंसेक्स 281.23 अंक या 0.48 फीसदी के लाभ के साथ 59422.39 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 79.70 अंकों (0.45 फीसदी) की तेजी के साथ 17709.20 के स्तर पर खुला था।

पिछले सत्र में शेयर बाजार में दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। सेंसेक्स 125.27 अंकों (0.21 फीसदी) की गिरावट के साथ 59,015.89 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 44.35 अंकों (0.25 फीसदी) की गिरावट के साथ 17,585.15 के स्तर पर बंद हुआ था। 

छह महीने के निचले स्तर पर सोना, चांदी में भी गिरावट

छह महीने के निचले स्तर पर सोना, चांदी में भी गिरावट

 

नई दिल्ली
आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट आई। कमजोर वैश्विक संकेतों से आज एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.13 फीसदी नीचे 45928 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह पीली धातु का करीब छह महीने का निचला स्तर है। चांदी में 1.00 फीसदी की गिरावट आई और यह 59427 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से अब भी 10272 रुपये नीचे है। पिछले सत्र में सोना 0.16 फीसदी सस्ता हुआ था और चांदी में 1.76 फीसदी की गिरावट आई थी। अगस्त में सोने के अधिक आयात के बावजूद, भारत में सोने की भौतिक मांग कमजोर रही। घरेलू डीलरों को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में और ग्राहक आएंगे।

वैश्विक बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर से सोने की सेफ-हेवेन मांग प्रभावित हुई, जिसका असर उसकी कीमत पर पड़ा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रहने से वैश्विक बाजारों में सोने की कीमत प्रभावित हुई। हाजिर सोना 0.1 फीसदी गिरकर 1,752.66 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.3 फीसदी गिरकर 22.33 डॉलर प्रति औंस पर रही और प्लैटिनम 0.1 फीसदी नीचे 940.39 डॉलर पर रहा।

स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमत पर आधारित होते हैं। पीली धातु के दाम में आए उतार-चढ़ाव पर ही इसका दाम भी घटता-बढ़ता है। मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है।

अप्रैल से जुलाई 2021 के दौरान देश का रत्न एवं आभूषण निर्यात 6.04 फीसदी बढ़ा और 12.55 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 2019-20 की समान अवधि में यह आंकड़ा 11.8 अरब डॉलर था। अमेरिका, चीन और हांगकांग जैसे प्रमुख निर्यात गंतव्य वाले बाजारों में निरंतर होने वाले सुधार से निर्यात में तेजी आई है। जीजेईपीसी ने बताया कि जुलाई में देश का निर्यात 18 फीसदी बढ़कर 3.36 अरब डॉलर रहा। वहीं पिछले साल की समान अवधि में यह 3.87 अरब डॉलर रहा था। सोने के आभूषणों का निर्यात 38.5 फीसदी कम होकर 2.41 अरब डॉलर रह गया। चांदी के आभूषणों का निर्यात बढ़कर 84.3 करोड़ डॉलर रहा।

कोरोना की चुनिंदा दवाओं पर नहीं लगेगी GST, काउंसिल ने 31 दिसंबर तक दी राहत: सूत्र

कोरोना की चुनिंदा दवाओं पर नहीं लगेगी GST, काउंसिल ने 31 दिसंबर तक दी राहत: सूत्र


लखनऊ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन के मौके पर आज (शुक्रवार) उत्तर प्रदेश के लखनऊ में जीएसटी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई। जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की, इस दौरान कारोबारियों से लेकर आम जनता से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई। सूत्रों मिल रही जानकारी से पता चला है कि बैठक में कोरोना वायरस के उपचार में उपयोग की जाने वाली चुनिंदा दवाओं पर रियायतें 31 दिसंबर तक बढ़ा दी हैं।  रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोविड-19 के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर लगने वाली जीएसटी से राहत दी गई है। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि 31 दिसंबर तक एम्फोटेरिसिन बी, टोसीलिजुमैब दवा पर कोई जीएसटी नहीं होगी। बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में कोरोना वायरस संकट के बीच पहली बार एक छत के नीचे बैठक हो रही है। 

सूत्रों के अनुसार जीएसटी परिषद ने रियायती दरों के तहत लिस्ट में और दवाएं जोड़ने को भी मंजूरी दे दी है। इमें से 31 दिसंबर तक कई दवाओं पर जीएसटी दरों को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर राहत दी है। इनमें इटोलिजुमैब, पॉसकोनाजोल, इन्फ्लिक्सिमैब, बामलानिविमैब और एटेसेविमैब, कासिरिविमैब, इम्देवीमैब, 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज और फेविपिरवीर शामिल हैं। वहीं, सूत्रों का कहना है कि बैठक में सिक्किम को फार्मा वस्तुओं की इंट्रा स्टेट आपूर्ति पर तीन साल के लिए 1 प्रतिशत COVID-19 उपकर लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि दिनों तक चलने वाली जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक से आज जनता को महंगाई से राहत की उम्मीद है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बैठक में प्रेट्रोल-डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। 

सरकार के फैसले के बाद अब ज्यादा लोग कर पाएंगे हवाई सफर, किराये को लेकर भी लिया गया है बड़ा निर्णय

सरकार के फैसले के बाद अब ज्यादा लोग कर पाएंगे हवाई सफर, किराये को लेकर भी लिया गया है बड़ा निर्णय

 

नई दिल्ली 
हवाई सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शनिवार को मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन की तरफ से एक सर्कुलर जारी किया गया। जिसमें कहा गया है कि अब डोमेस्टिक प्लाइट्स में अब 85 प्रतिशत लोग एक साथ यात्रा कर सकेंगे। पहले यह सीमा 72.5 प्रतिशत की थी। बता दें, मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन का यह आदेश 18 सितंबर यानी शनिवार से ही लागू हो गया है। 
 
देश में कोरोना की पहली लहर की वजह से पिछले साल उड़ानों  पर ब्रेक लग गई थी। लेकिन स्थिति बेहतर होने के बाद मई 2020 में एक बार फिर लोग हवाई यात्रा कर पर रहे थे। मई 2020 से मार्च 2021 तक हवाई सफर करने वाले लोगों की हर महीने संख्या में इजाफा देखा गया था। लेकिन कोविड की दूसरी लहर ने एक बार हवाई सफर करने वालों को झटका दिया। 

डाॅयरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार 67 लाख लोगों ने अगस्त में हवाई उड़ान भरी थी। जबकि जुलाई में यह संख्या 5 लाख एक हजार ही थी। इस संख्या को देखते हुए सरकार ने अब क्षमता बढ़ाने का फैसला किया है। कोरोना महामारी का असर जिन कुछ इंडस्ट्रीज पर सबसे ज्यादा हुआ है उसमें एविएशन सेक्टर भी है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार के इस फैसले का अच्छा असर दिखेगा। 


नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि हवाई किराये की निचली और ऊपरी सीमा किसी भी समय 15 दिनों तक लागू होगी और विमानन कंपनी 16वें दिन से बिना किसी सीमा के शुल्क लेने के लिए स्वतंत्र होंगी। इस साल 12 अगस्त से लागू यह व्यवस्था फिलहाल 30 दिनों के लिए थी और विमानन कंपनियां 31वें दिन से बिना किसी सीमा के शुल्क ले रही थीं।

मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक नए आदेश में कहा, ''मान लीजिए आज तारीख 20 सितंबर है, तो किराया सीमा चार अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस तरह पांच अक्टूबर या उसके बाद किसी भी तारीख को यात्रा के लिए 20 सितंबर को की गई बुकिंग को किराये की सीमा द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाएगा। आदेश में कहा गया कि यदि अगले दिन, यानी 21 सितंबर को बुकिंग की जाती है, तो किराये की सीमा 5 अक्टूबर तक लागू होगी और छह अक्टूबर या उसके बाद की यात्रा के लिए किराये की सीमा लागू नहीं होगी।

भारत ने कोविड-19 महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के बाद 25 मई, 2020 को उड़ान सेवाएं फिर शुरू होने पर विमान यात्रा की अवधि के आधार पर किराये की निचली और ऊपरी सीमा तय की थी। इस साल 12 अगस्त को घरेलू हवाई यात्रा महंगी हो गई थी। नागर विमानन मंत्रालय ने किराये की निचली और ऊपरी सीमा में 9.83 से 12.82 प्रतिशत की वृद्धि की थी। 

Tuesday, 14 September 2021

ईपीएफओ पोर्टल के जरिये ऐसे करें पीएफ ऑनलाइन ट्रांसफर

 ईपीएफओ पोर्टल के जरिये ऐसे करें पीएफ ऑनलाइन ट्रांसफर

 

नई दिल्ली 
अगर आप नौकरी करते हैं तो आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के सदस्य जरूर होंगे। आप और आपका नियोक्ता हर महीने पीएफ फंड में अंशदान करते होंगे लेकिन अगर आप नौकरी बदलते हैं आपका पीएफ खाता नंबर बदल जाता है। इस स्थिति में आपको पुराने ईपीएफ खाते का पैसा नई कंपनी के ईपीएफ खाते में ट्रांसफर करना होगा। हालांकि यूएएन नंबर वही रहेगा। आप आपको बता रहे हैं कि अगर आपने नौकरी बदला है तो कैसे अपने पीएफ खाते को नए खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं।

 ऑनलाइन आवेदन जमा करने के 10 दिनों के भीतर चुनी गई कंपनी या संस्थान को पीडीएफ फाइल में अपने ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर आवेदन की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी जमा करें। इसके बाद कंपनी उसको मंजूरी देगी। मंजूरी मिलने के बाद पीएफ को वर्तमान कंपनी के साथ नए पीएफ खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता हैI पीएफ ट्रांसफर प्रॉसेस के दौरान एक ट्रैकिंग आईडी भी जनरेट होती है. इसका इस्तेमाल आवेदन को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है।