उत्तम प्रदेश समाचार : भोपाल

Breaking
Loading...
Menu

Saturday, 11 December 2021

बच्चों के बीच पैर पसारता वायरस, नाइजीरिया से लौटे बच्चों में ओमिक्रॉन पॉजिटिव होने का डर, इंदौर में बीते 10 दिन में 9 बच्चे संक्रमित


दुनिया अभी डेल्टा जैसे कोरोना वायरस से लड़ ही रही थी कि दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुए इस ओमिक्रॉन नाम के संकट ने पूरी दुनिया को नई मुसीबत में फंसा दिया है.  कैसे ताजा हालात से निपटा जाए. कोशिश है कि कोरोना के नए रूप की देश में एंट्री ना होने पाए. वहीँ अफ्रीकी देश नाइजीरिया से लौटे भाई-बहन के ओमिक्रॉन पॉजिटिव होने का डर बना है | इंदौर में 10 दिन में 9 बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। सभी एसिम्प्टोमैटिक हैं और 3 को ठीक होने पर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया। इससे कुछ राहत मिली थी, लेकिन नाइजीरिया से लौटे 8 और 14 साल के भाई-बहन के संक्रमित मिलने पर डर बढ़ गया है। नाइजीरिया अफ्रीकन कंट्री है जो कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की हाई रिस्क कंट्री में शामिल है। यहां कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन फैल चुका है। संक्रमित मिले दोनों भाई-बहन में ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए सैम्पल टेस्ट के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल, दिल्ली भेजे गए हैं। 15 दिन में रिपोर्ट आ जाती है, लेकिन इन दिनों रिपोर्ट आने में देरी हो रही है।

इंदौर में संक्रमित मिले 9 में 7 बच्चों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री सामने आई है। सातों के पहले पेरेंट्स संक्रमित आए, इसके बाद टेस्ट में बच्चे भी पॉजिटिव मिले। जबकि, दोनों भाई-बहन की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री का पता नहीं चल सका है। भाई-बहन मां के साथ पिता से मिलने नाइजीरिया गए थे। मां की रिपोर्ट निगेटिव आई है।मेडिकल एक्सपर्ट भी मानते हैं कि अभी बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में खुद बच्चों, उनके परिजन और स्कूल मैनेजमेंट को कड़ी एहतियात बरतनी होगी। बच्चों को लेकर अब चिंता इसलिए भी हो गई है, क्योंकि अब स्कूल 50 फीसदी क्षमता के साथ शुरू हो चुके हैं। इंदौर में कुछ स्कूल्स के बारे में शिकायतें मिली थी कि वे इससे ज्यादा क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। इस बीच 6 दिसम्बर को कलेक्टर मनीष सिंह ने इसके लिए सभी एसडीएम की जवाबदेही तय की और निर्देश दिए कि जिन भी स्कूलों में 50 फीसदी आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। हालांकि इस बीच संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़ते देख स्कूल भी सचेत हो गए तो कई पेरेंट्स ने छोटे बच्चों की फिर से ऑनलाइन क्लासेस शुरू कर दी।

Thursday, 11 November 2021

उत्साह व उल्लास से मनाया छठ महापर्व





श्री माता पिता गुरु मार्गदर्शन शिक्षा व बहुउद्देशीय संस्था भोपाल  छठ पर्व के शुभ अवसर पर अध्यक्ष कृष्णा मिश्रा एवं जिला अध्यक्ष सीमा भारती जी पूजा विश्वकर्मा काजल विश्वकर्मा सूरज राठौर राजू राठौर राजीव नेताजी विकास द्विवेदी धीरज पांडे नीरज पांडे अंगद विश्वकर्मा एवं सस्थां के सभी सदस्य द्वारा अरेरा हिल्स स्थित भीम नगर छठ पूजा में माता बहनों को नि:शुल्क अरघ दान किया गया एवं अध्यक्ष जी ने क्षेत्र के सभी लोगों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी |

एएसजी हॉस्पिटल, लायंस क्लब और अमेरिकन ऑप्टिकल द्वारा निशुल्क नेत्र शिविर लगाया गया

 


E4 सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में 10 नवम्बर को एएस जी हॉस्पिटल, लायंस क्लब और अमेरिकन ऑप्टिकल की ओर से  निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।  आयोजन लायंस क्लब द्वारा लगाया गया जिसमें एसजी आई अस्पताल की टीम निशुल्क आंखों की जांच करके सेवा दी एवं अमेरिकन ऑप्टिकल एमपी नगर द्वारा निशुल्क चश्मों का वितरण किया गया |

Friday, 15 October 2021

बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा



विजय दशमी या विजयादशमी अथवा दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय त्योहार है। रामलीला में जगह-जगह रावण वध का प्रदर्शन होता है। क्षत्रियों के यहां शस्त्रों की पूजा होती है। ब्रज के मंदिरों में इस दिन विशेष दर्शन होते हैं। इस दिन नीलकंठ का दर्शन बहुत शुभ माना जाता है। यह त्योहार क्षत्रियों का माना जाता है। इसमें अपराजिता देवी की पूजा होती है। यह पूजन भी सर्वसुख देने वाला है। दशहरा या विजया दशमी नवरात्रि के बाद दसवें दिन मनाया जाता है। इस दिन राम ने रावण का वध किया था। रावण राम की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले गया था। भगवान राम युद्ध की देवी मां दुर्गा के भक्त थे, उन्होंने युद्ध के दौरान पहले नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की और दसवें दिन दुष्ट रावण का वध किया। इसके बाद राम ने भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान और बंदरों की सेना के साथ एक बड़ा युद्ध लड़कर सीता को छुड़ाया। इसलिए विजयादशमी एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दिन है। इस दिन रावण, उसके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के पुतले खुली जगह में जलाए जाते हैं। कलाकार राम, सीता और लक्ष्मण के रूप धारण करते हैं और आग के तीर से इन पुतलों को मारते हैं जो पटाखों से भरे होते हैं। पुतले में आग लगते ही वह धू-धू कर जलने लगता है और इनमें लगे पटाखे फटने लगते हैं और जिससे इनका अंत हो जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है…

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति

दशहरा उत्सव की उत्पत्ति के विषय में कई कल्पनाएं की गई हैं। भारत के कतिपय भागों में नए अन्नों की हवि देने, द्वार पर धान की हरी एवं अनपकी बालियों को टांगने तथा गेहूं आदि को कानों, मस्तक या पगड़ी पर रखने के कृत्य होते हैं। अतः कुछ लोगों का मत है कि यह कृषि का उत्सव है। कुछ लोगों के मत से यह रणयात्रा का द्योतक है क्योंकि दशहरा के समय वर्षा समाप्त हो जाती है, नदियों की बाढ़ थम जाती है, धान आदि कोष्ठागार में रखे जाने वाले हो जाते हैं।

संभवतः यह उत्सव इसी दूसरे मत से संबंधित है। भारत के अतिरिक्त अन्य देशों में भी राजाओं के युद्ध प्रयाण के लिए यही ऋतु निश्चित थी। शमी पूजा भी प्राचीन है। वैदिक यज्ञों के लिए शमी वृक्ष में उगे अश्वत्थ (पीपल) की दो टहनियों (अरणियों) से अग्नि उत्पन्न की जाती थी। अग्नि शक्ति एवं साहस की द्योतक है, शमी की लकड़ी के कुंदे अग्नि उत्पत्ति में सहायक होते हैं, जहां अग्नि एवं शमी की पवित्रता एवं उपयोगिता की ओर मंत्रसिक्त संकेत हैं। इस उत्सव का संबंध नवरात्र से भी है क्योंकि इसमें महिषासुर के विरोध में देवी के साहसपूर्ण कृत्यों का भी उल्लेख होता है और नवरात्र के उपरांत ही यह उत्सव होता है।

रामलीला

दशहरा उत्सव में रामलीला भी महत्त्वपूर्ण है। रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण के जीवन के वृत्तांत का वर्णन किया जाता है। रामलीला नाटक का मंचन देश के विभिन्न क्षेत्रों में होता है। यह देश में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। बंगाल और मध्य भारत के अलावा दशहरा पर्व देश के अन्य राज्यों में क्षेत्रीय विषमता के बावजूद एक समान उत्साह और शौक से मनाया जाता है। उत्तरी भारत में रामलीला के उत्सव दस दिनों तक चलते रहते हैं और आश्विन माह की दशमी को समाप्त होते हैं, जिस दिन रावण एवं उसके साथियों की आकृति जलाई जाती है। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर और भी कई प्रकार के कृत्य होते हैं, यथा हथियारों की पूजा, दशहरा या विजयादशमी से संबंधित वृत्तियों के औजारों या यंत्रों की पूजा।

पौराणिक मान्यताएं

इस अवसर पर कहीं-कहीं भैंसे या बकरे की बलि दी जाती है। भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व देशी राज्यों में, यथा बड़ोदा, मैसूर आदि रियासतों में विजयादशमी के अवसर पर दरबार लगते थे और हौदों से युक्त हाथी दौड़ते तथा उछलकूद करते हुए घोड़ों की सवारियां राजधानी की सड़कों पर निकलती थीं और जुलूस निकाला जाता था। प्राचीन एवं मध्य काल में घोड़ों, हाथियों, सैनिकों एवं स्वयं का नीराजन उत्सव राजा लोग करते थे।

वनस्पति पूजन

विजयदशमी पर दो विशेष प्रकार की वनस्पतियों के पूजन का महत्त्व है। एक है शमी वृक्ष, जिसका पूजन रावण दहन के बाद करके इसकी पत्तियों को स्वर्ण पत्तियों के रूप में एक-दूसरे को ससम्मान प्रदान किया जाता है। इस परंपरा में विजय उल्लास पर्व की कामना के साथ समृद्धि की कामना करते हैं। दूसरा है अपराजिता। यह पौधा अपने नाम के अनुरूप ही है। यह विष्णु को प्रिय है और प्रत्येक परिस्थिति में सहायक बनकर विजय प्रदान करने वाला है। नीले रंग के पुष्प का यह पौधा भारत में सुलभता से उपलब्ध है। घरों में समृद्धि के लिए तुलसी की भांति इसकी नियमित सेवा की जाती है। मेला दशहरा पर्व को मनाने के लिए जगह-जगह बड़े मेलों का आयोजन किया जाता है। यहां लोग अपने परिवार, दोस्तों के साथ आते हैं और खुले आसमान के नीचे मेले का पूरा आनंद लेते हैं। मेले में तरह-तरह की वस्तुएं, चूडि़यों से लेकर खिलौने और कपड़े बेचे जाते हैं। इसके साथ ही मेले में व्यंजनों की भी भरमार रहती है।

Saturday, 9 October 2021

घर बैठे सिटीजन पोर्टल पर दर्ज करायें ई-एफआईआर - मुख्यमंत्री चौहान

घर बैठे सिटीजन पोर्टल पर दर्ज करायें ई-एफआईआर - मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल

मध्यप्रदेश में आमजन अब घर बैठे सिटीजन पोर्टल पर ई-एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन-कल्याण और सुराज के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह में सिटीजन पोर्टल का लोकार्पण करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराये जाने के लिये नित-नये प्रयास किये जा रहे हैं। नवाचारों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सुशासन की स्थापना कर आमजन का जीवन सहज और सुगम बनाने के लिये समन्वित प्रयास जारी हैं।

सिटीजन पोर्टल द्वारा आम नागरिकों को ई-एफआईआर के रूप में एफआईआर दर्ज करने की वैकल्पिक सुविधा प्रदान की गई है। इससे नागरिक ऑनलाइन संबंधित थाने को घटना के संबंध में ई-एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। नागरिकों द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट अथवा सिटीजन पोर्टल https://citizen.mppolice.gov.in पर स्वयं का पंजीयन कर पंजीकृत आईडी से लॉगिन करके ही ई-एफआईआर दर्ज की जा सकती है। उक्त ई-एफआईआर आवेदन पर एफआईआर दर्ज होने के उपरांत आवेदक को अपनी एफआईआर के विभिन्न चरणों की अद्यतन स्थिति एसएमएस एवं ई-मेल के माध्यम से प्राप्त होती रहेगी। सिटीजन पोर्टल प्रारंभ हो जाने से पीड़ित व्यक्ति 15 लाख तक की वाहन चोरी या एक लाख तक की सामान्य चोरी के मामलों में ई-एफआईआर से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेगा। आम व्यक्ति को इससे आधार ई-साइन की सुविधा मिलेगी। आधार ई-साइन युक्त पावती की ऑनलाइन ई-मेल एवं एसएमएस के माध्यम से प्राप्ति की सुविधा मिलेगी। नागरिक पोर्टल के माध्यम से पीड़ित व्यक्ति ई-एफआईआर की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रदेश में मध्यप्रदेश पुलिस मोबाइल एप की सुविधा भी प्रदान की गई है। इस एप द्वारा गुम दस्तावेज और मोबाइल गुम होने की सूचना की इलेक्ट्रॉनिक पावती, संकट के समय परिजनों एवं डॉयल-100 को एसएमएस भेजने की सुविधा, गुमशुदा व्यक्ति अथवा अज्ञात शव की जानकारी सर्च करने की सुविधा प्रदान की गई है।

महिला अपराध को नियंत्रित करने एवं महिलाओं को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश के सभी जिलों में महिला थानों की स्थापना की गई है। प्रदेश में कुल 1159 थानों के लिये डॉयल-100 की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अपराधों पर बेहतर नियंत्रण करने तथा आपातकाल में त्वरित सहायता देने के उद्देश्य से डॉयल-100 तथा सीसी टीव्ही सर्विलेंस व्यवस्था का विस्तारीकरण किया गया है।

प्रदेश में इस वर्ष पुलिस की रिक्तियों पर 4 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 में पुलिस विभाग में अधोसंरचनात्मक आवास एवं कल्याण के लिये 380 करोड़ की राशि से निर्मित होने वाले नवीन प्रशासकीय भवनों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे 34 शहरी थाने, 220 अर्द्ध-शहरी/ग्रामीण थाने एवं 199 नवीन पुलिस चौकियों का निर्माण कराये जाने का प्रावधान किया गया है। पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के आवास निर्माण और लोकार्पण का कार्य निरंतर जारी है।

यूपी: स्टाफ नर्स के 2400+ पदों पर भर्तियां, 20 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन

यूपी: स्टाफ नर्स के 2400+ पदों पर भर्तियां, 20 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन


नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्राणीण स्वास्थ्य मिशन (UPNRHM) के तहत राज्य में स्टाफ नर्स के 2400+ पदों पर भर्ती के लिए योग्य इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती कंट्रैक्ट बेस (संविदा) पर होगी। यूपी में स्टाफ नर्स की इस भर्ती से कुल 2445 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यूपीएनआरएचएम नर्स भर्ती 2021 के लिए, आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, आवेदन शुल्क व आयु सीमा की विस्तृत जानकारी भर्ती नोटिफिकेशन में पाई जा सकेगी। इस भर्ती के सबंध में अभी शॉर्ट नोटिस जारी किया गया है। यूपी स्टाफ नर्स भर्ती 2021 के शॉर्ट नोटिस के अनुसार, स्टाफ नर्स के 2445 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 अक्टूबर 2021 से शुरू होगी और अभ्यर्थी 09 नवंबर 2021 को रात 11:59 तक आवेदन कर सकेंगे।  उम्मीद है कि स्टाफ नर्स भर्ती का विस्तृत विज्ञापन 20 अक्टूबर को ही जारी कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह है कि नर्स भर्ती जुड़ अपडेट के लिए समय-समय पर livehindustan.com और  www.upnrhm.gov.in को विजिट करते रहें।

कृषि विभाग में मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना में 22 सदस्यों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति

   कृषि विभाग में मुख्यमंत्री कोविड-19 योजना में 22 सदस्यों को मिली अनुकम्पा नियुक्ति


भोपाल

किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा 22 परिवारों के पात्र सदस्यों को गुरुवार 7 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर जन-प्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति-पत्र सौंपे गये। उक्त नियुक्तियाँ मुख्यमंत्री कोविड-19 अनुकम्पा नियुक्ति योजना अंतर्गत की गई हैं।

कलेक्टर कार्यालय इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, रीवा, सिवनी, झाबुआ, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम इत्यादि जिला मुख्यालयों पर जन-प्रतिनिधियों द्वारा शासन के नियमों एवं प्रावधानों के अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति-पत्र प्रदान किये। सागर संभाग में 5, जबलपुर में 4, उज्जैन में 3, भोपाल, इंदौर एवं ग्वालियर में 2-2 और शहडोल संभाग में एक अभ्यर्थी को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार कोविड संकट काल में कर्त्तव्य निर्वहन के दौरान 22 विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के आकस्मिक निधन से उनके एक-एक परिजन को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सभी 22 अभ्यर्थियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। इनमें सामान्य वर्ग के 11, अन्य पिछड़ा वर्ग के 7 और अनुसूचित-जाति एवं जनजाति वर्ग के 2-2 अभ्यर्थियों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई। नौ आवेदकों को नियमित पदों के विरुद्ध, जबकि 13 आवेदकों को वित्त एवं सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति अनुसार सांख्येत्तर पदों के विरुद्ध अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है।

Wednesday, 6 October 2021

नवदुर्गा उत्सव में गरबा भी होगा और डीजे भी बजेगा, लेकिन दस बजे तक

 नवदुर्गा उत्सव में गरबा भी होगा और डीजे भी बजेगा, लेकिन दस बजे तक


Shivraj Cabinet Decisions: नवदुर्गा उत्सव में गरबा भी होगा और डीजे भी बजेगा, लेकिन दस बजे तक

Tuesday, 5 October 2021

19 जिलों के 3000 ग्रामों में होगा भू-अधिकार अभिलेख का वितरण:राजस्व मंत्री राजपूत

19 जिलों के 3000 ग्रामों में होगा भू-अधिकार अभिलेख का वितरण:राजस्व मंत्री राजपूत

 

भोपाल

राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 19 जिलों के 3000 ग्रामों में स्वामित्व योजना के तहत एक लाख 71 हजार हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख का वितरण किया जाएगा। बताया कि 6 अक्टूबर को जन-कल्याण और सुराज अभियान के तहत हरदा में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा भौतिक रूप से भूमि अधिकार पत्रों का वितरण होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

अधिकार-पत्रों का होगा भौतिक वितरण

मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 24 अप्रैल 21 को प्रदेश के 1399 ग्रामों में अधिकार अभिलेख का वितरण कोरोना महामारी के कारण इलेक्ट्रॉनिक रूप में किया गया था, जिसका 6 अक्टूबर को भौतिक रूप से वितरण किया जाएगा। प्रदेश में इस योजना का क्रियान्वयन तीन चरणों में 10-10 जिलों को शामिल कर क्रमबद्ध रूप से प्रारंभ किया गया हैं।

24 जिलों में 24 ड्रोन बना रहे नक्शे

राजपूत ने बताया कि स्वामित्व योजना में सर्वे ऑफ इंडिया की सहायता से ग्रामों में बसाहट क्षेत्र पर ड्रोन के माध्यम से नक्शें का निर्माण तथा डोर-टॅ-डोर सर्वे कर अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश के 42 जिलों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।24 ड्रोन 24 जिलों में कार्य रह रहे हैं इनमें से 6500 ग्रामों में ड्रोन कार्य पूर्ण कर चुके हैं।

नियमों का किया सरलीकरण

मंत्री राजपूत ने बताया कि हितग्राहियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ प्रदान करने के लिए सर्वे के नियमों का आज की आवश्यकता के अनुसार सरलीकरण किया गया है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को विधिक दस्तावेज का दर्जा, सर्वे को समय सीमा में पूर्ण करना, अभिलेखों को पारदर्शिता के साथ तैयार करना, सर्वे प्रक्रिया को ऑन लाइन करना और एप्प के माध्यम सर्वेक्षक मौके पर धारक का नाम जोड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और अन्य राज्यों ने इसे अपने यहाँ लागू करने के लिए प्रक्रिया का अवलोकन भी किया है।