उत्तम प्रदेश समाचार : भोपाल

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Saturday, 11 December 2021

बच्चों के बीच पैर पसारता वायरस, नाइजीरिया से लौटे बच्चों में ओमिक्रॉन पॉजिटिव होने का डर, इंदौर में बीते 10 दिन में 9 बच्चे संक्रमित


दुनिया अभी डेल्टा जैसे कोरोना वायरस से लड़ ही रही थी कि दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुए इस ओमिक्रॉन नाम के संकट ने पूरी दुनिया को नई मुसीबत में फंसा दिया है.  कैसे ताजा हालात से निपटा जाए. कोशिश है कि कोरोना के नए रूप की देश में एंट्री ना होने पाए. वहीँ अफ्रीकी देश नाइजीरिया से लौटे भाई-बहन के ओमिक्रॉन पॉजिटिव होने का डर बना है | इंदौर में 10 दिन में 9 बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। सभी एसिम्प्टोमैटिक हैं और 3 को ठीक होने पर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इससे कुछ राहत मिली थी, लेकिन नाइजीरिया से लौटे 8 और 14 साल के भाई-बहन के संक्रमित मिलने पर डर बढ़ गया है। नाइजीरिया अफ्रीकन कंट्री है जो कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की हाई रिस्क कंट्री में शामिल है। यहां कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन फैल चुका है। संक्रमित मिले दोनों भाई-बहन में ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए सैम्पल टेस्ट के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, दिल्ली भेजे गए हैं। 15 दिन में रिपोर्ट आ जाती है, लेकिन इन दिनों रिपोर्ट आने में देरी हो रही है।

इंदौर में संक्रमित मिले 9 में 7 बच्चों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री सामने आई है। सातों के पहले पेरेंट्स संक्रमित आए, इसके बाद टेस्ट में बच्चे भी पॉजिटिव मिले। जबकि, दोनों भाई-बहन की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री का पता नहीं चल सका है। भाई-बहन मां के साथ पिता से मिलने नाइजीरिया गए थे। मां की रिपोर्ट निगेटिव आई है।मेडिकल एक्सपर्ट भी मानते हैं कि अभी बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में खुद बच्चों, उनके परिजन और स्कूल मैनेजमेंट को कड़ी एहतियात बरतनी होगी। बच्चों को लेकर अब चिंता इसलिए भी हो गई है, क्योंकि अब स्कूल 50 फीसदी क्षमता के साथ शुरू हो चुके हैं। इंदौर में कुछ स्कूल्स के बारे में शिकायतें मिली थी कि वे इससे ज्यादा क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। इस बीच 6 दिसम्बर को कलेक्टर मनीष सिंह ने इसके लिए सभी एसडीएम की जवाबदेही तय की और निर्देश दिए कि जिन भी स्कूलों में 50 फीसदी आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। हालांकि इस बीच संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़ते देख स्कूल भी सचेत हो गए तो कई पेरेंट्स ने छोटे बच्चों की फिर से ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी।

Thursday, 11 November 2021

उत्साह व उल्लास से मनाया छठ महापर्व





श्री माता पिता गुरु मार्गदर्शन शिक्षा व बहुउद्देशीय संस्था भोपाल  छठ पर्व के शुभ अवसर पर अध्यक्ष कृष्णा मिश्रा एवं जिला अध्यक्ष सीमा भारती जी पूजा विश्वकर्मा काजल विश्वकर्मा सूरज राठौर राजू राठौर राजीव नेताजी विकास द्विवेदी धीरज पांडे नीरज पांडे अंगद विश्वकर्मा एवं सस्थां के सभी सदस्य द्वारा अरेरा हिल्स स्थित भीम नगर छठ पूजा में माता बहनों को नि:शुल्क अरघ दान किया गया एवं अध्यक्ष जी ने क्षेत्र के सभी लोगों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी |

एएसजी हॉस्पिटल, लायंस क्लब और अमेरिकन ऑप्टिकल द्वारा निशुल्क नेत्र शिविर लगाया गया

 


E4 सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में 10 नवम्बर को एएस जी हॉस्पिटल, लायंस क्लब और अमेरिकन ऑप्टिकल की ओर से  निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।  आयोजन लायंस क्लब द्वारा लगाया गया जिसमें एसजी आई अस्पताल की टीम निशुल्क आंखों की जांच करके सेवा दी एवं अमेरिकन ऑप्टिकल एमपी नगर द्वारा निशुल्क चश्मों का वितरण किया गया |

Friday, 15 October 2021

बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा



विजय दशमी या विजयादशमी अथवा दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय त्योहार है। रामलीला में जगह-जगह रावण वध का प्रदर्शन होता है। क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है। ब्रज के मंदिरों में इस दिन विशेष दर्शन होते हैं। इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। यह त्योहार क्षत्रियों का माना जाता है। इसमें अपराजिता देवी की पूजा होती है। यह पूजन भी सर्वसुख देने वाला है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्रि के बाद दसवें दिन मनाया जाता है। इस दिन राम ने रावण का वध किया था। रावण राम की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले गया था। भगवान राम युद्ध की देवी मां दुर्गा के भक्त थे, उन्होंने युद्ध के दौरान पहले नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की और दसवें दिन दुष्ट रावण का वध किया। इसके बाद राम ने भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान और बंदरों की सेना के साथ एक बड़ा युद्ध लड़कर सीता को छुड़ाया। इसलिए विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं। कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं। पुतले में आग लगते ही वह धू-धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है…

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति के विषय में कई कल्पनाएं की गई हैं। भारत के कतिपय भागों में नए अन्नों की हवि देने, द्वार पर धान की हरी एवं अनपकी बालियों को टांगने तथा गेहूं आदि को कानों, मस्तक या पगड़ी पर रखने के कृत्य होते हैं। अतः कुछ लोगों का मत है कि यह कृषि का उत्सव है। कुछ लोगों के मत से यह रणयात्रा का द्योतक है क्योंकि दशहरा के समय वर्षा समाप्त हो जाती है, नदियों की बाढ़ थम जाती है, धान आदि कोष्ठागार में रखे जाने वाले हो जाते हैं।

संभवतः यह उत्सव इसी दूसरे मत से संबंधित है। भारत के अतिरिक्त अन्य देशों में भी राजाओं के युद्ध प्रयाण के लिए यही ऋतु निश्चित थी। शमी पूजा भी प्राचीन है। वैदिक यज्ञों के लिए शमी वृक्ष में उगे अश्वत्थ (पीपल) की दो टहनियों (अरणियों) से अग्नि उत्पन्न की जाती थी। अग्नि शक्ति एवं साहस की द्योतक है, शमी की लकड़ी के कुंदे अग्नि उत्पत्ति में सहायक होते हैं, जहां अग्नि एवं शमी की पवित्रता एवं उपयोगिता की ओर मंत्रसिक्त संकेत हैं। इस उत्सव का संबंध नवरात्र से भी है क्योंकि इसमें महिषासुर के विरोध में देवी के साहसपूर्ण कृत्यों का भी उल्लेख होता है और नवरात्र के उपरांत ही यह उत्सव होता है।

रामलीला

दशहरा उत्सव में रामलीला भी महत्त्वपूर्ण है। रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण के जीवन के वृत्तांत का वर्णन किया जाता है। रामलीला नाटक का मंचन देश के विभिन्न क्षेत्रों में होता है। यह देश में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। बंगाल और मध्य भारत के अलावा दशहरा पर्व देश के अन्य राज्यों में क्षेत्रीय विषमता के बावजूद एक समान उत्साह और शौक से मनाया जाता है। उत्तरी भारत में रामलीला के उत्सव दस दिनों तक चलते रहते हैं और आश्विन माह की दशमी को समाप्त होते हैं, जिस दिन रावण एवं उसके साथियों की आकृति जलाई जाती है। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर और भी कई प्रकार के कृत्य होते हैं, यथा हथियारों की पूजा, दशहरा या विजयादशमी से संबंधित वृत्तियों के औजारों या यंत्रों की पूजा।

पौराणिक मान्यताएं

इस अवसर पर कहीं-कहीं भैंसे या बकरे की बलि दी जाती है। भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व देशी राज्यों में, यथा बड़ोदा, मैसूर आदि रियासतों में विजयादशमी के अवसर पर दरबार लगते थे और हौदों से युक्त हाथी दौड़ते तथा उछलकूद करते हुए घोड़ों की सवारियां राजधानी की सड़कों पर निकलती थीं और जुलूस निकाला जाता था। प्राचीन एवं मध्य काल में घोड़ों, हाथियों, सैनिकों एवं स्वयं का नीराजन उत्सव राजा लोग करते थे।

वनस्पति पूजन

विजयदशमी पर दो विशेष प्रकार की वनस्पतियों के पूजन का महत्त्व है। एक है शमी वृक्ष, जिसका पूजन रावण दहन के बाद करके इसकी पत्तियों को स्वर्ण पत्तियों के रूप में एक-दूसरे को ससम्मान प्रदान किया जाता है। इस परंपरा में विजय उल्लास पर्व की कामना के साथ समृद्धि की कामना करते हैं। दूसरा है अपराजिता। यह पौधा अपने नाम के अनुरूप ही है। यह विष्णु को प्रिय है और प्रत्येक परिस्थिति में सहायक बनकर विजय प्रदान करने वाला है। नीले रंग के पुष्प का यह पौधा भारत में सुलभता से उपलब्ध है। घरों में समृद्धि के लिए तुलसी की भांति इसकी नियमित सेवा की जाती है। मेला दशहरा पर्व को मनाने के लिए जगह-जगह बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। यहां लोग अपने परिवार, दोस्तों के साथ आते हैं और खुले आसमान के नीचे मेले का पूरा आनंद लेते हैं। मेले में तरह-तरह की वस्तुएं, चूडि़यों से लेकर खिलौने और कपड़े बेचे जाते हैं। इसके साथ ही मेले में व्यंजनों की भी भरमार रहती है।

Saturday, 9 October 2021

घर बैठे सिटीजन पोर्टल पर दर्ज करायें ई-एफआईआर - मुख्यमंत्री चौहान

घर बैठे सिटीजन पोर्टल पर दर्ज करायें ई-एफआईआर - मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल

मध्यप्रदेश में आमजन अब घर बैठे सिटीजन पोर्टल पर ई-एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन-कल्याण और सुराज के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में सिटीजन पोर्टल का लोकार्पण करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराये जाने के लिये नित-नये प्रयास किये जा रहे हैं। नवाचारों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सुशासन की स्थापना कर आमजन का जीवन सहज और सुगम बनाने के लिये समन्वित प्रयास जारी हैं।

सिटीजन पोर्टल द्वारा आम नागरिकों को ई-एफआईआर के रूप में एफआईआर दर्ज करने की वैकल्पिक सुविधा प्रदान की गई है। इससे नागरिक ऑनलाइन संबंधित थाने को घटना के संबंध में ई-एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। नागरिकों द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट अथवा सिटीजन पोर्टल https://citizen.mppolice.gov.in पर स्वयं का पंजीयन कर पंजीकृत आईडी से लॉगिन करके ही ई-एफआईआर दर्ज की जा सकती है। उक्त ई-एफआईआर आवेदन पर एफआईआर दर्ज होने के उपरांत आवेदक को अपनी एफआईआर के विभिन्न चरणों की अद्यतन स्थिति एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होती रहेगी। सिटीजन पोर्टल प्रारंभ हो जाने से पीड़ित व्यक्ति 15 लाख तक की वाहन चोरी या एक लाख तक की सामान्य चोरी के मामलों में ई-एफआईआर से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेगा। आम व्यक्ति को इससे आधार ई-साइन की सुविधा मिलेगी। आधार ई-साइन युक्त पावती की ऑनलाइन ई-मेल एवं एसएमएस के माध्यम से प्राप्ति की सुविधा मिलेगी। नागरिक पोर्टल के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति ई-एफआईआर की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रदेश में मध्यप्रदेश पुलिस मोबाइल एप की सुविधा भी प्रदान की गई है। इस एप द्वारा गुम दस्तावेज और मोबाइल गुम होने की सूचना की इलेक्ट्रॉनिक पावती, संकट के समय परिजनों एवं डॉयल-100 को एसएमएस भेजने की सुविधा, गुमशुदा व्यक्ति अथवा अज्ञात शव की जानकारी सर्च करने की सुविधा प्रदान की गई है।

महिला अपराध को नियंत्रित करने एवं महिलाओं को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश के सभी जिलों में महिला थानों की स्थापना की गई है। प्रदेश में कुल 1159 थानों के लिये डॉयल-100 की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अपराधों पर बेहतर नियंत्रण करने तथा आपातकाल में त्वरित सहायता देने के उद्देश्य से डॉयल-100 तथा सीसी टीव्ही सर्विलेंस व्यवस्था का विस्तारीकरण किया गया है।

प्रदेश में इस वर्ष पुलिस की रिक्तियों पर 4 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में पुलिस विभाग में अधोसंरचनात्मक आवास एवं कल्याण के लिये 380 करोड़ की राशि से निर्मित होने वाले नवीन प्रशासकीय भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे 34 शहरी थाने, 220 अर्द्ध-शहरी/ग्रामीण थाने एवं 199 नवीन पुलिस चौकियों का निर्माण कराये जाने का प्रावधान किया गया है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के आवास निर्माण और लोकार्पण का कार्य निरंतर जारी है।

यूपी: स्टाफ नर्स के 2400+ पदों पर भर्तियां, 20 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन

यूपी: स्टाफ नर्स के 2400+ पदों पर भर्तियां, 20 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन


नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्राणीण स्वास्थ्य मिशन (UPNRHM) के तहत राज्य में स्टाफ नर्स के 2400+ पदों पर भर्ती के लिए योग्य इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती कंट्रैक्ट बेस (संविदा) पर होगी। यूपी में स्टाफ नर्स की इस भर्ती से कुल 2445 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यूपीएनआरएचएम नर्स भर्ती 2021 के लिए, आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, आवेदन शुल्क व आयु सीमा की विस्तृत जानकारी भर्ती नोटिफिकेशन में पाई जा सकेगी। इस भर्ती के सबंध में अभी शॉर्ट नोटिस जारी किया गया है। यूपी स्टाफ नर्स भर्ती 2021 के शॉर्ट नोटिस के अनुसार, स्टाफ नर्स के 2445 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और अभ्यर्थी 09 नवंबर 2021 को रात 11:59 तक आवेदन कर सकेंगे।  उम्मीद है कि स्टाफ नर्स भर्ती का विस्तृत विज्ञापन 20 अक्टूबर को ही जारी कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह है कि नर्स भर्ती जुड़ अपडेट के लिए समय-समय पर livehindustan.com और  www.upnrhm.gov.in को विजिट करते रहें।

कृषि विभाग में मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना में 22 सदस्यों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति

   कृषि विभाग में मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना में 22 सदस्यों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति


भोपाल

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा 22 परिवारों के पात्र सदस्यों को गुरुवार 7 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर जन-प्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति-पत्र सौंपे गये। उक्त नियुक्तियाँ मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकम्पा नियुक्ति योजना अंतर्गत की गई हैं।

कलेक्टर कार्यालय इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, रीवा, सिवनी, झाबुआ, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम इत्यादि जिला मुख्यालयों पर जन-प्रतिनिधियों द्वारा शासन के नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। सागर संभाग में 5, जबलपुर में 4, उज्जैन में 3, भोपाल, इंदौर एवं ग्वालियर में 2-2 और शहडोल संभाग में एक अभ्यर्थी को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार कोविड संकट काल में कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान 22 विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के आकस्मिक निधन से उनके एक-एक परिजन को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सभी 22 अभ्यर्थियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। इनमें सामान्य वर्ग के 11, अन्य पिछड़ा वर्ग के 7 और अनुसूचित-जाति एवं जनजाति वर्ग के 2-2 अभ्यर्थियों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई। नौ आवेदकों को नियमित पदों के विरुद्ध, जबकि 13 आवेदकों को वित्त एवं सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति अनुसार सांख्येत्तर पदों के विरुद्ध अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है।

Wednesday, 6 October 2021

नवदुर्गा उत्सव में गरबा भी होगा और डीजे भी बजेगा, लेकिन दस बजे तक

 नवदुर्गा उत्सव में गरबा भी होगा और डीजे भी बजेगा, लेकिन दस बजे तक


Shivraj Cabinet Decisions: नवदुर्गा उत्सव में गरबा भी होगा और डीजे भी बजेगा, लेकिन दस बजे तक

Tuesday, 5 October 2021

19 जिलों के 3000 ग्रामों में होगा भू-अधिकार अभिलेख का वितरण:राजस्व मंत्री राजपूत

19 जिलों के 3000 ग्रामों में होगा भू-अधिकार अभिलेख का वितरण:राजस्व मंत्री राजपूत

 

भोपाल

राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 19 जिलों के 3000 ग्रामों में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख 71 हजार हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया जाएगा। बताया कि 6 अक्टूबर को जन-कल्याण और सुराज अभियान के तहत हरदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा भौतिक रूप से भूमि अधिकार पत्रों का वितरण होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

अधिकार-पत्रों का होगा भौतिक वितरण

मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 24 अप्रैल 21 को प्रदेश के 1399 ग्रामों में अधिकार अभिलेख का वितरण कोरोना महामारी के कारण इलेक्ट्रॉनिक रूप में किया गया था, जिसका 6 अक्टूबर को भौतिक रूप से वितरण किया जाएगा। प्रदेश में इस योजना का क्रियान्वयन तीन चरणों में 10-10 जिलों को शामिल कर क्रमबद्ध रूप से प्रारंभ किया गया हैं।

24 जिलों में 24 ड्रोन बना रहे नक्शे

राजपूत ने बताया कि स्वामित्व योजना में सर्वे ऑफ इंडिया की सहायता से ग्रामों में बसाहट क्षेत्र पर ड्रोन के माध्यम से नक्शें का निर्माण तथा डोर-टॅ-डोर सर्वे कर अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश के 42 जिलों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।24 ड्रोन 24 जिलों में कार्य रह रहे हैं इनमें से 6500 ग्रामों में ड्रोन कार्य पूर्ण कर चुके हैं।

नियमों का किया सरलीकरण

मंत्री राजपूत ने बताया कि हितग्राहियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ प्रदान करने के लिए सर्वे के नियमों का आज की आवश्यकता के अनुसार सरलीकरण किया गया है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को विधिक दस्तावेज का दर्जा, सर्वे को समय सीमा में पूर्ण करना, अभिलेखों को पारदर्शिता के साथ तैयार करना, सर्वे प्रक्रिया को ऑन लाइन करना और एप्प के माध्यम सर्वेक्षक मौके पर धारक का नाम जोड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और अन्य राज्यों ने इसे अपने यहाँ लागू करने के लिए प्रक्रिया का अवलोकन भी किया है।

बाढ़ राहत के रूप में 163.28 करोड़ की राशि वितरित

बाढ़ राहत के रूप में 163.28 करोड़ की राशि वितरित

 

भोपाल

ग्वालियर, चंबल एवं मुरैना संभाग में विगत अगस्त माह में अतिवृष्टि से आई बाढ़ के कारण पीड़ितों को उनकी क्षतिपूर्ति के रूप में 163.28 करोड़ की राहत राशि वितरित की गई। इसमें अकेले श्योपुर के प्रभावित 6 गाँवों में 4 करोड़ 34 लाख 19 हजार रुपये की राशि राहत प्रभावितों के खाते में अंतरित की गई।

श्योपुर के ग्राम बासोद, लोहाड़, धर्मपुरा, बिदाखेड़ली, विचगावड़ी और धानोद ग्राम में गंभीर प्रकार की क्षतिपूर्ति के लिये 71 लाख 11 हजार 400 रुपये, सामान्य क्षतिपूर्ति के रूप में एक करोड़ 23 लाख 30 हजार रुपये, आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 74 लाख 90 हजार 800 रुपये एवं पूर्ण क्षति वाले प्रकरणों में 2 करोड़ 20 लाख 76 हजार 500 रुपये पात्र लोगों को वितरित किये गये।

राहत राशि के रूप में बासोदा ग्राम में 709, लोहाड़ ग्राम में 763, धर्मपुरा गाँव में 247, बिदाखेड़ली में 247, विचगावड़ी में 540 और धानौद ग्राम में 163 प्रभावितों को क्षतिपूर्ति राशि वितरित की गई। श्योपुर जिले के इन 6 गाँव के 2669 हितग्राहियों को 4 करोड़ 34 लाख 19 हजार रुपये की राशि वितरित जा चुकी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के स्वाभिमान, सम्मान और अभिमान की परिचायक - मंत्री डॉ.यादव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के स्वाभिमान, सम्मान और अभिमान की परिचायक - मंत्री डॉ.यादव

 

भोपाल

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव सोमवार को उज्जैन के कालिदास अकादमी के पं.सूर्यनारायण संकुल सभागृह में प्रदेश में लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। मंत्री डॉ.यादव ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के स्वाभिमान, सम्मान और अभिमान की परिचायक है। हम शिक्षा को देश के अनुकूल बनाना चाह रहे हैं। शिक्षा प्राप्त करने के बाद व्यक्ति योग्य नागरिक बने तथा उसके सामने आजीविका का संकट खड़ा न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है। मंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आजादी के बाद दो बार हमारे देश में शिक्षा नीति लागू की गई, किन्तु दोनों ही बार इसके विपरीत परिणाम दिखाई दिये। अत: सन 2020 में देश में गहन विचार-विमर्श करके हमारी ऋषि परम्परा को प्रकट करने वाली शिक्षा नीति लागू की गई है। मंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सन 1835 में अंग्रेज सरकार के दौरान लॉर्ड मैकाले के नेतृत्व में हमारे देश में स्कूलों का पाठ्यक्रम तैयार किया गया था और हमारी प्राचीन शिक्षा नीति को बदलने का प्रयास किया गया, लेकिन वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पुन: हमारी संस्कृति से जुड़ी शिक्षा नीति लाने का प्रयास किया गया है। कई सुझाव और लम्बे चिन्तन के बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई है। मध्यप्रदेश का मॉडल पूरे देश के लिये प्रेरणा बनेगा।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ.सत्यनारायण जटिया ने कहा कि शिक्षक जब शिक्षा देता है तो उनका भी प्रशिक्षण होता है। क्या, क्यों और कैसे का समाधान है शिक्षा में। वर्तमान में इनोवेटिव शिक्षा को लागू करने की आवश्यकता थी। इसी को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति लागू की गई। सामाजिक न्याय के लिये शिक्षा बहुत जरूरी है। भारत युवाओं का देश है। बहुआयामी प्रतिभाओं का विकास करना बेहद जरूरी है। नई शिक्षा नीति निश्चित रूप से नये भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति की पहली कार्यशाला उज्जैन में हो रही है। यह नीति अत्यन्त सार्थक सिद्ध होगी। हमारे देश की प्राचीन शिक्षा पद्धति पूरे विश्व में प्रख्यात है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति लागू की गई है। निश्चित रूप से नई शिक्षा नीति एक नये भारत का निर्माण करेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई इबारत लिखी जायेगी।

प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा अनुपम राजन कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति जब 2020 में लागू की गई, तब कोविड चरम पर था। मध्यप्रदेश उन अग्रणीराज्यों में है, जिन्होंने शिक्षा नीति अपने यहां लागू की है। विगत 26 अगस्त को मध्य प्रदेश में नई शिक्षा नीति को हमने अंगीकार किया। प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय में हैल्पडेस्क का गठन किया गया है, जो विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति से अवगत करा रहे हैं तथा उनकी शंकाओं का समाधान कर रहे हैं। पूरे सिलेबस को रि-डिजाईन किया गया है। विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कोर्सेस भी पढ़ाये जायेंगे। समय-समय पर दूसरे संभागों और जिलों में भी इस तरह की कार्यशाला आयोजित की जायेगी।

Monday, 4 October 2021

विवेक सागर ने ज्वाइन किया DSP पद, सीएम ने दी बधाई

विवेक सागर ने ज्वाइन किया DSP पद, सीएम ने दी बधाई

 


भोपाल
 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  के वादे और गृह विभाग के जारी आदेश के बाद आज 3 अक्टूबर 2021 को टोक्यो ओलिंपिक  में भारत को हॉकी में ब्रॉन्ज मेडल दिलवाने वाले एमपी के विवेक सागर  ने DSP पद जॉइन कर लिया है। विवेक सागर ने खाकी पर्दी में पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) पहुंचकर जॉइनिंग दी।

इस मौके पर भोपाल डीआईजी इरशाद वली, भोपाल आरआई सहित तमाम पुलिस अधिकारियों ने विवेक की डीएसपी पद पर जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करवाई।फिलहाल विवेक को एक स्टार लगाया गया है और परिवीक्षा अवधि पूरी होने के 2 साल बाद विवेक सागर को दो स्टार और मिलेंगे।वही आज रविवार को जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्डकप की तैयारी के लिए विवेक बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने ट्वीट कर लिखा है कि ओलम्पियन और मध्य प्रदेश पुलिस के नये DSP विवेक सागर (Vivek Sagar) जी आपको वर्दी में देखना सुखद है। मुझे विश्वास है कि आप खेल के साथ-साथ अपने कार्यों व जिम्मेदारियों से भी युवाओं को जीवन में सदैव सर्वश्रेष्ठ करने की प्रेरणा देते रहेंगे। आप आगे बढ़ते रहें, आनंदित रहें, शुभकामनाएं!


दरअसल, टोक्यों ओलंपिक में शानदार जीत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी इटारसी के विवेक सागर प्रसाद को डीएसपी पद और 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी।इस वादे को पूरा करते हुए सितंबर में मप्र सरकार के गृह विभाग (Home Department) ने विवेक सागर को डीएसपी बनाने का आदेश जारी किया था।दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया के बाद शनिवार को विवेक सागर पीएचक्यू में डीएसपी का कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे।

बता दे कि विवेक सागर वर्ष 2018 में फोर नेशंस टूर्नामेंट, कॉमनवेल्थ गेम्स, चैम्पियंस ट्राफी, यूथ ओलंपिक, न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज, एशियन गेम्स और साल 2019 में अजलान शाह हॉकी टूर्नामेंट, ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज और फाइनल सीरीज, भुवनेश्वर जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम में शामिल रहे।वही एशियाड 2018 में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाली भारतीय टीम में शामिल मिडफिल्डर हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर 62 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वही साल 2018 में मध्यप्रदेश शासन ने एकलव्य अवार्ड से सम्मानित भी किया था।

पचमढ़ी में मैराथन का तृतीय संस्करण आयोजित, प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत

पचमढ़ी में मैराथन का तृतीय संस्करण आयोजित, प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत

 


भोपाल
प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन पचमढ़ी के नैसर्गिक सौन्दर्य और प्राकृतिक वातावरण से पर्यटकों को रू-ब-रू कराने तथा पर्यटन के लिए अधिक से अधिक सैलानियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा "पचमढ़ी मैराथन'' का तृतीय संस्करण आयोजित किया गया। राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक एस. विश्वनाथन ने कहा कि मैराथन के आयोजन से प्रदेश में स्वास्थ्य पर्यटन (वेलनेस टूरिज्म) एवं एक्टिव हॉलीडेज कांसेप्ट को बढ़ावा देने का एक सार्थक प्रयास किया जा रहा है। पचमढ़ी प्रदेश का नंबर वन टूरिज्म स्पॉट है। यहाँ साल भर सभी मौसम चाहे सर्दी हो या बरसात, देश के कोने-कोने से सैलानी आते हैं और प्राकृतिक सुंदरता का लुत्फ उठाते हैं। विश्वनाथन ने कहा कि पचमढ़ी में प्रोफेशनल मैराथन आयोजित किए जाने की कार्य-योजना तैयार की जा रही है।  उन्होंने पचमढ़ी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।  

तीन श्रेणियों में आयोजित हुई मैराथन, विजेताओं को फ्री स्टे वाउचर

मैराथन को तीन श्रेणियों 5 कि.मी., 10 कि.मी. और 21 कि.मी. में आयोजित किया गया। इन श्रेणियों को फैमिली फन रन,‘एंड्योरेंस रन और धूपगढ़ पहाड़ी रन नाम दिया गया। टूरिज्म बोर्ड ने मैराथन में भाग लेने वाले सभी धावकों को टी-शर्ट, आरएफआईडी टाइमिंग चिप, रूट सपोर्ट, फिनिशर्स मेडल और ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए। साथ ही प्रतियोगिता के शीर्ष तीन धावकों को अतिथियों ने ट्रॉफी और दो रात्रि और तीन दिवस के फ्री स्टे वाउचर प्रदान किये गए।

मैराथन के पहले संस्करण की अपार सफलता से प्रतिवर्ष मैराथन का सिलसिला शुरू

मैराथन का पहला संस्करण वर्ष 2018 में 22 जुलाई को आयोजित किया गया था, जिसमें लगभग 800 पर्यटकों ने भाग लिया। प्रथम संस्करण की अपार सफलता के बाद इस मैराथन को मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा एक वार्षिक कार्यक्रम के रूप में प्रतिवर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसका दूसरा संस्करण वर्ष 2019 में 21 जुलाई को आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 800 -1000 पर्यटकों ने हिस्सा लिया। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत वर्ष 2020 में इस मैराथन आयोजन नहीं हो सका था।

कोविड प्रोटोकॉल के तहत आयोजित हुई मैराथन

मैराथन में कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए समस्त बचाव और सुरक्षा निर्देशों का पालन कर सीमित प्रतिभागियों के साथ आयोजित की गयी। भाग लेने वाले सभी पर्यटकों को पूर्ण रूप से कोविड वैक्सीनेटेड  होना और कोविड टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य था।

इस अवसर पर कमांडेंट एईएस सेंटर पचमढ़ी ब्रिगेडियर गिरीश गर्ग, कलेक्टर होशंगाबाद नीरज कुमार सिंह, फील्ड डायरेक्टर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व एल. कृष्णमूर्ति सहित पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

Saturday, 2 October 2021

बाइक राइडर अभिमन्यु सिंह ने शुरू की भारत भ्रमण यात्रा, पूरे भारत में 5100 पेड़ लगायेंगे




इसे जुनून नहीं तो और क्या कहेंगे जहाँ कोरोना के चलते लोग घर से बाहर निकलने से डरते है वहीँ एक नौजवान जिसे न गर्मी की चिंता है न बारिश के मौसम की, उसके सिर तो बस यही जुनून सवार है कि वह मोटर साइकिल से पूरे भारत का भ्रमण कर पर्यावरण बचाव का सन्देश दे | हम बात कर रहे हैं भोपाल के बाइक राइडर अभिमन्यु सिंह की जो भारत भ्रमण कर पौधारोपण की शुरुआत कर रहे है | इसी क्रम में सीएम हाउस में एक पौधा लगाकर अपने सफ़र शुरुआत की और अगले 100 दिन तक पूरे भारत में 51 सौ पौधा रोपण करेंगे |उत्तम प्रदेश के संपादक श्री अतुल दुबे जी को उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से सम्पूर्ण विश्व जूझ रहा है जिससे बचने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे | इसी मुहीम को पूरे देश तक फैलाना चाहते है |

Friday, 1 October 2021

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन - शहरी और अटल मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत की




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी’ और ‘कायाकल्प एवं शहरी सुधार के लिए अटल मिशन’ के दूसरे चरण की शुक्रवार को शुरुआत की।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री की दृष्टि के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन 2.0 और ‘अमरुत 2.0’ को सभी शहरों को कचरा मुक्त करने और जल संरक्षण के लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए तैयार किया गया है। यहां आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रमुख मिशन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और अटल मिशन भारत में तेजी से शहरीकरण की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने का संकेत देने के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्य 2030 की उपलब्धि में योगदान करने में भी मददगार होंगे। स्वच्छ भारत मिशन सभी शहरों को 'कचरा मुक्त' बनाने और अटल मिशन के अंतर्गत आने वाले शहरों के अलावा अन्य सभी शहरों में धूसर और काले पानी के प्रबंधन को सुनिश्चित करने, सभी शहरी स्थानीय निकायों को खुले में शौच से मुक्त बनाने की परिकल्पना करता है, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता के लक्ष्‍य को पूरा किया जा सके।प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, अटल मिशन के दूसरे चरण का लक्ष्य लगभग 2.64 करोड़ सीवर कनेक्शन प्रदान करके लगभग 2.68 करोड़ नल कनेक्शन और 500 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज का शत-प्रतिशत कवरेज करते हुए लगभग 4,700 शहरी स्थानीय निकायों में सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति का शत-प्रतिशत कवरेज प्रदान करना है। मुताबिक इससे शहरी क्षेत्रों में 10.5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।इस अवसर पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्री भी मौजूद थे।

सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण की प्रवेश प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक संचालित होगी

सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण की प्रवेश प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक संचालित होगी

 


भोपाल

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मध्यप्रदेश के शासकीय/अनुदान प्राप्त अशासकीय/निजी अशासकीय महाविद्यालयों के स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए प्रवेश नियम, मार्गदर्शी सिद्धांत, अकादमिक कैलेण्डर एवं ऑनलाइन प्रवेश समय-सारणी जारी की गई है।

ऑनलाइन ई-प्रवेश प्रक्रिया 2021-22 के तहत सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण की प्रवेश प्रक्रिया एक से 10 अक्टूबर, 2021 तक संचालित रहेंगी। नवीन आवेदकों के लिये एक से 8 अक्टूबर, 2021 तक ऑनलाइन पंजीयन एवं सत्यापन की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीकृत एवं सत्यापित आवेदक महाविद्यालय में स्वयं उपस्थित होकर निर्धारित तिथियों में रिक्त सीटों के लिये प्रात: 10 से 12 बजे तक आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन के साथ कोई भी दस्तावेज संलग्न नहीं होगा।

विद्यार्थियों को सी.एल.सी. अतिरिक्त चरण के लिये आवेदन का प्रारूप एम.पी. ऑनलाइन के epravesh.mponling.gov.in पोर्टल पर उपलब्ध है। प्रत्येक महाविद्यालय आवेदन-पत्र का प्रारूप आवेदकों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। महाविद्यालय प्रतिदिन अपरान्ह एक बजे मेरिट लिस्ट तैयार कर नोटिस-बोर्ड पर चस्पा करेंगे और ऑनलाइन शुल्क भुगतान के लिये लिंक इनिशिएट करेंगे। प्रवेश शुल्क का ऑनलाइन भुगतान अपरान्ह एक बजे से दूसरे दिन प्रात: 11 बजे तक रहेगा। गाँधी जयंती 2 अक्टूबर को छोड़कर शेष अवकाश दिवसों में प्रवेश प्रक्रिया संचालित रहेगी।

प्रदेश में कक्षा पहली से पांचवी तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक अक्टूबर से

प्रदेश में कक्षा पहली से पांचवी तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक अक्टूबर से


भोपाल

प्रदेश में कक्षा पहली से पांचवी तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए "बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (Foundation Literacy & Numeracy)" विषय ऑनलाइन कोर्स श्रृंखला एक अक्टूबर से शुरू की गई है। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशन में एनसीईआरटी ने शिक्षकों के लिए 12 डिजिटल प्रशिक्षण कोर्स तैयार किए हैं। यह सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के दीक्षा एप पर उपलब्ध कराए गए हैं। संबंधित कक्षाओं का अध्यापन कराने वाले शिक्षक अपनी सुविधानुसार समय पर अपने मोबाइल के माध्यम से ही इन कोर्स को पूर्ण कर सकेंगे। कोर्स पूर्ण करने पर शिक्षकों को इस प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र भी प्राप्त होगा।

धनराजू ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, कक्षा तीसरी तक के सभी बच्चों में 'बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान' को वर्ष 2026-27 तक सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। बच्चों के प्रारंभिक वर्ष उनके जीवन में वृद्धि और विकास के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष होते हैं। यह वह समय होता है जब उनके समग्र विकास और सीखने की नींव रखी जाती है। जो बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करते हैं वे सामाजिक, शैक्षिक और बौद्धिक क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। प्रारंभिक वर्षों में मजबूत नींव तैयार करने का बच्चों के विकास पर स्थाई प्रभाव पड़ता है। इस दृष्टि से कक्षा पहली से पाँचवी तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 5 का अध्यापन कराने वाले सभी एक लाख  सत्ततर हज़ार छः सौ पचपन शिक्षकों से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूर्ण करने का आग्रह भी किया है।

Wednesday, 29 September 2021

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय महिला हॉकी टीम के सम्मान में दिया दोपहर भोज

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय महिला हॉकी टीम के सम्मान में दिया दोपहर भोज

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत की महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलम्पिक में खेल का बढ़िया प्रदर्शन किया है। इन बेटियों ने देश के लोगों का दिल जीत लिया। देश के दिल मध्यप्रदेश में इन्हें सम्मानित कर हम अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। अगले ओलम्पिक में ये बेटियाँ जरूर गोल्ड मेडल जीत कर आएँगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज दोपहर अपने निवास पर भारतीय महिला हॉकी टीम के सम्मान में उनकी तरफ से दिए गए दोपहर भोज के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ओलम्पिक में भारत की महिला हॉकी टीम की सदस्यों ने बहादुरी और कौशल के साथ खेल प्रदर्शन किया। इससे अगली प्रतियोगिताओं में भारतीय महिला हॉकी टीम के और भी अच्छे परफार्मेंस की आशाएँ बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने टीम की प्रत्येक सदस्य को सांची के स्तूप की प्रतिकृति स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय टीम के कोच श्री तुषार खाण्डेकर को भी स्मृति चिन्ह भेंट किया।

खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, भारतीय ओलम्पिक संघ एवं एफ.आई.एच के अध्यक्ष डॉ. नरिंदर ध्रुव बत्रा, प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री गुलशन बामरा, संचालक खेल श्री रवि गुप्ता, संचालक जनसंपर्क श्री आशुतोष प्रताप सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।

भारतीय महिला हॉकी टीम

भारतीय महिला हॉकी टीम में सुश्री रानी रामपाल कप्तान, सविता उप कप्तान, दीप ग्रस एक्का उप कप्तान, वंदना कटारिया, पी. सुशीला चानू, नवजोत कौर, नमिता टोप्पो, मोनिका, निक्की प्रधान, गुरजीत कौर, ई. रजनी, नवनीत कौर, नेहा, लालरेमसियामी, रीना खोखर, उदिता, सलीमा टेटे, शर्मिला देवी और निशा शामिल हैं। इन खिलाड़ियों में वंदना कटारिया और ई. रजनी मध्यप्रदेश राज्य महिला अकादमी के एसोसिएट मेम्बर रही हैं। इन दोनों ने राष्ट्रीय स्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया है। रीना खोखर, मोनिका और पी. सुशीला चानू मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी से ट्रेनिंग ले चुकी हैं।

Monday, 27 September 2021

विष अधिनियम का पालन नहीं करने पर कड़ी सजा का प्रावधान

   विष अधिनियम का पालन नहीं करने पर कड़ी सजा का प्रावधान


भोपाल
अवैध और विषैली शराब निर्माण तथा अन्य प्रयोजनों में मेथानॉल और अन्य विषैले रसायन के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिये राज्य शासन द्वारा अनेक ठोस एवं सख्त कदम उठाए गए हैं। गृह विभाग ने विष अधिनियम-1919 (केन्द्रीय कानून) और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचित विष नियम-2014 का सख्ती से पालन कराने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक को जारी किए है। अब नियमों में अधिसूचित सभी प्रकार के विष पदार्थों के विक्रय के लिये जिला कलेक्टर से अनुज्ञप्ति प्राप्त करना बंधनकारी होगा। नियमों के उल्लंघन पर एक वर्ष की सजा होगी।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि जिला कलेक्टर द्वारा जारी अनुज्ञप्ति में विषैले पदार्थों के विक्रय स्थल, उनके भण्डारण की अधिकतम मात्रा, सुरक्षा उपाय, किनको विक्रय किया जा रहा है, विषैले पदार्थो के भण्डारण करने की विधि, स्टॉक पंजी, विक्रय पंजी के संधारण की अनिवार्यता, विष को लेबल करने और परिवहन के समय किए जाने वाले उपाय का उल्लेख होगा। अनुज्ञप्ति की शर्तों का पालन करना वैधानिक रूप से अनिवार्य रहेगा।

अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजौरा ने बताया कि जिला कलेक्टर परिसरों की जाँच के लिए सर्च वाँरन्ट जारी कर सकेंगे। ए.एस.आई और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी स्टॉक और विक्रय पंजी की जाँच कर सकेंगे। विष अधिनियम या विष नियम का पालन नहीं करने पर एक वर्ष की सजा का प्रावधान है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विगत दिनों अवैध शराब निर्माण में औद्योगिक और अन्य प्रयोजनों में इस्तेमाल होने वाले मेथानॉल और अन्य विषैले रसायन आदि का उपयोग होने से शराब विषैली हो गयी थी और जन हानि हुई थी। मुरैना, उज्जैन और मंदसौर में जहरीली शराब में मेथानॉल की मात्रा पायी गयी थी। इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य शासन द्वारा अनेक ठोस कदम उठाये गये हैं।

दतिया को सँवारने में सभी की सहभागिता जरूरी - गृह मंत्री डॉ. मिश्रा

दतिया को सँवारने में सभी की सहभागिता जरूरी - गृह मंत्री डॉ. मिश्रा

 

दतिया
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने "आओ सँवारे दतिया'' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी दतिया वासियों से सहभागिता करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि शहर को इंदौर की तरह साफ और स्वच्छ बनाने के लिये सभी का सहयोग जरूरी है। डॉ. मिश्रा ने खेड़ापति मंदिर के पास 80 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने कुशवाह समाज के सम्मान समारोह में वरिष्ठजनों और प्रतिभावान बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया।

गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने "आओ सँवारे दतिया'' कार्यक्रम में कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह साफ-सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखे। हम सभी अपने घर और आँगन की स्वच्छता का ध्यान रखेंगे, तो शहर को इंदौर जैसा स्वच्छ शहर बनाने से कोई नहीं रोक सकेगा। डॉ. मिश्रा ने दतिया में दुकानदारों को डस्टबिन भी प्रदाय किये।

80 लाख रुपये से दोनों ओर बनेंगे पेवर ब्लॉक
मंत्री डॉ. मिश्रा ने खेड़ापति हनुमान मंदिर दतिया में लाला के ताल से हाईवे मार्ग तक एवं दतिया-राजगढ़ मार्ग एवं बड़ा बाजार में दोनों ओर पेवर ब्लॉक के 80 लाख रुपये के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि लाला का ताल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। पेवर ब्लॉक लग जाने से आवागमन में सुविधा होगी।

कुशवाह समाज के सम्मान समारोह में हुए शामिल
मंत्री डॉ. मिश्रा ने कुशवाह समाज के सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने वरिष्ठजनों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया। समारोह में भारत सिंह कुशवाह राज्य मंत्री नर्मदा घाटी विकास, उद्यानिक एवं खाद्य प्र-संस्करण (स्वतंत्र प्रभार) ललितपुर विधायक रामरतन कुशवाह और अन्य वरिष्ठजन उपस्थित रहे।