Friday, 22 October 2021

कश्‍मीर में आतंक का असर: जम्मू से आने वाली ट्रेनें फुल, दिसंबर के पहले हफ्ते तक नहीं हैं सीटें

कश्‍मीर में आतंक का असर: जम्मू से आने वाली ट्रेनें फुल, दिसंबर के पहले हफ्ते तक नहीं हैं सीटें

 

 पटना 
श्मीरी लोगों को टारगेट कर हत्या किए जाने के बाद वहां रह रहे लोग चिंतित हैं। कुछ लोग घर लौट रहे हैं तो कई असमंजस में हैं कि वहां रहा जाए या नहीं। फिलहाल जम्मूतवी से बिहार के अलग-अलग शहरों तक और यहां के स्टेशनों से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है।

जम्मूतवी से पटना आने वाली 02356 जम्मूतवी-पटना अर्चना स्पेशल में सामान्य श्रेणी से लेकर शयनयान व थर्ड एसी में लंबी वेटिंग है। स्लीपर में इस ट्रेन में 24 अक्टूबर को 284, 27 अक्टूबर को 229, 31 अक्टूबर को 238, तीन नवंबर को 238, सात नवंबर को 141 और 10 नवंबर को 177 वेटिंग है। वहीं, इसी ट्रेन के थर्ड एसी में 24 अक्टूबर को 58, 27 अक्टूबर को 52, 31 अक्टूबर को 84, तीन नवंबर को 79, सात नवंबर को 43 और 10 नवंबर को 14 वेटिंग है, जबकि इस ट्रेन में सेकेंड सीटिंग में अक्टूबर से नवंबर के दूसरे हफ्ते तक लंबी वेटिंग है। उधर, जम्मूतवी से बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, किउल के रास्ते हावडा जाने वाली 02332 स्पेशल में स्लीपर, थर्ड एसी व सामान्य श्रेणी में लंबी वेटिंग है। इस ट्रेन के स्लीपर में 24 अक्टूबर को 254, 25 अक्टूबर को 270, 28 अक्टूबर को 271, 31 अक्टूबर को 287 और एक नवंबर को 318 वेटिंग है। चार नवंबर को इसमें रीग्रेट स्थिति है।

 
जम्मूतवी से सासाराम, गया के रास्ते हावड़ा जाने वाली ट्रेन में 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक किसी भी श्रेणी में टिकट उपलब्ध नहीं है। जम्मूतवी कोलकाता स्पेशल 03152 में स्लीपर श्रेणी में 22 अक्टूबर को 274, 23 अक्टूबर को 183, 24 अक्टूबर को 190, 25 अक्टूबर को 151, 26 अक्टूबर को 148 और 27 अक्टूबर को 140 वेटिंग है। इसी तरह इसमें थर्ड एसी में 22 अक्टूबर को 72, 23 अक्टूबर को 91, 24 अक्टूबर को 54, 25 अक्टूबर को 50, 26 अक्टूबर को 40 और 27 अक्टूबर को 47 वेटिंग है, जबकि इस ट्रेन में 22 अक्टूबर को सेकेंड सीटिंग में रीग्रेट है। बाकी तिथियों में भी वेटिंग है।

PM मोदी15 नंवबर जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने भोपाल आएंगे

PM मोदी15 नंवबर जनजातीय गौरव दिवस में शामिल होने भोपाल आएंगे

 

भोपाल
मध्य प्रदेश में भले ही अभी विधानसभा चुनाव में लंबा समय बाकी हो, लेकिन बीजेपी ने मिशन 2023 के लिए मैदानी तैयारियां शुरू कर दी है। बीजेपी 15 नवंबर को भोपाल में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम करने जा रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। पीएम के प्रस्तावित दौरे के अनुसार वे करीब 2 घंटे भोपाल में रहेंगे। आयोजन में प्रदेश भर के करीब 4 लाख आदिवासियों को लाने की तैयारी है। प्रवास के दौरान मोदी पुनर्निमित हबीबगंज रेलवे स्टेशन का लोकार्पण भी कर सकते हैं।

मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस का कार्यक्रम भोपाल के जंबूरी मैदान में हाेगा। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ करीब डेढ़ लाख आदिवासियों के बैठने का इंतजाम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें दोपहर 12 से 2 बजे तक रहेंगे। आयोजन की रूपरेखा को लेकर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे अफसरों की बैठक बुलाई है। इसके बाद राज्य सरकार की तरफ से पीएमओ को प्रस्तावित कार्यक्रम भेजा जाएगा।

इससे पहले, 18 सितंबर को जबलपुर में राजा शंकरशाह- रघुनाथ शाह के शहीदी दिवस पर बीजेपी के आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। शाह के बाद अब मोदी के दौरे को भी आदिवासियों को 2023 के चुनाव के लिए लुभाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वजह यह है कि राज्य में 43 समूहों वाले आदिवासियों की आबादी 2 करोड़ से ज्यादा है, जो 230 में से 84 विधानसभा सीटों पर असर डालती हैं। मप्र में 2018 के विधानसभा चुनाव में BJP को आदिवासियों ने बड़ा नुकसान पहुंचाया था।

Thursday, 23 September 2021

इंदौर में 48 घंटे के अंदर मिले 10 पॉजिटिव

इंदौर में 48 घंटे के अंदर मिले 10 पॉजिटिव

 

इंदौर

हाल ही में एक माह के भीतर जिले में पांच बार कोरोना मरीजों की संख्या 0 होने के बाद 48 घंटे में ही 10 नए पॉजिटिव मिले हैं जबकि एक्टिव मरीज 23 हो गए हैं। इससे एक बार फिर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई हैं। इनमें से 5 को कोविड केयर सेंटर भर्ती किया गया है जबकि सभी की हिस्ट्री खंगाली जा रही है। स्वास्थ्य टीमों का अनुमान है कि इन सभी की ट्रेवल हिस्ट्री होने का अनुमान है। चूंकि आने वाले दिनों में त्यौहार हैं, इसके मद्देजनर कसावट की जा रही है।

दो दिन पहले प्रशासन ने फिर संख्या 0 आने पर राहत ली थी लेकिन अब स्थिति फिर बदल गई है। वैसे इन दिनों रोज विभिन्न फीवर क्लिनिकों व प्राइवेट अस्पतालों में करीब 8500 सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि इनमें अधिकांश सामान्य वायरल, बुखार आदि के होते हैं, फिर भी सैंपलिंग पर ज्यादा जोर दिया गया है। अब जो नए पॉजिटिव मिल रहे हैं वे सभी ए सिम्टोमैटिक मिल रहे है, उन्हें एहतियात बतौर कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जा रहा है। दरअसल, शहर में पहले डोज का 100 फीसदी वैक्सीनेशन हो चुका है जबकि दूसरे डोज का 48 फीसदी से ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है। इसके चलते जो नए पॉजिटिव मिल रहे हैं, उनमें ट्रेवल हिस्ट्र ही मुुख्य रूप से देखी जा रही है। उसमें भी सड़क मार्ग से यात्रा करने वालों को लेकर खास नजर है क्योंकि एयरपोर्ट पर कोविड टेस्ट किया जाता है और कुछेक बार पॉजिटिव भी सामने आए जिन्हें रोककर कोविड केयर सेंटर भेजा गया। रेलवे यात्रा को लेकर भी कसावट है लेकिन सड़क मार्ग को लेकर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। केरल, महाराष्ट्र से ट्रेवल कर आए लोगों पर ध्यान दिया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि गुरुवार सुबह 11 बजे स्वास्थ्य टीमें नए पॉजिटिव मरीजों के घर जाकर उनकी हिस्ट्री जुटाएगी तथा कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा।

Wednesday, 22 September 2021

सभी 6 नेशनल पार्क एक अक्टूबर से पुन: शुरू होंगे

सभी 6 नेशनल पार्क एक अक्टूबर से पुन: शुरू होंगे

 

भोपाल

वर्षाकाल में तीन महीने तक बंद रहे प्रदेश के सभी 6 टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों में एक अक्टूबर, 2021 से पुन: पर्यटन के लिये शुरू किये जायेंगे। इसके लिये 21 सितम्बर मंगलवार को प्रात: 11 बजे से ऑनलाइन अनुज्ञा-पत्रों की बुकिंग शुरू हो गई है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) आलोक कुमार ने बताया कि शाम 5 बजे तक अगले माह दशहरा उत्सव के कारण उन दिनों के शत-प्रतिशत अनुज्ञा-पत्र बुक हो चुके हैं।

आलोक कुमार ने बताया कि कान्हा नेशनल पार्क के लिये 1239, बाँधवगढ़ 1115, पेंच 737, सतपुड़ा 93, पन्ना 46 और संजय टाइगर रिजर्व के लिये 5 पर्यटकों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग कराई जा चुकी है। इन सभी नेशनल पार्क में अभी तक 3235 लोगों ने अपनी बुकिंग करा ली है।

बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में होगी नॉन टीचिंग स्टाफ की बंपर भर्ती

बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में होगी नॉन टीचिंग स्टाफ की बंपर भर्ती

 

 पटना 
 दो दशक बाद बिहार सरकार द्वारा प्रदेश के परंपरागत विश्वविद्यालयों व अंगीभूत महाविद्यालयों में तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति की उम्मीदें जग गयी हैं। मंगलवार को शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रिक्तियों का ब्योरा महाविद्यालय व विश्वविद्यालय द्वारा सरकार को भेजने को लेकर ऑनलाइन पोर्टल लांच किया। इस दौरान उन्होंने एफिलिएटेड डिग्री कॉलेजों के संबंधन एवं सम्बद्धता प्राप्त महाविद्यालयों को अनुदान की स्वीकृति के लिए भी दो अलग-अलग पोर्टल की शुरुआत की। तीन पोर्टलों की लांचिंग के मौके पर परंपरागत विश्वविद्यालय के कुलपति भी ऑनलाइन जुड़े रहे।

राज्य के विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में सन 2000 के बाद अनुकम्पा बहाली को छोड़ दें तो तृतीय श्रेणी के कर्मियों की नियुक्ति नहीं हुई है। इससे सभी जगह आधे से अधिक पद रिक्त हैं और कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। अपर मुख्य सचिव संजय कुमार और शिक्षा सचिव असंगबा चुबा आओ ने भी पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया को आरंभ करने की बात कही। पोर्टल की लांचिंग के बाद नियुक्ति पोर्टल को लेकर उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों की मंगलवार को एक कार्यशाला भी हुई। कॉलेज रिक्ति कब तक ऑनलाइन दर्ज करेंगे और विश्वविद्यालय उसे कबतक शिक्षा विभाग को अग्रसारित करेंगे, इसकी तारीख भी जल्द ही तय की जाएगी।

रिक्त पदों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड होगा
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि काफी वर्षों से राज्य के परंपरागत विश्वविद्यालयों एवं उनके अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षकेतर कर्मियों के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं। अब कॉलेज व विवि स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की पूर्ण सूचना पोर्टल पर देंगे। हर महीने के अंत तक पोर्टल के माध्यम से शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों की रिक्तियां अपडेट होंगी। रिक्त पदों के आरक्षण रोस्टर क्लियरेंस से आने के साथ ही नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। अधियाचना आयोग को भेजी जाएगी। तृतीय श्रेणी के कर्मियों की नियुक्ति अब विश्वविद्यालय नहीं कर सकेंगे। इसके लिए एक्ट में संशोधन किया गया है। नियुक्तियां आयोग के द्वारा की जाएंगी। आयोग का गठन या चयन (एसएससी) पर फैसला किया जाएगा।

तालिबान का समर्थन करने वालों पर करेंगे सख्त कार्रवाई, विपक्ष पर साधा निशाना: सीएम योगी

तालिबान का समर्थन करने वालों पर करेंगे सख्त कार्रवाई, विपक्ष पर साधा निशाना: सीएम योगी

 संभल 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल जनपद के कैला देवी धाम पर जनसभा को संबोधित करते हुए संभल के समाजवादी पार्टी सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क को निशाने पर लेते हुए कहा कि संभल में भी तालिबान का समर्थन करने वाले कुछ लोग पैदा हो गये हैं। ऐसे लोगों पर कानून के दायरे में सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि याद करना समाजवादी पार्टी का वह चेहरा है जो महिला विरोधी है, दलित विरोधी है, अति पिछड़ा विरोधी है, हिंदू विरोधी है और बच्चा विरोधी है। तालिबान जिस प्रकार की बर्बरता ढहा रहा है अफगानिस्तान में वह किसी से छिपा हुआ नहीं है। लेकिन किस बेशर्मी के साथ समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं के द्वारा तालिबान का समर्थन किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी भारत विरोधी गतिविधियों में व महिला विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों का समर्थन करेगा कानून के दायरे में रहकर ऐसे लोगों पर बहुत सख्त कार्रवाई करेंगे। भाजपा का संकल्प हर कार्यकर्ता के लिए हर नागरिक के लिए रहा है। हमारा कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ चलता है कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश। 

Monday, 20 September 2021

सामान्य से बेहतर रहा मॉनसून, दक्षिण-मध्य बिहार में अच्छी-खासी बारिश होने के आसार

सामान्य से बेहतर रहा मॉनसून, दक्षिण-मध्य बिहार में अच्छी-खासी बारिश होने के आसार

 

पटना
बिहार में मॉनसून सामान्य से बेहतर बना हुआ है. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का केंद्र व चक्रवाती दशा विकसित होने से प्रदेश में सामान्य तौर पर बारिश अभी जारी है. आइएमडी, पटना के मुताबिक दक्षिण-मध्य बिहार में अच्छी-खासी बारिश होने के आसार हैं.

इधर बिहार में बारिश का आंकड़ा 1012 मिलीमीटर को पार कर गया है. बारिश का यह आंकड़ा सामान्य से सात प्रतिशत अधिक है. आम तौर पर इस मौसम में 950 एमएम तक बारिश होती है, लेकिन इस बार स्थिति बेहतर रही.

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी की वजह से बिहार का मौसम रविवार को कुछ बोझिल महसूस हुआ. पिछले एक हफ्ते से चल रही तेज पुरवैया बंद हो गयी. हवा की रफ्तार कम हो जाने से पटना सहित समूचे मध्य बिहार में ज्यादा ऊमस और गर्मी महसूस की गयी. पूरे बिहार में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है.

फिलहाल बनी मौसमी दशाओं की वजह से सोमवार को उत्तर-पश्चिमी बिहार, दक्षिण पश्चिमी बिहार, दक्षिण मध्य बिहार, पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, पश्चिमी चंपारण, सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज में सामान्य से बेहतर बारिश होने के आसार हैं. यह स्थित अगले 48 घंटे तक बनी रह सकती है

Tuesday, 14 September 2021

जाट समुदाय के राजा महेंद्र प्रताप सिंह के जरिए वेस्ट यूपी में वोट बैंक पर बीजेपी की नजर

 जाट समुदाय के राजा महेंद्र प्रताप सिंह के जरिए वेस्ट यूपी में वोट बैंक पर बीजेपी की नजर

 

 

अलीगढ़
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी की जाट पॉलिटिक्स भी गरमा गई है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी को जाट वोट बैंक से जोड़कर देखा जा रहा है। किसान आंदोलन के बीच जाट बेल्ट में मुस्लिम-जाट समीकरण फिर से गेम बदल सकता है। वहीं राजा महेंद्र प्रताप सिंह को लेकर अखिलेश यादव भी बेचैन नजर आ रहे हैं। क्या वेस्ट यूपी में पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ ने राजा महेंद्र प्रताप के बहाने ट्रंप कार्ड खेला है। आइए समझते हैं।

यूनिवर्सिटी के लिए शिक्षा विभाग से 101 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 92 एकड़ जमीन पर इसका निर्माण होगा। इसे जाट राजा महेंद्र प्रताप के नाम से जाना जाएगा। राजा महेंद्र प्रताप सिंह 1915 में काबुल में स्थापित भारत की पहली प्रोविजनल सरकार के राष्ट्रपति भी थे। उस सरकार का गठन विभिन्न अफगान कबीलों के प्रमुखों तथा जापान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मदद से किया गया था। आजादी के बाद भारत लौटने पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अनेक शिक्षण संस्थानों की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।


सियासी जानकार इसे जाटों को साधने के लिए बीजेपी के सियासी दांव के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर बनने वाली इस यूनिवर्सिटी का असर यूपी विधानसभा चुनाव में लगभग 120 सीटों पर पड़ेगा। इन सीटों पर जाट वोट बैंक का प्रभाव है। उन्हें साधने के लिए ही बीजेपी राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर यूनिवर्सिटी खोल रही है। इसके अलावा इस पहल से वेस्ट यूपी की 18 सीटों पर सीधा असर पड़ेगा।

तीन कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर वेस्ट यूपी में बीजेपी का ग्राफ नीचे माना जा रहा है। वेस्ट यूपी के गांवों में कई जगह बीजेपी नेताओं का विरोध होने और पंचायत चुनाव में कम समर्थन मिलने से बीजेपी संगठन में बेचैनी हैं। 2013 में मुजफ्फरनगर हिंसा के बाद जाटों का बड़ा साथ बीजेपी को मिला था। जो 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के अलावा 2017 के विधानसभा चुनाव में भी बरकरार रहा। अब किसान आंदोलन से नाराजगी देखी गई। इसका सीधा असर पंचायत चुनाव में देखने को मिला। जिला पंचायत सदस्य से लेकर बाकी पदों पर बीजेपी को उम्मीद से भी कम जीत मिल सकी।


यूपी में कहा जाता है कि भले ही सूरज पूरब से उगता हो लेकिन यहां सत्ता का सूर्योदय पश्चिम से होता है। 2017 के विधानसभा चुनाव में वेस्ट यूपी की 136 सीटों में से बीजेपी ने 102 सीटें जीती थीं। यहां पर लगभग 17 फीसदी वोट बैंक जाटों का है। किसान आंदोलन से बीजेपी का यह वोट बैंक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अगर जाटलैंड पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर यूनिवर्सिटी होगी तो इसका असर जाट वोटों पर जरूर होगा।

Saturday, 11 September 2021

21 वर्षीय छात्रा का दुष्कर्म अब दबाव बनाकर मुस्लिम धर्म अपनाने को मजबूर किया

 21 वर्षीय छात्रा का दुष्कर्म अब दबाव बनाकर मुस्लिम धर्म अपनाने को मजबूर किया

 

इंदौर
जूनी इंदौर थाना पुलिस ने 21 वर्षीय युवती की शिकायत पर इंतेखाब अहमद को दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और लव जिहाद के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपित 21 वर्षीय सीएस छात्रा पर मुस्लिम धर्म स्वीकार करने के लिए दबाव बनाता था। उसने पीड़िता का अश्लील वीडियो भी बना लिया था। उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। टीआइ आरएनएस भदौरिया के मुताबिक, गुलजार कालोनी निवासी आरोपित इंतेखाब पुत्र इकबाल अहमद युवती के साथ स्कूल में पढ़ता था। उस वक्त पीड़िता और इंतेखाब में सामान्य बातचीत होती रहती थी। वर्ष 2016 में पीड़िता ने स्कूल छोड़ दिया। वर्ष 2017 में आरोपित इंतेखाब ने युवती को फोन किया और मिलने के बहाने घर आया। उसने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध भी बनाए। खुफिया कैमरे और मोबाइल से उसके अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए। पीड़िता ने दूर जाने का प्रयास भी किया, लेकिन हर बार इंतेखाब वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी देता था। इस कारण पीड़िता अवसाद का शिकार हो गई। एएसपी राजेश व्यास के मुताबिक, मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को उसे जेल भेज दिया गया।


मैं सीएस की तैयारी कर रही हूं। इंतेखाब मुझे रिंग रोड की होटल में लेकर जाता था। मैंने अलग होने का प्रयास भी किया लेकिन वह वीडियो दिखा देता था। जब भी मिलता निकाह का दबाव बनाता। उसने कहा तुम धर्म बदल लो। मैं काफी परेशान हो चुकी थी। उसने कहा था कि सब बातें किसी को बताई तो जान से खत्म कर दूंगा। चार सितंबर को स्वजन की अनुपस्थिति में वह चाकू लेकर घर में घुस गया। उसने धमकाया और कहा बातें नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा। कुछ देर बाद माता, पिता और भाई आए तो उसकी स्थिति देख शक हुआ। काउंसिलिंग के बाद पूरा घटनाक्रम बताया और थाने पहुंची। रावजी बाजार थाना की एसआइ सीमा धाकड़ ने उसके बयान लिए और आरोपित पर केस दर्ज किया।

दरगाह आला में अब घर से भागकर आए जोड़ों का निकाह नहीं होगा

 दरगाह आला में अब घर से भागकर आए जोड़ों का निकाह नहीं होगा

 

बरेली
आला हजरत दरगाह परिसर में अब घर से भागकर आने वाले लड़के-लड़कियों का निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा। दरगाह प्रमुख एवं मरकजे अहले सुन्नत के मुतवल्ली मौलाना सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां की ओर से इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस में कहा गया है कि तमाम लड़कियाें और लड़कों का घर से भागकर कोर्ट, दरगाहों या मस्जिदों में निकाह करना आम है लेकिन कोई भी विवाद होने पर दरगाह और मस्जिदों में निकाह पढ़ाने वालों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी वजह से दरगाह आला हजरत में ऐसे जोड़ों का निकाह पढ़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सुब्हानी मियां ने इस नोटिस में हर खासो आम को आगाह करते हुए कहा है कि दरगाह आला हजरत के अहाते, दारुल उलूम मंजरे इस्लाम, रजा मस्जिद, अफ्रीकी हॉस्टल या इससे मुताल्लिक दफ्तरों में यहां के काजी, मुफ्ती, इमाम और मौलवी कोई निकाह नहीं पढ़ाएंगे।

सुब्हानी मियां ने आगाह किया है कि अगर इन जगहों पर किसी ने निकाह पढ़ाया या यहां निकाह पढ़ाए जाने का झूठा इल्जाम लगाया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरगाह से जुड़े संगठन तहरीके तहफ्फुजे सुन्नियत (टीटीएस) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य परवेज नूरी ने बताया कि इस सूचना के बाबत दरगाह परिसर और आसपास पोस्टर भी लगा दिए गए हैं ताकि कोई यहां निकाह पढ़वाने के लिए न आए।

नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा का होगा विस्तार - उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.यादव

 नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा का होगा विस्तार - उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.यादव

 

भोपाल

नई शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे। नई शिक्षा नीति लागू करने करने वाला मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। भारत की संस्कृति और सभ्यता की पूरे विश्व में पहचान है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव सागर जिले के खुरई विकासखंड के अंतर्गत नगर पंचायत बांदरी में 6 करोड़ 18 लाख की लागत से बनने वाले महाविद्यालय भवन के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री यादव ने कहा कि बांदरी महाविद्यालय में वाणिज्य एवं विज्ञान विषय शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि अब नई शिक्षा नीति से 131 विषय में से कोई भी विषय महाविद्यालय शुरू कर सकता है। साथ ही महाविद्यालय में शीघ्र ही ऑडिटोरियम, ओपन जिम, खेल मैदान और वाहन स्टेंड भी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से ही छात्र-छात्राएं डिप्लोमा एवं डिग्री एक साथ कर सकते हैं। नई शिक्षा नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए शीघ्र ही महाविद्यालय स्तरों पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी जिसमें विद्वान शिक्षकों द्वारा नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से चर्चा होगी ।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में अब पूर्ण विकास होने पर ही विकास का पहिया रुकेगा। उन्होंने कहा कि 6 करोड़ 18 लाख की लागत से बनने वाला महाविद्यालय भवन गुणवत्तापूर्ण, अत्याधुनिक तरीके से बनेगा। इसके बन जाने से क्षेत्र के छात्र -छात्राओं को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। बांदरी में ही 3 हजार से अधिक आवास तैयार कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक करोड़ 52 लाख की मशीनरी भी बांदरी नगर परिषद को प्रदान की गई है। शीघ्र ही नगर परिषद में कर्मचारियों की नियुक्ति भी होगी। उन्होंने बांदरी को शीघ्र ही तहसील का दर्जा दिलाने की बात भी कही। मंत्री सिंह ने कहा कि वन विभाग के माध्यम से 25 एकड़ जमीन हस्तांतरित कर विकास के अन्य कार्य कराए जाएंगे।

सांसद राज बहादुर सिंह ठाकुर ने कहा कि बांदरी में महाविद्यालय आ जाने से अब बेटियाँ शिक्षा से वंचित नहीं होंगी। विधायक महेश राय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती-पूजन एवं कन्या-पूजन के साथ किया गया।

उत्तर प्रदेश में अपने पांव टिकाने की कोशिश में जुटी आम आदमी पार्टी

 उत्तर प्रदेश में अपने पांव टिकाने की कोशिश में जुटी आम आदमी पार्टी

 


 लखनऊ
आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने पांव टिकाने की कोशिश में जुटी है. पिछले दिनों पार्टी ने उत्तर प्रदेश के नोएडा और आगरा में 'तिरंगा संकल्प यात्रा' निकालकर पार्टी के चुनावी अभियान को तेज़ी दी है.

राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दोनों शहरों में आयोजित तिरंगा यात्रा में न केवल शामिल हुए बल्कि नोएडा में मनीष सिसोदिया ने यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान भी किया.

इससे पहले लखनऊ में पार्टी 'तिरंगा संकल्प यात्रा' निकाल चुकी है और आगामी 14 सितंबर में इस यात्रा के अयोध्या में भी निकाले जाने की तैयारी हो रही है. 23 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में पार्टी ने एक महीने में एक करोड़ कार्यकर्ताओं की औपचारिक भर्ती का अपना लक्ष्य बनाया है

Thursday, 9 September 2021

कोविड टीकाकरण महाअभियान 17 सितम्बर की सभी व्यवस्थाएँ समय पर सुनिश्चित हों : एसीएस स्वास्थ्य

 कोविड टीकाकरण महाअभियान 17 सितम्बर की सभी व्यवस्थाएँ समय पर सुनिश्चित हों : एसीएस स्वास्थ्य

 

भोपाल

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान ने सभी कलेक्टर और सीएमएचओ को निर्देश जारी किए हैं कि कोविड टीकाकरण महाअभियान की सभी व्यवस्थाएँ समय पर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सितम्बर माह तक सभी पात्र हितग्राहियों को प्रथम डोज और दिसम्बर माह अंत तक वैक्सीन के दोनों डोज लगाये जाने का लक्ष्य राज्य सरकार ने निर्धारित किया है।

वर्तमान में प्रदेश में 73 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई गई है। जबकि 17 प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को दोनों डोज लगी है। प्रदेश में इंदौर जैसे उदाहरण हैं जहां शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को वैक्सीन की पहली डोज लगायी गई है, वहीं कई जिले अभी भी लक्ष्य से बहुत पीछे है। एसीएस स्वास्थ्य ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने 5 सितम्बर, 2021 को सभी जिलों के साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित किये हैं, परन्तु देखने में आया है कि इन लक्ष्यों के अनुरूप वैक्सीनेशन नहीं हो पा रहा है। जिलों की जिम्मेदारी है कि साप्ताहिक लक्ष्य को दैनिक लक्ष्य में विभाजित कर वैक्सीनेशन सुनिश्चित करें।

एसीएस स्वास्थ्य ने कहा है कि 17 सितम्बर, 2021 को वैक्सीनेशन महाअभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15, 16 और 18 सितम्बर को सामान्य वैक्सीनेशन के दिन है। इन दिनों में पूर्व में दिये लक्ष्य के अनुसार वैक्सीनेशन करना है। इसके अलावा 17 सितम्बर, 2021 को कोविड टीकाकरण महाअभियान के लिए पृथक से वैक्सीनेशन डोज की व्यवस्था की जा रही है। महाअभियान के लिए जिलेवार वैक्सीन की उपलब्धता और उसके वितरण की व्यवस्था से जिलों को 12 सितम्बर तक अवगत करा दिया जायेगा। टीकाकरण महाअभियान 17 सितम्बर के अतिरिक्त 15, 16 और 18 सितम्बर को भी वैक्सीनेशन का कार्य यथावत चलाया जाएगा।

एसीएस स्वास्थ्य ने कहा है कि टीकाकरण महाअभियान के लिए पूर्व में दिये गये निर्देशों के अनुसार जन-सहयोग लिया जाना अपेक्षित है। सभी जन-प्रतिनिधियों, सभी संगठनों के प्रतिनिधियों, क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों को भी महाअभियान में सक्रिय रूप से सम्मिलित किया जाए। टीकाकरण महाअभियान में द्वितीय डोज को लगवाने के लिए यह आवश्यक होगा कि सेशन का चयन 13 सितम्बर, 2021 तक पूर्ण कर लिया जाये। सेशन साइट पर द्वितीय डोज के लिए पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर उसे क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों को भी दिया जाये।

कोविड वैक्सीनेशन प्रदेश में 5 करोड़ के पार हुआ

 कोविड वैक्सीनेशन प्रदेश में 5 करोड़ के पार हुआ

 

भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना नियंत्रण एवं बचाव के लिए वैक्सीनेशन का कार्य लगातार जारी है। बुधवार को प्रदेश में वैक्सीनेशन का आंकड़ा 5 करोड़ को पार कर गया है। इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला और टीकाकरण कार्य से जुड़े सभी वर्ग बधाई के पात्र है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि कोरोना महामारी पर नियंत्रण बनाये रखने और महामारी को पूरी तरह से समाप्त करने में सभी लोगों का टीकाकरण बहुत जरूरी है। इसके मद्देनजर प्रदेश में टीकाकरण अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने 17 सितम्बर के टीकाकरण महाअभियान में सभी वर्गों से पहले की तरह सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि प्रदेश के 18 वर्ष से अधिक आयु के शत-प्रतिशत लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज सितम्बर अंत तक लगाने के लक्ष्य को पाने के बाद दूसरी डोज कम से कम समय में लगाने का हमारा प्रयास जारी रहेगा।

एम.डी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास ने बताया कि टीकाकरण महाअभियान में सभी वर्गों के समन्वित प्रयासों से आई जन-जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग के राज्य-स्तर से लेकर टीकाकरण केन्द्र तक कार्य करने वाले चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ के अथक प्रयासों से 5 करोड़ से अधिक कोरोना टीके लगाने का रिकॉर्ड बना है। बुधवार शाम 5 बजे तक कुल 5 करोड़ 69 हजार 857 वैक्सीन डोज लगाये गये हैं। इनमें 4 करोड़ 6 लाख 90 हजार 4 लोगों को पहली डोज और 93 लाख 79 हजार 853 लोगों को पहली और दूसरी डोज लगाई गई है।

जिलेवार अब तक हुआ वैक्सीनेशन

एम.डी एनएचएम ने बताया कि बुधवार 8 सितम्बर तक ग्वालियर जिले में 16 लाख 27 हजार 277, मंडला में 5 लाख 99 हजार 890, इंदौर में 39 लाख 20 हजार 290, रीवा में 13 लाख 77 हजार 718, भोपाल में 25 लाख 13 हजार 610, सागर में 17 लाख 5 हजार 473, नरसिंहपुर में 7 लाख 87 हजार 506, मुरैना में 11 लाख 37 हजार 853, उज्जैन में 17 लाख 29 हजार 193, पन्ना में 5 लाख 68 हजार 514, दमोह में 8 लाख 36 हजार 105, खरगोन में 10 लाख 52 हजार 787, सिंगरौली में 6 लाख 24 हजार 089, शाजापुर में 6 लाख 79 हजार 725, छिन्दवाड़ा में 13 लाख 26 हजार 186, बैतूल में 10 लाख 28 हजार 670, कटनी में 7 लाख 61 हजार 218, अलीराजपुर में 3 लाख 57 हजार 157, भिण्ड में 9 लाख 31 हजार 451, सतना में 11 लाख 48 हजार 654, सिवनी में 9 लाख 540, जबलपुर में 20 लाख 21 हजार 590, आगर मालवा में 4 लाख 56 हजार 669, खंडवा में 8 लाख 79 हजार 666 हजार, झाबुआ में 5 लाख 25 हजार 668, नीमच में 6 लाख 50 हजार 677, शिवपुरी में 9 लाख 67 हजार 332, बुरहानपुर में 5 लाख 53 हजार 82, धार में 11 लाख 95 हजार 132, बालाघाट में 10 लाख 81 हजार 660, देवास में 11 लाख 11 हजार 688, मंदसौर में 9 लाख 36 हजार 803, रतलाम में 11 लाख 8 हजार 821, शहडोल में 7 लाख 93 हजार 559, सीहोर में 10 लाख 47 हजार 419, विदिशा में 9 लाख 65 हजार 522, टीकमगढ़ में 9 लाख 555, बड़वानी 7 लाख 15 हजार 93, हरदा में 4 लाख 36 हजार 34, उमरिया में 3 लाख 86 हजार 906, होशंगाबाद में 9 लाख 4 हजार 152, श्योपुर में 3 लाख 25 हजार 939, राजगढ़ में 11 लाख 4 हजार 676, छतरपुर में 10 लाख 81 हजार 485, डिंडोरी में 4 लाख 81 हजार 654, दतिया में 5 लाख 64 हजार 205, रायसेन में 8 लाख 57 हजार 957, सीधी में 5 लाख 72 हजार 739, अनुपपूर में 4 लाख 64 हजार 769, अशोकनगर में 5 लाख 40 हजार 285 और गुना जिले में 8 लाख 24 हजार 214 लोगों को वैक्सीन के डोज लगाये गये हैं।

जनजातीय क्षेत्रों में संचालित आवासीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत सीटों में प्रवेश हो

 जनजातीय क्षेत्रों में संचालित आवासीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत सीटों में प्रवेश हो

भोपाल

जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में संचालित आवासीय विद्यालयों में उपलब्ध सीटों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की। जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह आज मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश स्पेशल एण्ड रेसिडेंशियल एकडेमिक सोसायटी की बैठक को संबोधित कर रहीं थी। बैठक में बताया गया कि सोसायटी द्वारा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में 155 विशिष्ट आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, आयुक्त जनजातीय कार्य श्री संजीव सिंह, संचालक सुश्री शैलबाला मार्टिन एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने कहा कि आवासीय विद्यालयों के भवन निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये। प्रदेश में वर्तमान में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में करीब 25 हजार जनजातीय छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में नेशलन टेस्टिंग एजेन्सी से रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

वन अधिकार पट्टों के पुन: परीक्षण के कार्य में तेजी लाए

जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत विभागीय अधिकारियों को पूर्व के निरस्त दावों के पुन: परीक्षण के कार्य में तेजी लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये है। बैठक में बताया गया है कि जिला स्तरीय समिति द्वारा अब तक प्रदेश में 34 हजार 152 दावे मान्य किये जा चुके है। बैठक में वन अधिकार दावों के निराकरण के लिये तैयार किये गये एमपी वन मित्र पोर्टल पर भी चर्चा की गई। यह पोर्टल महाराष्ट्र नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमकेसीएल) ने तैयार किया है। पोर्टल को श्रेष्ठ कार्य के लिये केन्द्रीय सरकार द्वारा पुरस्कृत किये जाने के लिये इस वर्ष नामांकित किया गया है।

 

किसानों की लग गई लॉटरी, बिन खाद, बिन पानी हो रहे मालामाल

 किसानों की लग गई लॉटरी, बिन खाद, बिन पानी हो रहे मालामाल

शहडोल
अमरू की खेती शहडोल के किसान के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अमरू को ज्यादा पानी नहीं चाहिए. ये बंजर भूमि में भी बंपर पैदावार देता है. विटामिन और मिनरल्स से भरपूर अमरू की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है. इस साल जिले में करीब 400 एकड़ जमीन पर अमरू की खेती की गई है. ज्यादातर लोग अभी भी अमरू से अंजान हैं. आइए जानते हैं कि आखिर ये अमरू है क्या और ये कैसे किसानों को मालामाल कर रहा है.

किसानों को मालामाल और खाने में लाजवाब इस पौधे को इंग्लिश में रोजेला कहा जाता है. कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर मृगेंद्र सिंह बताते हैं कि ये मालवेसिस फैमिली का पौधा है इसकी खेती मुख्य रूप से खरीफ के सीजन में की जाती है. हालांकि यह लोकल या फिर स्थानीय भाषा में अमरू के नाम से प्रसिद्ध है. अमरू के फूल आ जाने पर यह जितना खूबसूरत लगता है उतना ही खाने में भी लाजवाब है. इसलिए अधिकतर ग्रामीण इसकी चटनी बड़े चाव से खाते हैं . अमरू के पत्ते की भाजी भी खाते हैं. इसे आम का रिप्लेसमेंट भी माना जाता है जो स्वाद में खट्टा होता है।

कृषि वैज्ञानिक डॉ मृगेंद्र सिंह कहते हैं कि शहडोल जिले में एक बड़ी समस्या आवारा मवेशियों की है. कई किसान अपनी जमीन ही खाली छोड़ देते हैं .ऐसे किसानों के लिए अमरू की फसल एक वरदान साबित हो सकती है. वजह है, अमरू की फसल को मवेशी भी नहीं खाते हैं. ये किसी भी तरह की जमीन में उग जाता है. पथरीली हो या कम उपजाऊ हो. इस फसल में कभी कीड़े- मकोड़े नहीं लगते. इस पौधे के फल के साथ-साथ फूल, पत्ते और बीज भी काम में आते हैं. सिंचाई की जरूरत नहीं, कोई ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं. इसे मवेशियों से भी कोई खतरा नहीं.

एक फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ प्रदीप सिंह बघेल बताते हैं कि अमरूऔर ये कैसे किसानों को मालामाल कर रहा है.अपने क्षेत्र के किसानों के लिए बड़े काम का है. ये धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन पिछले साल से हम लोगों ने एक बार फिर से इसे जिंदा करने की कोशिश की है. पिछले साल हमारी फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से करीब 10 एकड़ जमीन पर अमरू की खेती करवाई गई थी. इस बार करीब 400 एकड़ में अमरू की खेती की गई है.

फार्मा प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ प्रदीप सिंह बघेल के मुताबिक अगर कोई किसान अमरू की खेती करता है, तो सिर्फ बीज खरीदने में ही पैसा लगेगा. इसके अलावा कुछ भी खर्च नहीं है. किसान एक एकड़ से करीब ₹30, 000 तक नेट प्रॉफिट कमा सकता है.

प्रदीप सिंह बघेल के मुताबिक इसे जुलाई में लगाया जाता है. अक्टूबर में फूल आते हैं. फिर इसे कटिंग करके सुखाकर भी बेच सकते हैं. ज्यादातर ग्रामीण गर्मी के सीजन में इसकी चटनी बनाकर खाने में इस्तेमाल करते हैं. आजकल इसका इस्तेमाल दवा के लिए भी हो रहा है. इसका जूस, जैम , जेली जैसै कई उत्पाद आजकल मार्केट में मिलने लगे हैं. किसान को एक किलो के 80 से ₹100 मिल जाते हैं.

युवा किसान पीयूष गर्ग बताते हैं कि उनकी जमीन पथरीली थी, अनुपजाऊ थी. कई बार उस जमीन पर उन्होंने दूसरी फसलें लगाई. लेकिन घाटा ही हुआ. उन्होंने कई सालों से जमीन को खाली छोड़ दिया था. अब उस जमीन पर अमरू की खेती की है. बड़े पैमाने पर अमरू लगवाया है पीयूष गर्ग बताते हैं कि हमारी 5 एकड़ की जमीन थी. पिछले 20 सालों से बंजर पड़ी हुई थी. कई बार हमने कुछ-कुछ लगाने की कोशिश की. लेकिन कुछ नहीं मिला. फिर किसी ने अमरू के बारे में बताया. इसे यहां करीब 3 एकड़ में लगाया है. इसके अलावा हमारा एक और 20 एकड़ का प्लाट है. उसमें भी हमने अमरू ही लगाया हुआ है.

आयुर्वेद डॉक्टर अंकित नामदेव अमरू के औषधीय फायदे को गिनाते हुए बताते हैं कि अमरू के फूल की जो पंखुड़ियां होती हैं ये डायरूटिक प्रॉपर्टीज होती हैं. यूटीआई बर्निंग मिचुरेशन या पेशाब की जलन में इसके पत्तियों को पानी में भिगोकर 6 घंटे रखा जाए. इसको छानकर अगर थोड़ा सा शक्कर के साथ पिया जाए तो काफी अच्छा फायदा मिलता है. ये कार्डियक टॉनिक है. इसका रोजाना इस्तेमाल करने से हृदय के मांसपेशियों को ताकत मिलती है. इसमें बीटा केरोटीन है, एन्टी ऑक्सीडेंट है, कैरोटिनाईड है.

 

मिला खजाना: औरंगाबाद-गया में पोटाश तो रोहतास में मिले क्रोमियम-निकेल के भंडार, खनन को मिली मंजूरी

 मिला खजाना: औरंगाबाद-गया में पोटाश तो रोहतास में मिले क्रोमियम-निकेल के भंडार, खनन को मिली मंजूरी

 पटना 
बिहार में पोटाश, क्रोमियम और निकेल के भंडार मिले हैं। औरंगाबाद और गया जिले में पोटाश तथा रोहतास में क्रोमियम और निकेल की भारी मात्रा मौजूद है। भारत सरकार ने इसकी पुष्टि की है। बिहार सरकार को इनकी माइनिंग (खनन) के लिए हरी झंडी दी है। बुधवार को नई दिल्ली में खनिजों की खोज पर आधारित उच्चस्तरीय बैठक में बिहार को खनन के लिए चार ब्लॉक आवंटित किए गए। इनमें औरंगाबाद और गया जिले में पोटाश के एक-एक ब्लॉक तथा रोहतास जिले में क्रोमियम और निकेल के एक-एक माइनिंग ब्लॉक हैं। केंद्रीय खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के खान मंत्री जनक राम को चारों खनिज ब्ल़ॉक से संबंधित बुकलेट सौंपे। इस मौके पर बिहार के खान सचिव हरजीत कौर बाम्हरा भी मौजूद थीं। 

जल्द होगी चारों खानों की नीलामीः जनक 
बिहार के खान मंत्री जनक राम ने बताया कि तीन खनिजों के चार ब्लॉकों का मिलना बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि है। जल्द इन चारों ब्लॉक की नीलामी के लिए कार्रवाई की जाएगी। यह भी कहा कि इससे न सिर्फ प्रदेश में रोजगार का सृजन होगा, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। तीनों खनिजों के भंडार मिलने के बाद बिहार देश के खनिज मानचित्र पर आ गया है। आने वाले दिनों में इससे हजारों की संख्या में रोजगार पैदा हो सकते हैं। 
 
क्या होगा फायदा
पोटाश के आधार पर बिहार में खाद उद्योगों की शृंखला विकसित हो सकती है। इसी तरह क्रोमियम और निकेल के आधार पर इस्पात उद्योगों के लिए तैयार होने वाले उत्पादों की शृंखला विकसित हो सकती है। कई बड़े उद्योगों के लिए भी प्रोडक्ट तैयार हो सकते हैं। इससे अर्थव्यवस्था का चक्र विकसित होने से उद्योगों की शृंखला तैयार हो सकती है।

 

Wednesday, 8 September 2021

बिहार: पुलिस टीम पर हमला, SHO सहित 6 जख्मी, युवक की मौत से भड़के लोग

 बिहार: पुलिस टीम पर हमला, SHO सहित 6 जख्मी, युवक की मौत से भड़के लोग

  खगड़िया 
खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र के बेला में मंगलवार को लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया। आक्रोशितों के हमले में थानाध्यक्ष सहित छह जवान घायल हुए हैं। घटना की वजह से इलाका कुछ देर के लिए रणक्षेत्र बना रहा।  मौके पर पहुंचे एसडीपीओ सुमित कुमार ने मामले को शांत कराया। लोगों का गुस्सा उस युवक की शव बरामदगी के बाद फूटा, जो सोमवार को पुलिस के डर से नदी में कूद गया था। सोमवार की शाम बेला में पुलिस को देखकर चार लोग भागे। इसी दौरान माड़र के रामविलास नोनियां का पुत्र लक्ष्मण नदी में कूद गया। पुलिस देर शाम घटनास्थल पर नहीं पहुंची।  मंगलवार को एसडीआरएफ ने शव को बरामद किया। इसके बाद आक्रोशितों ने सड़क जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस पर रोड़ेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान एक सिपाही की आक्रोशितों ने पिटाई भी कर दी। एसपी अमितेश कुमार ने बताया  आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों का हल्ला बोल

 मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों का हल्ला बोल

 

 नई दिल्ली 
 आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को दिल्ली सचिवालय पर प्रदर्शन किया। जिसमें मानदेय बढ़ाने से लेकर आईसीडीएस योजना में रिक्त पदों को भरने की मांग सरकार से की गई। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या मे आंगनवाड़ी महिलाएं शामिल हुई। दिल्ली स्टेट आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन का आयोजन हुआ था। साथ ही अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।

यूनियन की अध्यक्षा शिवानी कौल ने कहा कि पिछले लंबे समय से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को पूरा मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कई सारे आँगनवाड़ी केंद्रों का किराया भी नहीं आ रहा है। कोरोना काल के दौरान जोखिम में जमीनी स्तर पर कार्यरत आँगनवाड़ीकर्मियों के लिए समुचित सुरक्षा उपकरणों का इंतजाम भी नहीं किया गया। कर्मियों ने तमाम अभावों के बावजूद भी कोरोना काल में कड़ी मेहनत की और कोरोना महामारी को हराने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन सरकारों ने आँगनवाड़ी कर्मियों के साथ धोखा किया है।

उन्होंने बताया कि पिछली बार 58 दिन चली हड़ताल के बाद अगस्त 2017 में बढ़ाया गया था। 11 सितम्बर 2018 को भी सरकार ने मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा की थी। लेकिन इसमें घोषित राशि हमें आज तक नहीं मिली। फिर सितंबर 2019 में एक अधिसूचना जारी करके अपने हिस्से में से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय घटा दिया गया। वहीं यूनियन की मीडिया प्रभारी वृषाली श्रुति ने बताया कि सरकार आंगनवाड़ीकर्मियों के हितों के साथ न्याय नहीं कर रही हैं। मंहगाई बढ़ रही है लेकिन आँगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय में कटौती की जा रही है।

इंडोनेशिया की एक जेल में लगी आग, 41 कैदियों की मौत

 इंडोनेशिया की एक जेल में लगी आग, 41 कैदियों की मौत

 

 नई दिल्ली 
इंडोनेशिया की राजधानी के निकट बुधवार तड़के एक जेल में आग लगने से कम से कम 41 कैदियों की मौत हो गई, वहीं 39 अन्य झुलस गए। न्याय मंत्रालय के सुधार विभाग के प्रवक्ता रिका अपरिआंती ने कहा कि यह आग राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित तांगेरांग जेल के 'सी ब्लॉक में लगी। इस जेल में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अपराधियों को रखा जाता है। अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि इस जेल की क्षमता 1225 कैदियों को रखने की है लेकिन यहां दो हजार से अधिक कैदियों को रखा गया था। आग लगने के वक्त जेल के 'सी ब्लॉक में 122 कैदी थे। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सैनिकों को आग बुझाने के काम में लगाया गया। प्रवक्ता ने बताया कि कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका और सभी कैदियों को अस्पताल पहुंचाया गया।

जेल से भागने के लिए और दंगों के कारण आग लगना इंडोनेशिया में आम है, जेलों में भीड़भाड़ एक समस्या बन गई है जो खराब फंडिंग से जूझ रही हैं और बड़ी संख्या में लोग अवैध ड्रग्स के खिलाफ गिरफ्तार हुए हैं।